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बीता कल

पढ़ने का समय : < 1 मिनट

कभी-कभी बीता कल दिल को बहुत सताता है,

पर हर नया सवेरा नई राह दिखाता है।

जो हुआ, उसे बदलना मेरे बस में नहीं,

पर उससे आगे बढ़ना मुश्किल भी नहीं।

यादों को धीरे-धीरे खुद से दूर कर दूँगी,

एक दिन मुस्कुराकर कहूँगी …मैं फिर से जी लूँगी।

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Auther preeti Sharma

मैं हर बार कुछ बेहतर की कोशिश करती हूं अपनी कलम से जज़्बात लिखा करती हूं

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