अंदर अंदर खुद से खुद
ही को सहेजे रखा है,
हां मैंने अपने हृदय में जीवंत
ख्वाबों का आसमान समेटे रखा है,
सकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत है
नकारात्मक प्रभाव से दूर एक
अलग ही जहां सजा के रखा है
हां मैंने खुद में खुद को ही छुपा
कर रखा है , ये मेरी दुनिया है
मेरे ख्वाहिशों और प्रेम की दुनिया
छल कपट और वीरानियों से
इसे बहुत दूर रखा है,
हां मैंने किसी अपने खास के लिए
ख्वाबों का आसमान बना कर रखा है …!!

NSW उभरते लेखक – 🥈
लेखक नहीं हूं फिर भी कुछ ना कुछ लिखती हूं ,

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