दोस्ती : एक अनमोल रिश्ता
वो जो दूर रहकर भी मेरे पास सदा रहता है,
हर लम्हा मेरे हिस्से में खुशियां ही आएं
ऐसी दुआ करता है, ऐसा ही एक अनमोल
रिश्ता दोस्ती के रूप में मैंने संजो रखा है ,
रोज छोटी छोटी बातों में मुझसे लड़ पड़ता है, मेरे साथ बिना बोले जिसका दिन नहीं कटता है,
हां! ऐसे ही एक शख्स को अपना
दोस्त मैंने बना रखा है , मेरी जिंदगी में
शामिल हुआ है वह ऐसे जैसे धड़कन
बनकर बस गया है मुझमें,
ना जाने कितने आए और साथ निभाने
का वादा करके निकल गये,
बस ये एक बिना किसी कारण और
वादों के मेरे साथ ठहरा है ,
“दोस्ती ” ये उससे मैंने जानी है
सब रिश्ते में सबसे खूबसूरत रिश्ता
दोस्ती का है, जो उसने मुझे समझा दिया है ….

NSW उभरते लेखक – 🥈
लेखक नहीं हूं फिर भी कुछ ना कुछ लिखती हूं ,

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