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श्रेणी: कविता

  • तस्वीर…!!

    तस्वीर…!!

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    मै रख लू़ं तुम्हें अपने पास

    क्या ऐसा मुमकिन है ,

    तुम्हें देखूं तुमसे बात करूं

    ये कहां मेरे लिए मुमकिन है ,

    मेरे हिस्से में तुम्हारी जुदाई आई,

    मैं फिर भी खुश हूं तो क्या हुआ

    जो आंख मेरी भर आई, 

    हालातों का हवाला क्यों देते

    हो जब वफाओं का तुमपें जोर नहीं  ,

    हां ये सच है इश्क ❤️ की

    बीमारी सिर्फ मेरे हिस्से आई ,

    तुम जा रहे हो तो मैं नहीं तुम्हें रोकूंगी 

    बस तुम संग एक आखिरी

    तस्वीर ले लूंगी,

    यादों के झरोखों से जब

    भी याद तुम्हारी आयेगी ,

    अलमारी के कोने से

    निकाल तस्वीर तुम्हारी देख लूंगी …!!

  • तेरे जाने के बाद

    तेरे जाने के बाद

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    तेरे जाने के बाद …!!

    रास नहीं आया मुझको मेरे 

    ही घर का कोई कोना,

    सुबह शाम तलक तुम चहकती थी ,

    जहां दिन और रात ,अब काटने को

    दौड़ता है मुझको मेरा ही घर सलोना,

    नहीं पता था ज़िंदगी तुम बिन

    अंधेरे में चली जाएगी,

    तेरे जाने के बाद  हां तेरे

    जाने के बाद एहसास हुआ

    मुझे कमी तेरी कमी यादों की

    चादर इस तरह तड़पाएगी ,

    तेरे जाने के बाद दिल

    खाली – खाली सा लगता है  ,

    तेरी पनाहों में आने को

    दिल कितना तड़पता है  ,

    आंखों से आंसू मेरे झरझर बहते हैं ,

    तेरे बिन कितना अधूरा हूं ये मुझसे कहते हैं…!!

  • निगाहें👀उनकी भी चेहरे से हटती नही..❤️

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    वो आँखों से यूँ शरारत करती है….💖अपनी अदा से भी कयामत करती है,,,निगाहें👀 उनकी भी चेहरे से हटती नही….💖और वो हमारी नजरों से शिकायत करती है।।❤️🔵🔵🔴🔴❤️❤️❤️🔴❤️🔵🔴🔵❤️

  • उसका भाग्य मे ना होना…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    उसका भाग्य मे ना होना भी भाग्य ही है शायद… ✍️✍️

  • जुड़ शीतल की मधुर छांव

    जुड़ शीतल की मधुर छांव

    पढ़ने का समय : 2 मिनट

    जुड़ शीतल आई है लेकर,

    ठंडी हवाओं का संदेश,

    धूप की तपिश से थके मन को,

    देती है सुकून विशेष।

    सुबह-सुबह जब सूरज झांके,

    नव किरणों का हो आगमन,

    ठंडे जल की कोमल बूंदें,

    कर दें मन का हर स्पंदन।

    आम के पत्तों से टपके जल,

    हर आंगन को हरियाली दे,

    स्नेह भरे उस ठंडे छींटे से,

    रिश्तों में फिर खुशहाली दे।

    मां के हाथों का वो पानी,

    जब सिर पर हल्के से गिरता है,

    जैसे हर दुख, हर चिंता को,

    धीरे-धीरे वो हरता है।

    बाबा की ममता, दादी की सीख,

    सबमें बसती ठंडी छांव,

    हर बूंद में आशीष समाई,

    हर दिल में जगती नई चाह।

    छोटे-बड़े सब साथ मिलें,

    हंसी-खुशी का मेला हो,

    जुड़ शीतल के इस पर्व में,

    हर दिल में प्रेम का रेला हो।

    मिट्टी की खुशबू भी कहती,

    अब तो मौसम बदला है,

    शीतलता के इस उत्सव में,

    जीवन ने रंग नया भरा है।

    ना कोई गिला, ना कोई शिकवा,

    बस अपनापन का एहसास,

    जुड़ शीतल सिखा जाती है,

    ठंडक में छुपा है विश्वास।

    धरती भी जैसे मुस्काए,

    जब जल से उसका तन भीगे,

    हर बूंद में छुपा आशीष,

    जीवन को नव रंगों से सींचे।

    खेतों में हरियाली लहराए,

    नदियों में मधुर संगीत बहे,

    हर जन-मन में शांति बस जाए,

    जीवन के हर पल रंग सहे।

    सांझ ढले जब दीप जलें,

    मन में मधुर उजियारा हो,

    दिन भर की उस ठंडी छाया का,

    हर चेहरे पर नज़ारा हो।

    पुरखों की ये प्यारी परंपरा,

    आज भी दिलों में बसती है,

    हर साल ये आकर हमको,

    अपनों से फिर जोड़ती है।

    नव जीवन का संदेश लिए,

    हर दुख को पीछे छोड़ती है,

    जुड़ शीतल की हर एक बूँद,

    मन की थकान को तोड़ती है।

    जुड़ शीतल का ये त्यौहार,

    सिर्फ रिवाज नहीं, एक भावना है,

    प्यार, स्नेह और शांति का,

    हर दिल में बसता खजाना है।

    चलो मिलकर इसे मनाएं,

    मन में प्रेम का दीप जलाएं,

    ठंडे जल की हर एक बूँद से,

    जीवन को सुंदर बनाएं। 🌿💧

  • अनजानी गलती

    अनजानी गलती

    पढ़ने का समय : 3 मिनट

     

