🌧️ सावन 🌿
सावन आया, बदली छाई,
मिट्टी ने फिर खुशबू पाई।
बूंदों ने जब गीत सुनाया,
मन ने भी कुछ याद किया।
पेड़ों पर झूले, होंठों पर गान,
हर ओर बिखरा प्रेम का अरमान।
ठंडी हवा जब छूकर जाए,
सावन दिल को फिर महकाए। ❤️

मेरा नाम नेहा गोयल है।
और पिछले दो वर्ष से मैं प्रतिलिपि पर कहानियां लिखती आ रही हूँ।
मुझे लेखन करते हुए बहुत ही अच्छा लगता है।
वैसे मुझे लिखने से पढ़ना ज्यादा पसंद है।

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