मेरी चाहत… ❤️
मेरी चाहत कोई शोर नहीं,
जो हर किसी को सुनाई दे।
ये तो वो खामोश दुआ है,
जो हर पल बस तुम्हें ही माँगे।
मेरी चाहत तुम्हें पाना भर नहीं,
तुम्हारे हर दर्द की वजह बनना भी नहीं।
मेरी चाहत तो बस इतनी है,
कि तुम्हारी हर मुस्कान की वजह बन सकूँ।
जब भी ज़िंदगी तुम्हें थका दे,
मैं तुम्हारा सुकून बन जाऊँ।
जब भी आँखें नम हो जाएँ,
मैं तुम्हारी हँसी लौटाने की वजह बन जाऊँ।
मेरी चाहत किसी वादे की मोहताज नहीं,
न किसी रिश्ते के नाम की ज़रूरत है।
ये तो दिल की वो इबादत है,
जिसमें बस तुम्हारी खुशियाँ ही मेरी मन्नत हैं।
अगर किस्मत ने हमें साथ लिखा,
तो हर जन्म तुम्हारा हाथ थामूँगी।
और अगर बिछड़ना लिखा भी हुआ,
तो भी हर दुआ में तुम्हारा नाम ही माँगूँगी।
मेरी चाहत तुम हो…
और शायद हमेशा रहोगे।
क्योंकि कुछ मोहब्बतें मुकम्मल होकर नहीं,
दिल में बसकर
हमेशा ज़िंदा रहती हैं…! ❤️



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