जिंदगी बिलकुल एक किताब की तरह है –
कुछ पन्ने फाड़ने का मन करता है
कुछ पन्ने दोबारा पढ़ने का…
काश की कोई ऐसी बातें हो पाते … वो लम्हे फिर से वैसे हम जी पाते… 🥹🥹
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
दिल से निकली हुई जज़्बात ज़िन्दगी में शायरी बनती है।
जिंदगी बिलकुल एक किताब की तरह है –
कुछ पन्ने फाड़ने का मन करता है
कुछ पन्ने दोबारा पढ़ने का…
काश की कोई ऐसी बातें हो पाते … वो लम्हे फिर से वैसे हम जी पाते… 🥹🥹
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
अपने हर गुनाह में सौ पर्दे डालकर,
“वो कहते है,”जमाना खराब है”….
इंसानों की फितरत ही ऐसी हो गयी है.. खुद चाहे लाख गलत हो पर जब गलती बतलाने की बात आये तो सामने वाला ही गलत होता है हमेशा… 🥹
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
तन्हा रातों में खुद से बातें कर लेते हैं,
दर्द जब हद से बढ़े… तो चुप रह लेते हैं।
I am uzmahabib
Suspense Queen 👑✍️
मेरी कहानियाँ शुरू होती हैं, लेकिन अंदाज़ा नहीं लगती कहाँ खत्म होंगी…”
जीवन में जब तक ख़्वाब रहेंगे,
तब तक उनके पूरे होने की संभावनाएँ भी बनी रहेंगी ! ✨️
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
हम लगाव किसी के चेहरे से नहीं
बल्कि उसके अच्छे व्यवहार और
अच्छे विचारों से रखते हैं !.
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
पढ़ने का समय : < 1 मिनट
दिल मैं उसका दुखा कर आया हूं
आज फिर मैं किसी को रुला कर आया हूं।
जो हंस देता था मेरी छोटी छोटी बात पर
आज उसको मैं यारों सता कर आया हूं।
गलत गलत बात पर रूठा है वह बंदा
फिर भी मैं उसे गले लगा कर आया हूं।
मैं ऐसा इंसान हूं कि किसी को दुख दे नहीं सकता
फिर भी मैं उस के अरमानों को ठेस लगा कर आया हूं।
हिम्मत नहीं हुई उसके दरवाजे को खटखटाने की
मैं उसके दहलीज तक गया और खुद को समझा कर आया हूं।
समझे ना समझे उसकी फितरत है
फिर भी उसको मैं सब सच्चाई बता कर आया हूं।
जो तुम मुझे मुस्कुराता देख रहे हो अपने सामने
तुम्हारी कसम जान मैं बंद कमरे में आंसू बहा कर आया हूं।
खुदा क्या मारेगा मुझे तकलीफ देके इस जमाने में
ए खुदा मैं खुद को बहुत पहले ही मार कर आया हूं।
दिल में गम है आंखे नम है फिर भी शिकन किसी बात की नहीं
जिम्मेदार लड़का है घर में देखो मुस्कुरा कर आया हूं।
बीती दास्तां रो रही है महफिलें
मैं हंसने वाला लड़का सबको रुला कर आया हूं।
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

पढ़ने का समय : < 1 मिनट
खुशियों की चादर तुम से थी मेरी, न जाने कितनी दुआओं का असर हुआ,आंखों में काजल होठों पर हंसी आती थी तुमसे कभी, सुनो! याद तुम्हारी आती है, क़सम से बहुत सताती है….!!

NSW उभरते लेखक – 🥈
लेखक नहीं हूं फिर भी कुछ ना कुछ लिखती हूं ,
पढ़ने का समय : < 1 मिनट
खुशियों की चादर तुम से थी मेरी, न जाने कितनी दुआओं का असर हुआ,आंखों में काजल होठों पर हंसी आती थी तुमसे कभी, सुनो! याद तुम्हारी आती है, क़सम से बहुत सताती है….!!

NSW उभरते लेखक – 🥈
लेखक नहीं हूं फिर भी कुछ ना कुछ लिखती हूं ,