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मेरी कहानियां

📚 मेरी कहानियां

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  • काश तुम उस दिन समय रहते पहुँच जाते…

    पढ़ने का समय : 6 मिनट   (एक डॉक्टर की अधूरी जिंदगी की कहानी)   रात के लगभग साढ़े दस बजे थे।   शहर के सबसे बड़े अस्पताल की तीसरी मंज़िल पर ऑपरेशन थिएटर की लाल बत्ती लगातार जल रही थी। अंदर डॉक्टरों की टीम किसी मरीज की जान बचाने में लगी थी।   ऑपरेशन…

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  • हम बिहारी है जी

    हम बिहारी है जी

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट   हाँ हम बिहारी हैं जी, हाँ हम बिहारी हैं जी, थोड़े संस्कारी हैं जी… माटी को सोना कर दें, ऐसी कलाकारी है जी, हाँ हम बिहारी हैं जी… मिट्टी पर चित्र बना लेते हैं, हर हुनर में जान डाल देते हैं, हाँ हम बिहारी हैं जी… मिट्टी…

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  • ट्रेन में पहली मुलाकात

    ट्रेन में पहली मुलाकात

    पढ़ने का समय : 9 मिनट   ट्रेन में पहली मुलाकात… आज तक याद है   रात के लगभग नौ बजे थे। प्लेटफॉर्म पर हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी। स्टेशन की भीड़, चाय वालों की आवाज़ें, बच्चों का शोर और ट्रेनों की सीटी… सब मिलकर एक अजीब-सा शोर बना रहे थे।   रिया अपने…

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  • मेरा छोटा सा ख्वाब

    मेरा छोटा सा ख्वाब

    पढ़ने का समय : 9 मिनट   छोटा सा ख़्वाब मेरा   बारिश की हल्की बूंदें पुराने बस स्टैंड की टूटी हुई छत पर लगातार गिर रही थीं। शाम का धुंधलका धीरे-धीरे पूरे कस्बे को अपने आगोश में ले रहा था। सड़क किनारे लगी छोटी-छोटी दुकानों की पीली रोशनी भीगती हवा में किसी उम्मीद की…

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  • ❤️ मां का प्यार ❤️

    पढ़ने का समय : 2 मिनट ❤️ माँ का प्यार ❤️ जब पहली बार इस दुनिया ने मुझे अपनी कठोर आवाज़ सुनाई थी, तब एक कोमल हथेली ने मेरे माथे पर पूरी दुनिया की शांति रख दी थी — वो माँ थी। मैं जब भी टूटा, दुनिया ने वजह पूछी, माँ ने बिना कुछ जाने…

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  • तेरी मेरी प्रेम कहानी ❤️❤️

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट शुरुआत कुछ यूँ हुई थी, जैसे सुबह में पहली किरण उतरती है, सूखे मन के आँगन में धीरे-धीरे कोई बारिश बिखरती है। तेरी हँसी ने छू लिया था मेरे खामोश लफ़्ज़ों का जहान, और फिर हर धड़कन कहने लगी — “तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी पहचान।”…

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  • काश की ऐसा हो पता…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट जिंदगी बिलकुल एक किताब की तरह है –   कुछ पन्ने फाड़ने का मन करता है कुछ पन्ने दोबारा पढ़ने का…   काश की कोई ऐसी बातें हो पाते … वो लम्हे फिर से वैसे हम जी पाते… 🥹🥹 Related posts: आखिर कौन…?? नुकसान याद आती है आखिर…

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  • कुछ बातें तुम भी कह जाओ न…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट अगर बात मोहब्बत की हैं तो बताओ ना या फिर कोई गीत हैं तो गुनगुनाओ ना   कब से सब मैं ही कहे जा रहा हूँ तुम भी कुछ दिल की बात सुनाओ ना   वहां से कहोगी तो अच्छा नहीं लगेगा  दूर क्यों बैठी हो , पास…

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  • पंसदीदा औरत…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट किसी ने पूछा मुझसे  “पसंदीदा औरत कैसी होती है?”   मैंने हँसकर कहा  वो, जिससे बहस करते-करते भी आख़िर में दिल उसी की बात मान ले।   जिसकी नाराज़गी दिन भर जेब में रखे किसी पत्थर जैसी लगे… हर काम के बीच चुभती हुई।   और जिसकी हँसी…

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  • गलती…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट अपने हर गुनाह में सौ पर्दे डालकर,   “वो कहते है,”जमाना खराब है”….     इंसानों की फितरत ही ऐसी हो गयी है.. खुद चाहे लाख गलत हो पर जब गलती बतलाने की बात आये तो सामने वाला ही गलत होता है हमेशा… 🥹 Related posts: सुकून मिलता…

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