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आखिर मे मे सबको रुला कर आया हु.. 🥹

पढ़ने का समय : < 1 मिनट

दिल मैं उसका दुखा कर आया हूं

आज फिर मैं किसी को रुला कर आया हूं।

 

जो हंस देता था मेरी छोटी छोटी बात पर 

आज उसको मैं यारों सता कर आया हूं।

 

गलत गलत बात पर रूठा है वह बंदा 

फिर भी मैं उसे गले लगा कर आया हूं।

 

मैं ऐसा इंसान हूं कि किसी को दुख दे नहीं सकता 

फिर भी मैं उस के अरमानों को ठेस लगा कर आया हूं।

 

हिम्मत नहीं हुई उसके दरवाजे को खटखटाने की 

मैं उसके दहलीज तक गया और खुद को समझा कर आया हूं।

 

समझे ना समझे उसकी फितरत है 

फिर भी उसको मैं सब सच्चाई बता कर आया हूं।

 

जो तुम मुझे मुस्कुराता देख रहे हो अपने सामने 

तुम्हारी कसम जान मैं बंद कमरे में आंसू बहा कर आया हूं।

 

खुदा क्या मारेगा मुझे तकलीफ देके इस जमाने में 

ए खुदा मैं खुद को बहुत पहले ही मार कर आया हूं।

 

दिल में गम है आंखे नम है फिर भी शिकन किसी बात की नहीं 

जिम्मेदार लड़का है घर में देखो मुस्कुरा कर आया हूं।

 

बीती दास्तां रो रही है महफिलें 

मैं हंसने वाला लड़का सबको रुला कर आया हूं।

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Rani Thakur

NSW अनुभवी लेखक -🥇 जो हमसे दूर हुए.. हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

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