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लेखक: Rani Thakur

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Rani Thakur

NSW अनुभवी लेखक -🥇 जो हमसे दूर हुए.. हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

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मार्च 2026
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  • कहीं ऐसा ना हो जाए…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    अपने क़दमों के निशान मेरे रास्ते से हटा दो,

     

    *कहीं ये ना हो कि मैं चलते चलते तेरे पास आ जाऊं!!*💞

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  • काश की ऐसा हो पता…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    जिंदगी बिलकुल एक किताब की तरह है –

     

    कुछ पन्ने फाड़ने का मन करता है

    कुछ पन्ने दोबारा पढ़ने का…

     

    काश की कोई ऐसी बातें हो पाते … वो लम्हे फिर से वैसे हम जी पाते… 🥹🥹

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  • कुछ बातें तुम भी कह जाओ न…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    अगर बात मोहब्बत की हैं तो बताओ ना

    या फिर कोई गीत हैं तो गुनगुनाओ ना

     

    कब से सब मैं ही कहे जा रहा हूँ

    तुम भी कुछ दिल की बात सुनाओ ना

     

    वहां से कहोगी तो अच्छा नहीं लगेगा 

    दूर क्यों बैठी हो , पास ही आ जाओ ना

     

    मैं कब से बेचैन हूँ जानने को

    दिल में क्या छुपाया हैं , जरा दिखाओ ना

     

    इजहार का सोच कर आई हो , तो कहो

    एक बार मुझे भी अपने सीने से लगाओ ना…

     

     

    कुछ तो कहो यु चुप ना रहो.. मेरी बातो को तो समझ पाओ न…

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  • पंसदीदा औरत…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    किसी ने पूछा मुझसे 

    “पसंदीदा औरत कैसी होती है?”

     

    मैंने हँसकर कहा 

    वो,

    जिससे बहस करते-करते भी

    आख़िर में दिल उसी की बात मान ले।

     

    जिसकी नाराज़गी

    दिन भर जेब में रखे किसी पत्थर जैसी लगे…

    हर काम के बीच

    चुभती हुई।

     

    और जिसकी हँसी

    थके हुए दिन पर

    बारिश की पहली बूँद जैसी उतरती हो।

     

    वो,

    जिसके होते हुए

    घर सिर्फ़ घर नहीं रहता,

    एक सुकून बन जाता है।

     

    जिसे दुख दो

    तो सबसे पहले

    अपनी ही आँखें झुक जाएँ।

     

    जिसकी कुछ बातें

    होंठों पर मुस्कान रख जाएँ,

    और कुछ ख़ामोशियाँ

    रात भर जगाए रखें।

     

    पसंदीदा औरत

    सिर्फ़ ख़ूबसूरत नहीं होती…

    वो धीरे-धीरे

    तुम्हारी आदत बन जाती है।

     

    तुम्हारी रूह में

    ऐसे उतरती है

    जैसे चाय में घुली शक्कर 

    दिखती नहीं,

    पर हर घूँट में महसूस होती है।

     

    और फिर एक दिन

    उसके बिना सब कुछ तो होता है…

    मगर ज़िंदगी नहीं होती।

     

    …….. ✍️

     

    किसी ने बहुत खूबसूरत कहीं अपनी बातें… जहाँ भर की गहराई समेटी है सारी जज्बाते…

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  • गलती…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    अपने हर गुनाह में सौ पर्दे डालकर,

     

    “वो कहते है,”जमाना खराब है”….

     

     

    इंसानों की फितरत ही ऐसी हो गयी है.. खुद चाहे लाख गलत हो पर जब गलती बतलाने की बात आये तो सामने वाला ही गलत होता है हमेशा… 🥹

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  • अपने काफ़ी है रुलाने के लिए..

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    दुनिया मे आये है तो मुस्कुराना सीख लीजिये दोस्त.

     

    रुलाने के लिए तो अपने रिश्तेदार ही काफ़ी है.. 🥹🥹

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  • माँ…

    पढ़ने का समय : 2 मिनट

    माँ की ममता और बलिदान की एक छोटी और भावुक कहानी:

    ​एक बेटा अपनी माँ से बहुत नफरत करता था क्योंकि उसकी माँ की एक आँख नहीं थी। उसे अपनी माँ के ‘अधूरे चेहरे’ से शर्म आती थी। वह बड़ा हुआ, खूब पढ़ा-लिखा और शहर जाकर एक बड़ा आदमी बन गया। उसने शादी कर ली और अपनी माँ को गाँव में ही अकेला छोड़ दिया।

    ​सालों बाद, जब माँ अपने पोते-पोतियों से मिलने शहर पहुँची, तो बेटे ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया और चिल्लाकर कहा, “तुम यहाँ क्यों आई हो? तुमने मेरे बच्चों को डरा दिया, यहाँ से चली जाओ!”

    ​माँ चुपचाप वापस लौट गई। कुछ महीनों बाद माँ की मृत्यु हो गई। जब बेटा गाँव पहुँचा, तो उसे माँ की एक चिट्ठी मिली, जिसमें लिखा था:

    ​”मेरे प्यारे बेटे, शायद तुम्हें याद नहीं, पर जब तुम बहुत छोटे थे, तब एक एक्सीडेंट में तुम्हारी एक आँख फूट गई थी। एक माँ होने के नाते मैं तुम्हें एक आँख से नहीं देख सकती थी, इसलिए मैंने अपनी एक आँख तुम्हें दे दी। मुझे गर्व है कि तुम मेरी आँख से इस खूबसूरत दुनिया को देख रहे हो।”

    ​बेटा फूट-फूट कर रोने लगा, लेकिन अब माँ वापस आने वाली नहीं थी।

    ​सीख (Moral)

    ​माँ का प्यार निस्वार्थ होता है। हम अक्सर उनकी अहमियत तब समझते हैं जब वो हमसे दूर चली जाती हैं। समय रहते उनके प्यार और बलिदान का सम्मान करें।

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  • ख़्वाब जरूरी है..

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    जीवन में जब तक ख़्वाब रहेंगे, 

    तब तक उनके पूरे होने की संभावनाएँ भी बनी रहेंगी ! ✨️

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  • सबसे हसीन दुनिया है आप. 😊

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    खुद को थोड़ा समय देकर देखो,

    तुम्हारी अपनी ही दुनिया सबसे हसीन लगेगी…

    जो सुकून तुम ढूंढते फिरते हो,

    वो तुम्हारे अंदर ही मुस्कुरा रहा है!!

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  • चेहरा नहीं बर्ताव देखो…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    हम लगाव किसी के चेहरे से नहीं

    बल्कि उसके अच्छे व्यवहार और 

    अच्छे विचारों से रखते हैं !.

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