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गोल्डन फिश रहस्मयी लड़का

पढ़ने का समय : 6 मिनट

गोल्डन फिश और रहस्यमयी लड़का

 

समुद्र से कुछ दूर बसे एक छोटे से तटीय शहर में एड्रियन नाम का 20 साल का लड़का रहता था। वह एक साधारण परिवार से था और अपने छोटे से घर में अपनी मां के साथ रहता था। उसके पिता कई साल पहले इस दुनिया से जा चुके थे।

 

एड्रियन ज्यादा लोगों से घुलता-मिलता नहीं था। उसे समुद्र के किनारे घंटों बैठना पसंद था। उसका मानना था कि समुद्र के पास बैठकर इंसान अपने मन की सबसे बड़ी परेशानी भी भूल सकता है।

 

एक शाम वह हमेशा की तरह समुद्र किनारे गया।

 

उस दिन समुद्र कुछ ज्यादा ही उफान पर था। आसमान में बादल थे और तेज हवाएं चल रही थीं।

 

एड्रियन वापस लौटने ही वाला था कि उसकी नजर रेत पर पड़ी एक चमकती हुई चीज पर गई।

 

“ये क्या है?”

 

वह पास गया।

 

वहां एक छोटी-सी सुनहरी मछली पड़ी थी।

 

मछली बहुत खूबसूरत थी। उसके शरीर से हल्की सुनहरी रोशनी निकल रही थी।

 

एड्रियन ने उसे सावधानी से उठाया और पास पड़े पानी के एक छोटे गड्ढे में डाल दिया।

 

मछली कुछ पल तक शांत रही।

 

फिर अचानक उसने इंसानी आवाज में कहा—

 

“मुझे वापस समुद्र में मत छोड़ना।”

 

एड्रियन डर के मारे पीछे हट गया।

 

“तुम… बोल सकती हो?”

 

मछली ने अपनी पूंछ हिलाई।

 

“हां।”

 

एड्रियन ने चारों तरफ देखा।

 

“ये सपना तो नहीं है?”

 

मछली ने कहा, “नहीं। और अगर तुमने मेरी मदद की तो मैं तुम्हारी भी मदद कर सकती हूं।”

 

एड्रियन ने पूछा, “तुम कौन हो?”

 

“मेरा नाम सेलेना है।”

 

एड्रियन ने हैरानी से कहा, “एक मछली का नाम सेलेना?”

 

“मैं कोई साधारण मछली नहीं हूं।”

 

एड्रियन को उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ।

 

वह उसे अपने घर ले आया और एक बड़े कांच के बर्तन में पानी भरकर उसमें रख दिया।

 

रात भर एड्रियन उसे देखता रहा।

 

अगली सुबह उसने पूछा—

 

“तुमने कहा था कि तुम मेरी मदद कर सकती हो। कैसे?”

 

सेलेना ने कहा—

 

“मैं तुम्हारी एक इच्छा पूरी कर सकती हूं।”

 

एड्रियन मुस्कुराया।

 

“तो मैं बहुत अमीर बनना चाहता हूं।”

 

सेलेना कुछ देर चुप रही।

 

फिर बोली—

 

“सोच लो। धन मांगना आसान है, लेकिन उसके साथ आने वाली चीजें हमेशा अच्छी नहीं होतीं।”

 

एड्रियन ने कुछ नहीं मांगा।

 

उसने कहा—

 

“पहले मुझे बताओ कि तुम यहां आई कैसे?”

 

सेलेना की आवाज अचानक गंभीर हो गई।

 

“मैं समुद्र के उस हिस्से से आई हूं, जहां इंसानों का पहुंचना आसान नहीं। मेरे पीछे कुछ लोग पड़े हैं। अगर उन्होंने मुझे ढूंढ लिया तो मैं उनके हाथ लग जाऊंगी।”

 

एड्रियन ने पूछा—

 

“कौन लोग?”

 

“एक आदमी है… विक्टर।”

 

विक्टर शहर का एक बहुत अमीर और प्रभावशाली व्यापारी था। लोग कहते थे कि उसे समुद्र से जुड़ी पुरानी चीजों और रहस्यमयी वस्तुओं को इकट्ठा करने का जुनून था।

 

सेलेना ने बताया कि विक्टर को उसके बारे में पता चल गया था।

 

“वह मुझे पकड़कर मेरी शक्ति का इस्तेमाल करना चाहता है।”

 

एड्रियन ने उसकी तरफ देखा।

 

“लेकिन मैं तुम्हें उसके पास नहीं जाने दूंगा।”

 

सेलेना ने पूछा—

 

“तुम्हें मुझसे डर नहीं लगता?”

 

एड्रियन हंस पड़ा।

 

“पहले लगा था। अब तुम मुझे मछली कम और दोस्त ज्यादा लगती हो।”

 

उस दिन से सेलेना और एड्रियन की दोस्ती गहरी होने लगी।

 

एड्रियन रोज उससे बातें करता।

 

सेलेना भी उसे समुद्र के बारे में अनोखी बातें बताती।

 

एक दिन उसने एड्रियन से कहा—

 

“तुम्हारी मां बहुत परेशान रहती हैं।”

 

एड्रियन ने सिर झुका लिया।

 

“हम पर बहुत कर्ज है। मां चाहती हैं कि मैं अपनी पढ़ाई छोड़कर काम करूं।”

 

सेलेना ने कहा—

 

“तुम चाहो तो अपनी पहली इच्छा मांग सकते हो।”

 

एड्रियन कुछ देर सोचता रहा।

 

फिर बोला—

 

“मैं चाहता हूं कि मेरी मां का कर्ज खत्म हो जाए।”

 

सेलेना ने अपनी पूंछ पानी में घुमाई।

 

अगली सुबह बैंक से खबर आई कि एड्रियन की मां के पुराने कर्ज की पूरी रकम किसी अज्ञात व्यक्ति ने चुका दी थी।

 

एड्रियन हैरान था।

 

उसे समझ आ गया कि सेलेना ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल किया था।

 

लेकिन उसी दिन शहर में एक और खबर फैल गई।

 

विक्टर को पता चल गया था कि सुनहरी मछली शहर में है।

 

विक्टर ने अपने आदमियों को हर समुद्र किनारे भेज दिया।

 

एड्रियन घबरा गया।

 

“सेलेना, अब क्या होगा?”

