वो गर्मी में भी सजा देती है..,
वो सर्दी में भी सजा देती है..!
.
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पानी का टंकी बड़ा बेवफा है,
हर मौसम में दगा देती है..!🤪🤣😂
सही बात है न मित्र…
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
दिल से निकली हुई जज़्बात ज़िन्दगी में शायरी बनती है।
वो गर्मी में भी सजा देती है..,
वो सर्दी में भी सजा देती है..!
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पानी का टंकी बड़ा बेवफा है,
हर मौसम में दगा देती है..!🤪🤣😂
सही बात है न मित्र…
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

तेरे बिना ये दिल अधूरा सा लगता है,
तेरी मुस्कान में ही मेरा जहाँ बसता है।
तेरी आँखों में जो चमक है, वो मेरी रौशनी है,
तेरे नाम से ही मेरी हर धड़कन जीती है।
तू पास हो तो हर लम्हा ख़ास बन जाता है,
तेरी यादों से ही मेरा हर दिन सज जाता है।
इज़हार-ए-मोहब्बत लफ़्ज़ों में कैसे करूँ,
दिल की आवाज़ है तू… और तू ही मेरी दास्ताँ है।
तेरे बिना ये रूह भी अधूरी लगती है,
तेरी यादों से ही मेरी साँसें पूरी लगती हैं।
तेरी आँखों में जो समंदर है, उसमें मैं खो जाना चाहता हूँ,
तेरे होंठों की खामोशी में अपना नाम सुनना चाहता हूँ।
मोहब्बत का इज़हार लफ़्ज़ों से नहीं होता,
ये तो दिल की धड़कनों से बयान होता है।
तू मेरी दुआओं का वो असर है,
जिसे पाने के बाद भी मैं हर रोज़ तुझे माँगता हूँ।
नमस्ते स्टोरी वर्ल्ड के लेखक। पाठकों के लिए मनोरंजक और दिल को छू लेने वाली हिंदी कहानियाँ लिखना पसंद करता हूँ।आपका स्वागत है नमस्ते स्टोरी वर्ल्ड में धन्यवाद 💐💐🌹🌹

कुछ उदासियां किसी से नहीं बांटी जा सकती
उन्हें खुद के अन्दर ही रखने में बहुत सुकून मिलता है.. ✍️✍️
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

पढ़ने का समय : < 1 मिनट
आखिर कह ही डाला उसने
एक दिन…..
इस कदर टूटे हो बिखर क्यो
नही जाती हो…..??
कब तक निभाओगे ये
दर्द भरी जिंदगी…..??
किसी रात खामोशी से मर
क्यो नही जाती हो……?? 😭😭
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

पढ़ने का समय : < 1 मिनट
बके पास समान आंखें हैं लेकिन सबके पास समान दृष्टिकोण नहीं,
बस यही बात इंसान को इंसान से अलग करती है…देखने का नजरिया अपना अपना है वरना हर इंसान गलत ही नहीं होता… ✍️
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

पढ़ने का समय : < 1 मिनट
ना दोस्त है ना दुश्मन हैं
हमसे लड़ता कौन ?
ना तूफान हैं ना सैलाब हैं
हमसे डरता कौन ?
ना ग़ालिब हैं ना प्रेमचंद हैं
हमको पढ़ता कौन ?
ना साँसे हैं ना धड़कन हैं
हम पर मरता कौन ?
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
पढ़ने का समय : < 1 मिनट
इस जिंदगी के सफर में
थकान बहुत हैं,
अपनों के अपनों पर यहां
इल्जाम बहुत है,
शिकायतों का दौर देखता हूं तो
थम सा जाता हूं,
लगता है उम्र कम है और
इम्तिहान बहुत है…🥹🥹
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