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लेखक: Rani Thakur

  • खराब हो ही जाता है… 🤣

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    Earphone हो या Relation कुछ दिनों बाद 

    ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,एक साईड का खराब हो ही जाता है😂

  • मे खुद को गिरफ्तार करता हु…

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    तू बैठ सामने

    *मैं इश्क़ का इज़हार करता हूँ,*

     

    तू माँगे चाँद

    *मैं तारे भी तेरे नाम करता हूँ,*

     

    कभी नाराज़ मत होना मुझसे,

    मैं तेरी चाहत की ज़ंजीरों में 

    *खुद को गिरफ़्तार करता हूँ…!!*

  • जिंदगी निखार देती है…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    *तेरी बातों में वो सुकून है*

    जो दिल को करार देता है,

    *तेरा थोड़ा सा वक्त*

    जैसे बरसों का प्यार देता है।

     

    *सलामती रहे हमेशा तेरे*

    घर-आँगन की खुशियों की,

    *क्योंकि अपनों का साथ ही*

    ज़िन्दगी को निखार देता है।

  • आखिर मे मे सबको रुला कर आया हु.. 🥹

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    दिल मैं उसका दुखा कर आया हूं

    आज फिर मैं किसी को रुला कर आया हूं।

     

    जो हंस देता था मेरी छोटी छोटी बात पर 

    आज उसको मैं यारों सता कर आया हूं।

     

    गलत गलत बात पर रूठा है वह बंदा 

    फिर भी मैं उसे गले लगा कर आया हूं।

     

    मैं ऐसा इंसान हूं कि किसी को दुख दे नहीं सकता 

    फिर भी मैं उस के अरमानों को ठेस लगा कर आया हूं।

     

    हिम्मत नहीं हुई उसके दरवाजे को खटखटाने की 

    मैं उसके दहलीज तक गया और खुद को समझा कर आया हूं।

     

    समझे ना समझे उसकी फितरत है 

    फिर भी उसको मैं सब सच्चाई बता कर आया हूं।

     

    जो तुम मुझे मुस्कुराता देख रहे हो अपने सामने 

    तुम्हारी कसम जान मैं बंद कमरे में आंसू बहा कर आया हूं।

     

    खुदा क्या मारेगा मुझे तकलीफ देके इस जमाने में 

    ए खुदा मैं खुद को बहुत पहले ही मार कर आया हूं।

     

    दिल में गम है आंखे नम है फिर भी शिकन किसी बात की नहीं 

    जिम्मेदार लड़का है घर में देखो मुस्कुरा कर आया हूं।

     

    बीती दास्तां रो रही है महफिलें 

    मैं हंसने वाला लड़का सबको रुला कर आया हूं।

  • दर्द ऐ दिल…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    मुझे तुम्हारे साथ पूरी कहानी लिखनी थी

     

    और एक तुम मेरे साथ एक ही पन्ने में सिमट कर रह 

    गए…!!🥹🥹

  • सोचने वाली बात है न…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    न्यायालय में दोनों पक्षों को 

    सच पता होता है

    असल में तो जज कटघरे में होता है।

     

    (बात बहुत गहरी है… 🥹)

  • उसका भाग्य मे ना होना…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    उसका भाग्य मे ना होना भी भाग्य ही है शायद… ✍️✍️

  • दग़ा देती है यार…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    वो गर्मी में भी सजा देती है..,

    वो सर्दी में भी सजा देती है..!

    .

    .

     पानी का टंकी बड़ा बेवफा है,

     हर मौसम में दगा देती है..!🤪🤣😂

     

    सही बात है न मित्र…

  • 💞💞 प्यार का नशा..पार्ट 9💞💞

    💞💞 प्यार का नशा..पार्ट 9💞💞

    पढ़ने का समय : 2 मिनट

    कहानी अब आगे,

     

    अमानत को यह सुनकर गुस्सा आता है, लेकिन वह डरी हुई भी है। वह रिशाल से कहती है, “मैं तुम्हारी गुलाम नहीं हूँ। मैं अपने फैसले खुद लेती हूँ और आगे भी लुंगी ।”

     

     

    रिशाल हँसता है और कहता है, “तुम्हारे फैसले अब मैं लूँगा। तुम्हारी जिंदगी मेरे हाथ में है। तुम्हारा भाई मेरे पास है मेरी हर बात माननी ही होंगी अगर भाई से इतना प्यार है तो, ताकि मे तुम्हारे भाई को सही सलामत छोड़ दू अब उसकी आजादी तुम्हारे हाथो मे है तो तुम सोच लो क्या करना है क्या नहीं मे तब तक यहाँ बैठता हु ये कहते हुए रिशाल अग्निहोत्री अमानत का हाथ छोड़ देता है और खुद सोफे पर बैठ पैर पर पैर राख कर डेविल स्माइल के साथ अमानत के तरफ देखने लगता है !!!!!

     

     

    अमानत को लगता है कि वह फँस गई है। वह सोचती है कि कैसे रिशाल से खुद को और अपने भाई को बचा सकती है। “

     

    वह रिशाल से कहती है, “मैं तुम्हारी हर बात मानूंगी , लेकिन तुम्हें मुझे प्रोमिस करना होगा की तुम मेरे भाई को कुछ भी नहीं करोगे और वो सुरक्षित होगा जहा भी होगा मेरी उससे बात करवाओगे ताकि मे उसे कह पाऊ की कोई बात नहीं है सब ठीक है और वो डरे नहीं वो मेरे छोटा भाई है मुझे उसकी फ़िक्र है और मे उसे अच्छे से जनता हु अभी वो डर रहा होगा की आखिर हूआ क्या जो उसे और मुझे यु अलग कर दिया गया है ।”

     

     

    रिशाल मुस्कराता है और कहता है, “मैं तुम्हे ये प्रॉमिस तो करना नहीं चाहता क्युकी में रिशाल अग्निहोत्री हु और रिशाल अग्निहोत्री का जब मन जो करने का वही करता है, पर मे इतना भी बुरा नहीं हु इसीलिए चलो मे प्रॉमिस करता हु की मे तुम्हारे भाई को कुछ भी नहीं करूँगा पर wait wait wait…., 

     

    अमानत,”अब क्या हूआ तुम वादा करो मेरे भाई को कुछ भी नहि करोगे और उसे सही सलामत रखोगे बोलो?”

     

    रिशाल अग्निहोत्री, ” हाँ बिलकुल पर तब तक ही जब तक तुम मेरी गुलामी करोगी और मेरी कहीं हर बात को मानोगी उसके बाद ही मे तुम्हे ये वादा कर सकता हु तो बोलो मंजूर है???? “

     

    क्या अमानत रिशाल को वादा कर पाएगी कि वह उसकी गुलाम बन कर ही रहेगी ? क्या वह अपने भाई को बचाने के लिए बन जाएगी गुलाम ?

     

     

     

    आज के लिए बस इतना ही, कल फिर मिलेंगे कहानी के एक नए भाग के साथ, तब तक अपना ख्याल रखिये | 

  • सुकून मिलता है यार…

    सुकून मिलता है यार…

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    कुछ उदासियां किसी से नहीं बांटी जा सकती 

    उन्हें खुद के अन्दर ही रखने में बहुत सुकून मिलता है.. ✍️✍️