“सच्चा प्रेम शब्दों से नहीं,
समर्पण और एहसास से दिखाई देता है।
जिस रिश्ते में सम्मान, विश्वास और अपनापन हो,
वहीं प्रेम जीवन को खूबसूरत बना देता है।” ❤️
प्यार केवल पाने का नाम नहीं,
बल्कि किसी की खुशी में खुद को भूल जाने का एहसास है।
“सच्चा प्रेम शब्दों से नहीं,
समर्पण और एहसास से दिखाई देता है।
जिस रिश्ते में सम्मान, विश्वास और अपनापन हो,
वहीं प्रेम जीवन को खूबसूरत बना देता है।” ❤️
प्यार केवल पाने का नाम नहीं,
बल्कि किसी की खुशी में खुद को भूल जाने का एहसास है।
मैं तब तक लोगों को माफ करता रहूँगा, जब तक मैं एक बंदूक नहीं ख़रीद लेता।
😬😬माफ बस तब तक ही… चल लो जितनी चले चलनी है.. एक दिन सब बदल जायेगा 🤣
दारू पियो तो लीवर खराब हो जाता है ना पियो तो दोस्ती खराब
तकलीफ तो दोनों तरफ है 😑
Earphone हो या Relation कुछ दिनों बाद
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,एक साईड का खराब हो ही जाता है😂
तू बैठ सामने
*मैं इश्क़ का इज़हार करता हूँ,*
तू माँगे चाँद
*मैं तारे भी तेरे नाम करता हूँ,*
कभी नाराज़ मत होना मुझसे,
मैं तेरी चाहत की ज़ंजीरों में
*खुद को गिरफ़्तार करता हूँ…!!*
*तेरी बातों में वो सुकून है*
जो दिल को करार देता है,
*तेरा थोड़ा सा वक्त*
जैसे बरसों का प्यार देता है।
*सलामती रहे हमेशा तेरे*
घर-आँगन की खुशियों की,
*क्योंकि अपनों का साथ ही*
ज़िन्दगी को निखार देता है।
दिल मैं उसका दुखा कर आया हूं
आज फिर मैं किसी को रुला कर आया हूं।
जो हंस देता था मेरी छोटी छोटी बात पर
आज उसको मैं यारों सता कर आया हूं।
गलत गलत बात पर रूठा है वह बंदा
फिर भी मैं उसे गले लगा कर आया हूं।
मैं ऐसा इंसान हूं कि किसी को दुख दे नहीं सकता
फिर भी मैं उस के अरमानों को ठेस लगा कर आया हूं।
हिम्मत नहीं हुई उसके दरवाजे को खटखटाने की
मैं उसके दहलीज तक गया और खुद को समझा कर आया हूं।
समझे ना समझे उसकी फितरत है
फिर भी उसको मैं सब सच्चाई बता कर आया हूं।
जो तुम मुझे मुस्कुराता देख रहे हो अपने सामने
तुम्हारी कसम जान मैं बंद कमरे में आंसू बहा कर आया हूं।
खुदा क्या मारेगा मुझे तकलीफ देके इस जमाने में
ए खुदा मैं खुद को बहुत पहले ही मार कर आया हूं।
दिल में गम है आंखे नम है फिर भी शिकन किसी बात की नहीं
जिम्मेदार लड़का है घर में देखो मुस्कुरा कर आया हूं।
बीती दास्तां रो रही है महफिलें
मैं हंसने वाला लड़का सबको रुला कर आया हूं।
मुझे तुम्हारे साथ पूरी कहानी लिखनी थी
और एक तुम मेरे साथ एक ही पन्ने में सिमट कर रह
गए…!!🥹🥹
न्यायालय में दोनों पक्षों को
सच पता होता है
असल में तो जज कटघरे में होता है।
(बात बहुत गहरी है… 🥹)
उसका भाग्य मे ना होना भी भाग्य ही है शायद… ✍️✍️