    कहानी की शुरुआत एक छोटे से गाँव, “आकाशपुर”, से होती है। यहाँ पर एक युवा लड़का, आर्यन, अपने माता-पिता के साथ रहता था। आर्यन का दिल बड़ा और उसका मन अपनी कला में गहराई से डूबा हुआ था। वह ख्वाबों में खोकर पेंटिंग बनाता था और अक्सर अपने गाँव की खूबसूरत नजारों को कैनवास पर उतारता था।

    एक दिन, आर्यन ने अपने गाँव में एक कला प्रदर्शनी आयोजित करने का निर्णय लिया। उसने अपनी सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग्स तैयार कीं और गाँव के बच्चों को आमंत्रित किया ताकि वे भी अपनी प्रतिभा दिखा सकें। प्रदर्शनी का दिन नजदीक आया, और गाँव के लोग इसमें शामिल होने के लिए उत्सुक थे। आर्यन ने गाँव के सभी बच्चों के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें विजेताओं को इनाम दिए जाने थे।

    प्रदर्शनी के दिन, पूरा गाँव वहाँ मौजूद था। आर्यन ने अपनी पेंटिंग्स दिखाई, और सभी ने उसे सराहा। प्रतियोगिता के दौरान, गाँव के एक छोटे लड़के, सागर, ने अपनी पेंटिंग प्रस्तुत की। सागर की पेंटिंग में जीवन की गहराई और भावनाएँ भरी हुई थीं। आर्यन को सागर की पेंटिंग बहुत पसंद आई, लेकिन वह खुद को एक प्रसिद्ध आर्टिस्ट बनाने के ख्वाब में इतना डूबा हुआ था कि उसने सागर की पेंटिंग को सही से नहीं समझा।

    जब आर्यन ने सागर को प्रतिस्पर्धा का विजेता घोषित किया, तो उसने उपहार में उसके लिए एक पुराना कैनवास दिया। उस दिन आर्यन ने निर्णय लिया कि वह अपनी कला को और भी बेहतर करेगा ताकि वह एक दिन बड़ा आर्टिस्ट बने। हालांकि, उसने यह नहीं देखा कि उसने सागर के सपनों को किस तरह ठेस पहुँचाई थी।

    कुछ समय बाद, आर्यन ने एक बड़ी प्रदर्शनी में अपनी पेंटिंग पेश की, जिसमें सागर की पेंटिंग ने उसे प्रेरित किया था। लेकिन जब सागर ने देखा कि आर्यन ने उसकी पेंटिंग की कुछ विशेषताओं को अपनी पेंटिंग में शामिल किया है, तो वह बेहद दुखी हुआ। आर्यन की गलती उससे समझ में आई। उसने सागर से माफी मांगने का विचार किया, लेकिन डर की वजह से वह ऐसा नहीं कर सका।

    कुछ हफ़्तों बाद, आर्यन ने फिर से एक प्रदर्शनी आयोजित करने का सोचा। इस बार वह सागर को भी आमंत्रित करने का निश्चय किया। उसने सोचा, “अगर मैं सागर को अपने काम के लिए मान्यता दूँ और उसे सराहूँ, तो शायद वह मुझे माफ कर देगा।” आर्यन ने अपनी नई पेंटिंग्स के साथ-साथ एक विशेष जगह सागर के लिए भी तैयार कर ली।

    प्रदर्शनी का दिन आया। आर्यन ने सभी लोगों के सामने सागर के काम को महत्व दिया और बताया कि कैसे उसकी पेंटिंग ने उसे प्रेरित किया। गाँव के लोगों ने सागर की प्रतिभा की सराहना की, और वह ताजगी से खिल गया। आर्यन ने उस पल को महसूस किया, कि माफी केवल शब्दों में नहीं होती, बल्कि उसके पीछे का अर्थ और भावना भी मायने रखती है।

    हालांकि, सागर को अब भी आर्यन की गलती का दर्द था। उसने आर्यन के प्रति अपना दिल खोल दिया और कहा, “तुमने मेरे सपनों को चुराने का काम किया है। लेकिन आज, तुमने मुझे मान्यता दी है, इसीलिए मैं तुम्हें माफ कर रहा हूँ।” आर्यन ने सागर के प्रति अपनी सच्ची भावना व्यक्त की और उसे अपनापन महसूस कराया।

    इस घटना के बाद, दोनों लड़के एक दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए। आर्यन ने अपनी कला में सुधार किया और सागर ने अपने सपनों को पूरा करने का हौंसला पाया।

     

  • मित्र…

    मित्र…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    जिसका जैसा “चरित्र” होता है

    उसका वैसा ही “मित्र” होता है

    ”शुद्धता” होती है “विचारों” में

    “आदमी” कब “पवित्र”होता है

    फूलो में भी कीड़े पाये जाते हैं..,

    पत्थरों में भी हीरे पाये जाते हैं..

