कुछ सपने टूट गए,
कुछ अपने छूट गए,
बाकी जो बची थी ज़िंदगी,
I am uzmahabib
Suspense Queen 👑✍️
मेरी कहानियाँ शुरू होती हैं, लेकिन अंदाज़ा नहीं लगती कहाँ खत्म होंगी…”
अब किसी से शिकायत नहीं करते,
अपने दर्द की नुमाइश नहीं करते,
जो समझ सके वो अपना है,
बाकी किसी को हम आज़माइश नहीं करते। 🖤🥀
I am uzmahabib
Suspense Queen 👑✍️
मेरी कहानियाँ शुरू होती हैं, लेकिन अंदाज़ा नहीं लगती कहाँ खत्म होंगी…”
तन्हा रातों में खुद से बातें कर लेते हैं,
दर्द जब हद से बढ़े… तो चुप रह लेते हैं।
I am uzmahabib
Suspense Queen 👑✍️
मेरी कहानियाँ शुरू होती हैं, लेकिन अंदाज़ा नहीं लगती कहाँ खत्म होंगी…”