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बारिश की श्रापित मेढकी

पढ़ने का समय : 7 मिनट

बारिश का मेढ़क और सात जन्मों की मेढ़की

 

शहर से थोड़ा दूर एक पुराना जंगल था। उस जंगल के बीचों-बीच एक टूटी हुई हवेली थी, जिसके बारे में कहा जाता था कि वहां कभी एक बहुत ही घमंडी राजकुमार रहता था।

 

उस राजकुमार का नाम था एडविन।

 

एडविन देखने में बेहद सुंदर और राजसी था, लेकिन उसके अंदर घमंड कूट-कूटकर भरा हुआ था। उसे अपनी दौलत, अपने महल और अपनी खूबसूरती पर बहुत नाज था।

 

एक दिन तेज बारिश हो रही थी। एडविन अपने घोड़े पर बैठकर जंगल के रास्ते से गुजर रहा था। रास्ते में उसे एक बूढ़ी औरत दिखाई दी, जो बारिश में भीगती हुई सड़क किनारे बैठी थी।

 

बूढ़ी औरत ने हाथ उठाकर कहा,

 

“बेटा, मुझे थोड़ा सहारा दे दो। बारिश रुकने तक मुझे कहीं बैठने की जगह चाहिए।”

 

एडविन ने घमंड से उसकी तरफ देखा।

 

“मेरे पास तुम्हारे लिए समय नहीं है। रास्ते से हटो।”

 

बूढ़ी औरत ने फिर कहा,

 

“बस थोड़ी देर के लिए मुझे अपने महल में जगह दे दो।”

 

एडविन हंस पड़ा।

 

“तुम जैसी गरीब औरत मेरे महल में? वहां तुम्हारे लिए जगह नहीं है।”

 

बूढ़ी औरत की आंखों में अचानक एक अजीब सी चमक आई।

 

उसने शांत आवाज में कहा,”जिस खूबसूरती और राजसी जिंदगी पर तुम्हें इतना घमंड है, वही तुमसे छिन जाएगी। अब तुम तब तक इंसान नहीं बनोगे, जब तक तुम्हें सच्चा प्यार नहीं मिल जाता।”

 

एडविन कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आसमान में बिजली चमकी।

 

अगले ही पल वह गायब हो गया।

जब उसकी आंख खुली तो वह एक छोटे से गंदे पानी के गड्ढे में पड़ा था।

वह अब राजकुमार नहीं था।वह एक मेढ़क बन चुका था।

 

एडविन ने पानी में अपना चेहरा देखा और घबरा गया।

 

“ये क्या हो गया?”

उसने बोलने की कोशिश की, लेकिन उसके मुंह से सिर्फ टर्र-टर्र की आवाज निकली।

दिन बीतते गए।

 

बारिश आती तो नालियों और सड़कों का पानी बहकर जंगल के उस हिस्से में जमा हो जाता। वही गंदा पानी अब एडविन का घर बन गया था।

 

महल की जगह कीचड़ थी।

मखमली बिस्तर की जगह गीली मिट्टी थी।

 

और राजसी भोजन की जगह छोटे-छोटे कीड़े।

 

एडविन को धीरे-धीरे अपनी पुरानी जिंदगी याद आती और वह दुखी हो जाता।

 

उधर उसी जंगल में एक छोटी सी मेढ़की रहती थी।

 

उसका नाम था लिली।

 

लेकिन लिली भी कोई साधारण मेढ़की नहीं थी।

 

वह एक जादुई मेढ़की थी, जिसे भी एक श्राप मिला हुआ था।

 

उसे अपनी जिंदगी के सात जन्म मेढ़की बनकर बिताने थे।

 

लेकिन उसके श्राप में एक शर्त थी।

 

“जब तक कोई इंसान तुम्हें तुम्हारे रूप के कारण नहीं, बल्कि तुम्हारे दिल के कारण सच्चा प्यार नहीं देगा, तब तक तुम अपने असली रूप में वापस नहीं आ पाओगी।”

 

लिली को यह बात बचपन से पता थी।

 

इसीलिए वह हमेशा सोचती थी कि शायद उसके लिए इंसानी प्यार कभी लिखा ही नहीं गया।

 

एक शाम बहुत तेज बारिश हुई।

 

बारिश का पानी बहते-बहते उसी गंदे गड्ढे में आ गया जहां एडविन रहता था।

 

अचानक एक छोटी सी आवाज आई।

 

“बचाओ!”

 

एडविन ने देखा, लिली तेज पानी में बह रही थी।

 

वह तुरंत पानी में कूद पड़ा।

 

उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर लिली को एक पत्थर के पीछे पहुंचा दिया।

 

लिली ने कांपते हुए उसकी तरफ देखा।

 

“तुमने मुझे बचाया?”

 

एडविन ने कुछ नहीं कहा।

 

वह बस चुपचाप दूसरी तरफ देखने लगा।

 

लिली मुस्कुराई।

 

“तुम बाकी मेढ़कों जैसे नहीं हो।”

 

एडविन के मन में पहली बार किसी ने उसके लिए अच्छी बात कही थी।

 

अगले दिन से दोनों साथ रहने लगे।

 

लिली बहुत बातूनी थी।

 

वह हर छोटी-बड़ी बात एडविन को बताती।

 

कभी कहती,

 

“देखो, आज बारिश का पानी कितना साफ है।”

 

कभी कहती,

 

“उस पेड़ पर जो पीला फूल खिला है, वो मुझे बहुत पसंद है।”

 

एडविन पहले उसकी बातें सुनकर परेशान होता, लेकिन धीरे-धीरे उसे लिली की आवाज अच्छी लगने लगी।

 

एक दिन लिली ने पूछा,

 

“तुम हमेशा इतने उदास क्यों रहते हो?”