    बुराई को छोड़कर

    अच्छाई देखिये तो सही..,

    नर में भी नारायण पाये जाते हैं..

    मैं आप के साथ हूँ, ये मेरा भाग्य है

    पर आप मेरे साथ है, यह मेरा सौभाग्य है मित्र… ✍️✍️

  • अटूट भक्ति का प्रकाश जय श्री हनुमान

    अटूट भक्ति का प्रकाश जय श्री हनुमान

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    🌺 “जय हनुमान: अटूट भक्ति का प्रकाश” 🌺
    संकट के हर अंधेरे में, तुम दीप बनकर आते हो,
    भटके हुए हर राही को, तुम राह सच्ची दिखाते हो।
    जय बजरंगबली, जय अंजनी के लाल,
    तुमसे ही जग में जगमग है हर एक उजियाल।
    राम नाम की ज्योति लिए, तुमने जग को राह दिखाई,
    भक्ति, शक्ति और सेवा की, सच्ची परिभाषा समझाई।
    तुमसे ही साहस मिलता है, तुमसे ही विश्वास,
    हर संकट में तुम बन जाते हो जीवन की आस।
    जब-जब मन घबराया है, तुमने ही थाम लिया,
    डगमगाते कदमों को तुमने, फिर से थाम लिया।
    तुम हो शक्ति के सागर, तुम हो दया के धाम,
    तुमसे ही जीवित रहता है हर दिल में श्रीराम।
    तुमने लंका जलाकर भी, अहंकार को हराया,
    सच्चे धर्म की खातिर तुमने, हर अत्याचार मिटाया।
    तुम हो वीरता की पहचान, तुम हो भक्ति की मिसाल,
    हर युग में गूंजेगा सदा— “जय हनुमान, जय बजरंगबली” का कमाल।
    इस पावन दिन पर हम सब, सिर झुकाकर ये कहते हैं,
    हे पवनसुत, तुमसे ही हम जीवन जीना सीखते हैं।
    हमारे हर दुख को हर लो, हर भय को दूर भगाओ,
    अपने चरणों में जगह देकर, जीवन सफल बनाओ।
    जय-जय हनुमान, संकट मोचन, कृपा की वर्षा करो,
    हम सबके जीवन में सदा, सुख-शांति का सागर भरो।
    तेरे नाम का दीप जले, हर दिल के हर कोने में,
    हनुमान जयंती की महिमा गूंजे, इस सारे जग के सोने में।
    जय श्री हनुमान 🌺🌺🙏🙏🌹🌹

  • ❤️” तेरा मेरा साथ “❤️

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    1.  

     

    तेरा मेरा साथ कुछ ऐसा हो,

    जैसे चाँद का हो रात से रिश्ता,

    खामोशी में भी बातें हों,

    और हर लम्हा लगे अपना सा किस्सा।

     

    तू पास हो तो डर कैसा,

    हर राह लगे आसान,

    तेरी हँसी में छुपा है जैसे,

    मेरी दुनिया, मेरा जहान।

     

    तेरा मेरा साथ यूँ ही रहे,

    जैसे धड़कन में बसी हो जान,

    तू रूठे तो मैं मना लूँ,

    मैं टूटूँ तो तू बन जाए मेरी पहचान।

     

    आंधियाँ चाहे जितनी आएँ,

    हम ना छोड़ें एक-दूजे का हाथ,

    तू साया बन साथ चले,

    मैं बन जाऊँ तेरी हर बात।

     

    तेरी आँखों में जो सपने हैं,

    मैं उन्हें हकीकत बना दूँ,

    तू बस मुझ पर यकीन रख,

    मैं हर मुश्किल से तुझे बचा लूँ।

     

    तेरा मेरा साथ ऐसा हो,

    जहाँ ना कोई दूरी हो,

    बस प्यार ही प्यार बहे,

    और हर सुबह नई पूरी हो।

     

    कभी मैं तेरे लिए लिखूँ,

    कभी तू मेरे लिए गाए,

    इस प्यार की कहानी को,

    वक्त भी कभी ना मिटा पाए।

     

    तेरा मेरा साथ आख़िर तक,

    बस इतनी-सी है दुआ,

    तू मेरी हर खुशी बने,

    और मैं तेरा हर जज़्बा।

     

    क्योंकि सच तो ये है…

    ना तुझसे पहले कोई था,

    ना तेरे बाद कोई होगा,

    तेरा मेरा साथ ही मेरी दुनिया है,

    और यही मेरा सबसे खूबसूरत सपना होगा।