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मेरी कहानियां

📚 मेरी कहानियां

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  • जिसे मैने पहली बार राखी बांधी

    पढ़ने का समय : 7 मिनट जिसे मैंने पहली बार राखी बांधी अनुष्का को बचपन से रक्षाबंधन का त्योहार बहुत पसंद था।   रक्षाबंधन आने से कई दिन पहले ही वह बाजार जाने की जिद करने लगती थी।   “माँ, इस बार सबसे सुंदर राखी लूंगी।”   माँ मुस्कुराकर कहतीं,   “इतनी तैयारी किसके लिए?”…

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  • हर साल राखी भेजती रही

    पढ़ने का समय : 8 मिनट हर साल राखी भेजती रही, पर भाई ने कभी जवाब नहीं दिया   रक्षाबंधन आने में अभी पांच दिन बाकी थे।   मीरा बाजार में राखियां देख रही थी।   उसकी नजर एक साधारण-सी लाल और सुनहरे धागे वाली राखी पर जाकर रुक गई।   उसने दुकानदार से कहा,…

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  • राखी के साथ मिला अधूरा पत्र

    पढ़ने का समय : 8 मिनट   राखी के साथ मिला भाई का अधूरा पत्र रक्षाबंधन से एक दिन पहले काव्या अपने पुराने घर लौटी थी।   लगभग तीन साल बाद।   घर का दरवाजा खोलते ही उसे वही पुरानी खुशबू महसूस हुई। दीवारों पर लगी तस्वीरें, आंगन में रखा पुराना झूला और कोने में…

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  • रक्षाबंधन

    पढ़ने का समय : 8 मिनट रक्षाबंधन की सुबह कबीर अपने कमरे में बैठा पुरानी फाइलों को देख रहा था।   बाहर से उसकी छोटी बहन सिया की आवाज आई—   “भैया! जल्दी बाहर आओ, राखी बांधनी है।”   कबीर ने जल्दी से फाइल बंद कर दी।   “आ रहा हूं।”   सिया पूजा की…

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  • रक्षाबंधन का दिन

    पढ़ने का समय : 8 मिनट रक्षाबंधन का दिन था।   घर में सुबह से ही हलचल थी। माँ रसोई में मिठाई तैयार कर रही थीं और रिया अपने कमरे में बैठी राखी की थाली सजा रही थी।   लेकिन उसके चेहरे पर खुशी नहीं थी।   उसकी सहेली ने सुबह ही उसे अपनी राखी…

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  • इस बार राखी मत बांधना

    पढ़ने का समय : 7 मिनट   इस बार राखी मत बांधना रक्षाबंधन से दो दिन पहले तन्वी के मोबाइल पर उसके भाई विक्रम का फोन आया।   “तन्वी, इस बार घर मत आना।”   तन्वी ने सोचा शायद उसने गलत सुना है।   “क्या कहा आपने?”   विक्रम की आवाज दूसरी तरफ से बिल्कुल…

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  • भईया ने मेरी राखी कभी नहीं उतारी

    पढ़ने का समय : 9 मिनट   भैया ने मेरी राखी कभी नहीं उतारी   रक्षाबंधन की सुबह अंशिका अपने भाई समीर की कलाई को देखकर अचानक चुप हो गई।   समीर की कलाई पर एक पुराना, फीका पड़ा हुआ धागा अब भी बंधा था।   उसके ऊपर हर साल नई राखी बंधती रही थी,…

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  • तोहफा वापस चाहिए

    पढ़ने का समय : 7 मिनट इस राखी पर मुझे तुमसे कुछ वापस चाहिए रक्षाबंधन से एक दिन पहले आदित्य के मोबाइल पर अपनी बहन पूजा का फोन आया।   “भैया, कल समय पर घर आ जाना।”   आदित्य मुस्कुराया।   “हर साल आता हूं।”   “इस बार देर मत करना।”   “अच्छा बाबा, नहीं…

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  • आखिरी राखी जो बंधी नहीं

    पढ़ने का समय : 8 मिनट वो आखिरी राखी जो कभी बांधी नहीं गई   रक्षाबंधन की सुबह पूरे घर में खुशी थी, लेकिन मीरा अपने कमरे में बैठी एक पुरानी लकड़ी की पेटी को बार-बार खोल और बंद कर रही थी।   पेटी के अंदर एक राखी रखी थी।   लाल और पीले धागे…

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  • मेरी बहन ने राखी नहीं खरीदी

    पढ़ने का समय : 8 मिनट   मेरी बहन ने राखी क्यों नहीं खरीदी? “माँ, इस साल दीदी ने मेरे लिए राखी खरीदी ही नहीं।”   रोहन ने यह बात थोड़ी नाराज़गी और थोड़े दुख के साथ कही।   माँ रसोई में खड़ी थीं। उन्होंने पलटकर अपने बेटे को देखा।   “तुझे कैसे पता?”  …

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