 

एडविन कुछ देर चुप रहा।

 

फिर उसने कहा,

 

“क्योंकि मैं पहले कोई और था।”

 

“कौन?”

 

“एक राजकुमार।”

 

लिली हंस पड़ी।

 

“तुम? राजकुमार?”

 

एडविन को बुरा लगा।

 

“हंस क्यों रही हो?”

 

लिली ने मुस्कुराकर कहा,

 

“क्योंकि राजकुमार तो बहुत घमंडी होते हैं। तुम तो इतने शांत हो।”

 

एडविन ने नजरें झुका लीं।

 

“मैं भी घमंडी था। बहुत ज्यादा।”

 

फिर उसने उसे अपना पूरा सच बता दिया।

 

लिली काफी देर तक चुप रही।

 

उसने कहा,

 

“शायद तुम्हें ये श्राप सजा देने के लिए नहीं, बदलने के लिए मिला है।”

 

ये बात एडविन के दिल में उतर गई।

 

समय गुजरता गया।

 

बारिश का मौसम खत्म होने लगा।

 

लेकिन एडविन और लिली की दोस्ती गहरी होती गई।

 

एक रात अचानक जंगल में भयंकर बारिश शुरू हो गई।

 

नाले का पानी तेजी से बढ़ने लगा।

 

लिली पानी में फंस गई।

 

एडविन उसे बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन तेज बहाव में खुद भी बहने लगा।

 

लिली चिल्लाई,

 

“एडविन!”

 

उसने पास की एक बेल पकड़ ली और पूरी ताकत से एडविन की तरफ बढ़ी।

 

दोनों ने एक-दूसरे को पकड़ लिया।

 

काफी कोशिश के बाद वे एक बड़े पत्थर पर पहुंच गए।

 

बारिश में दोनों चुपचाप बैठे रहे।

 

लिली ने धीरे से कहा,

 

“अगर तुम कभी इंसान बन गए तो मुझे भूल तो नहीं जाओगे?”

 

एडविन ने उसकी तरफ देखा।

 

पहली बार उसके मन में अपने पुराने महल, सोने और राजगद्दी से ज्यादा किसी और की चिंता थी।

 

उसने कहा,

 

“मुझे नहीं पता मैं इंसान बनूंगा या नहीं। लेकिन इतना जानता हूं कि तुम्हें भूलना मेरे लिए सबसे मुश्किल होगा।”

 

लिली की आंखों में चमक आ गई।

 

अगली सुबह सूरज निकला।

 

दोनों गंदे पानी के उसी छोटे से तालाब के किनारे बैठे थे।

 

अचानक आसमान से सुनहरी रोशनी उतरी।

 

वही बूढ़ी औरत उनके सामने आ खड़ी हुई।

 

लिली डर गई।

 

एडविन तुरंत उसके आगे आ गया।

 

बूढ़ी औरत मुस्कुराई।

 

“डरो मत। मैं तुम्हें सजा देने नहीं आई।”

 

उसने एडविन की तरफ देखा।

 

“राजकुमार, तुम्हारा घमंड खत्म हो चुका है। अब तुमने समझ लिया है कि किसी की कीमत उसके रूप या हैसियत से नहीं होती।”

 

फिर उसने लिली की तरफ देखा।

 

“और तुम्हारा श्राप भी अब खत्म हो सकता है।”

 

अचानक दोनों के चारों तरफ सुनहरी रोशनी फैल गई।

 

कुछ ही पलों में वहां दो इंसान खड़े थे।

 

एडविन फिर से राजकुमार बन चुका था।

 

और लिली एक सुंदर लड़की के रूप में उसके सामने खड़ी थी।

 

दोनों एक-दूसरे को देखकर हैरान रह गए।

 

बूढ़ी औरत ने मुस्कुराकर कहा,

 

“सच्चा प्यार वही है जो बुरे समय में साथ रहे। तुम्हें इंसान बनाने वाली चीज कोई जादू नहीं, बल्कि तुम्हारा बदला हुआ दिल था।”

 

इतना कहकर वह गायब हो गई।

 

एडविन ने लिली की तरफ देखा।

 

अब उसके सामने एक राजकुमार नहीं, बल्कि वही साधारण दिल वाला लड़का खड़ा था जिसे लिली ने गंदे पानी के बीच जाना था।

 

एडविन ने कहा,

 

“मुझे राजमहल वापस मिल गया, लेकिन अगर तुम मेरे साथ नहीं हो तो वो महल मेरे लिए फिर से खाली है।”

 

लिली मुस्कुराई।

 

“और मुझे अपने सात जन्मों का श्राप खत्म होने की खुशी से ज्यादा इस बात की खुशी है कि मुझे मेरा दोस्त वापस मिल गया।”

 

उस दिन के बाद एडविन ने कभी अपनी दौलत और हैसियत पर घमंड नहीं किया।

 

उसने जंगल के पास रहने वाले गरीब लोगों के लिए एक बड़ा आश्रय बनवाया, जहां बारिश के दिनों में कोई भी इंसान भीगने के लिए मजबूर न हो।

 

और जब भी बारिश होती, एडविन और लिली उस पुराने तालाब के पास जरूर जाते।

 

क्योंकि वहीं गंदे पानी के बीच एक घमंडी राजकुमार ने अपना घमंड खोया था…

 

और वहीं एक मेढ़की ने उसे सिखाया था कि सच्चा प्यार चेहरे से नहीं, दिल से पहचाना जाता है।

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