तुम निभा नहीं सकते, तो हम ज़ाहिर क्यों करें,
तुम चार कदम चल नहीं सकते, तो हम हाथ क्यों थामें,
- एक तरफ है प्यार मेरा,
तो इसे एक तरफ ही क्यों ना रहने दें।

NSW उभरते लेखक – 🥈

तुम निभा नहीं सकते, तो हम ज़ाहिर क्यों करें,
तुम चार कदम चल नहीं सकते, तो हम हाथ क्यों थामें,
तो इसे एक तरफ ही क्यों ना रहने दें।

NSW उभरते लेखक – 🥈
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