कभी-कभी बीता कल दिल को बहुत सताता है,
पर हर नया सवेरा नई राह दिखाता है।
जो हुआ, उसे बदलना मेरे बस में नहीं,
पर उससे आगे बढ़ना मुश्किल भी नहीं।
यादों को धीरे-धीरे खुद से दूर कर दूँगी,
एक दिन मुस्कुराकर कहूँगी …मैं फिर से जी लूँगी।

मैं हर बार कुछ बेहतर की कोशिश करती हूं
अपनी कलम से जज़्बात लिखा करती हूं
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