 

“हमें मुझे वापस समुद्र में पहुंचाना होगा।”

 

“लेकिन अगर विक्टर ने तुम्हें रास्ते में पकड़ लिया तो?”

 

“इसलिए तुम्हें मेरी मदद करनी होगी।”

 

उस रात एड्रियन सेलेना को एक पुराने रास्ते से समुद्र तक ले गया।

 

लेकिन जैसे ही वे समुद्र के पास पहुंचे, सामने विक्टर खड़ा था।

 

उसके साथ कई आदमी थे।

 

विक्टर मुस्कुराया।

 

“आखिरकार मुझे मेरी सुनहरी मछली मिल ही गई।”

 

एड्रियन उसके सामने खड़ा हो गया।

 

“ये तुम्हारी नहीं है।”

 

विक्टर ने कहा—

 

“तुम नहीं जानते कि इसके पास कितनी ताकत है।”

 

“मुझे उसकी ताकत नहीं चाहिए।”

 

विक्टर हंसा।

 

“तुम मूर्ख हो। अगर तुम्हारे पास यह मछली रहे तो तुम दुनिया के सबसे अमीर इंसान बन सकते हो।”

 

एड्रियन ने कहा—

 

“शायद। लेकिन किसी की आजादी छीनकर मिली दौलत मेरे किसी काम की नहीं।”

 

विक्टर ने अपने आदमियों को आगे बढ़ने का इशारा किया।

 

तभी समुद्र में अचानक तेज लहर उठी।

 

आसमान में बिजली चमकी।

 

सेलेना के शरीर से सुनहरी रोशनी निकलने लगी।

 

विक्टर पीछे हट गया।

 

सेलेना ने एड्रियन से कहा—

 

“अब मुझे समुद्र में फेंक दो!”

 

एड्रियन ने बिना देर किए उसे समुद्र में छोड़ दिया।

 

जैसे ही सेलेना पानी में गई, समुद्र की लहरें अचानक शांत हो गईं।

 

विक्टर और उसके आदमी कुछ समझ पाते, उससे पहले समुद्र की एक बड़ी लहर आई और उन्हें पीछे की ओर बहा ले गई।

 

कुछ देर बाद सब शांत हो गया।

 

एड्रियन समुद्र के किनारे बैठा रहा।

 

उसे लगा कि उसने अपना सबसे अच्छा दोस्त खो दिया।

 

तभी पानी के अंदर से सेलेना की आवाज आई—

 

“एड्रियन!”

 

वह चौंककर समुद्र की तरफ देखने लगा।

 

सेलेना पानी के ऊपर आई।

 

“तुमने मेरी आजादी बचाई। इसलिए आज से तुम्हें किसी जादुई इच्छा की जरूरत नहीं।”

 

एड्रियन ने पूछा—

 

“क्यों?”

 

सेलेना मुस्कुराई।

 

“क्योंकि तुम्हारे अंदर पहले से ही वह चीज है जो दुनिया के सबसे अमीर इंसानों के पास भी नहीं होती—एक साफ दिल।”

 

एड्रियन की आंखें नम हो गईं।

 

“क्या मैं तुम्हें फिर कभी देख पाऊंगा?”

 

सेलेना ने कहा—

 

“जब भी तुम्हें लगे कि तुम बिल्कुल अकेले हो, समुद्र के किनारे आ जाना।”

 

इतना कहकर वह गहरे पानी में चली गई।

 

एड्रियन कई देर तक समुद्र को देखता रहा।

 

उस दिन के बाद उसकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलने लगी।

 

उसने अपनी पढ़ाई पूरी की, एक छोटी-सी नौकरी शुरू की और अपनी मां का ख्याल रखने लगा।

 

कई साल बाद भी वह हर रविवार समुद्र के किनारे जरूर जाता।

 

लोग उसे देखकर पूछते—

 

“तुम यहां किसका इंतजार करते हो?”

 

एड्रियन बस मुस्कुरा देता।

 

उसे पता था कि समुद्र की गहराइयों में उसकी एक ऐसी दोस्त रहती है, जिसे दुनिया शायद कभी देख भी न पाए।

 

और कभी-कभी जब सूरज ढलने लगता, समुद्र की लहरों के बीच उसे एक हल्की सुनहरी चमक दिखाई देती।

 

तब एड्रियन समझ जाता—

 

सेलेना अब भी उसे याद करती है।

 

और यही उस सुनहरी मछली की सबसे बड़ी जादुई शक्ति थी—उसने एड्रियन को दौलत नहीं दी थी।

 

उसने उसे यह सिखाया था कि असली खुशी किसी जादुई इच्छा में नहीं, बल्कि किसी के लिए बिना किसी स्वार्थ के खड़े रहने में होती है।

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