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लेखक: Rani Thakur

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Rani Thakur

NSW अनुभवी लेखक -🥇 जो हमसे दूर हुए.. हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

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  • दग़ा देती है यार…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    वो गर्मी में भी सजा देती है..,

    वो सर्दी में भी सजा देती है..!

    .

    .

     पानी का टंकी बड़ा बेवफा है,

     हर मौसम में दगा देती है..!🤪🤣😂

     

    सही बात है न मित्र…

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    Rani Thakur

    NSW अनुभवी लेखक -🥇 जो हमसे दूर हुए.. हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

  • 💞💞 प्यार का नशा..पार्ट 9💞💞

    💞💞 प्यार का नशा..पार्ट 9💞💞

    पढ़ने का समय : 2 मिनट

    कहानी अब आगे,

     

    अमानत को यह सुनकर गुस्सा आता है, लेकिन वह डरी हुई भी है। वह रिशाल से कहती है, “मैं तुम्हारी गुलाम नहीं हूँ। मैं अपने फैसले खुद लेती हूँ और आगे भी लुंगी ।”

     

     

    रिशाल हँसता है और कहता है, “तुम्हारे फैसले अब मैं लूँगा। तुम्हारी जिंदगी मेरे हाथ में है। तुम्हारा भाई मेरे पास है मेरी हर बात माननी ही होंगी अगर भाई से इतना प्यार है तो, ताकि मे तुम्हारे भाई को सही सलामत छोड़ दू अब उसकी आजादी तुम्हारे हाथो मे है तो तुम सोच लो क्या करना है क्या नहीं मे तब तक यहाँ बैठता हु ये कहते हुए रिशाल अग्निहोत्री अमानत का हाथ छोड़ देता है और खुद सोफे पर बैठ पैर पर पैर राख कर डेविल स्माइल के साथ अमानत के तरफ देखने लगता है !!!!!

     

     

    अमानत को लगता है कि वह फँस गई है। वह सोचती है कि कैसे रिशाल से खुद को और अपने भाई को बचा सकती है। “

     

    वह रिशाल से कहती है, “मैं तुम्हारी हर बात मानूंगी , लेकिन तुम्हें मुझे प्रोमिस करना होगा की तुम मेरे भाई को कुछ भी नहीं करोगे और वो सुरक्षित होगा जहा भी होगा मेरी उससे बात करवाओगे ताकि मे उसे कह पाऊ की कोई बात नहीं है सब ठीक है और वो डरे नहीं वो मेरे छोटा भाई है मुझे उसकी फ़िक्र है और मे उसे अच्छे से जनता हु अभी वो डर रहा होगा की आखिर हूआ क्या जो उसे और मुझे यु अलग कर दिया गया है ।”

     

     

    रिशाल मुस्कराता है और कहता है, “मैं तुम्हे ये प्रॉमिस तो करना नहीं चाहता क्युकी में रिशाल अग्निहोत्री हु और रिशाल अग्निहोत्री का जब मन जो करने का वही करता है, पर मे इतना भी बुरा नहीं हु इसीलिए चलो मे प्रॉमिस करता हु की मे तुम्हारे भाई को कुछ भी नहीं करूँगा पर wait wait wait…., 

     

    अमानत,”अब क्या हूआ तुम वादा करो मेरे भाई को कुछ भी नहि करोगे और उसे सही सलामत रखोगे बोलो?”

     

    रिशाल अग्निहोत्री, ” हाँ बिलकुल पर तब तक ही जब तक तुम मेरी गुलामी करोगी और मेरी कहीं हर बात को मानोगी उसके बाद ही मे तुम्हे ये वादा कर सकता हु तो बोलो मंजूर है???? “

     

    क्या अमानत रिशाल को वादा कर पाएगी कि वह उसकी गुलाम बन कर ही रहेगी ? क्या वह अपने भाई को बचाने के लिए बन जाएगी गुलाम ?

     

     

     

    आज के लिए बस इतना ही, कल फिर मिलेंगे कहानी के एक नए भाग के साथ, तब तक अपना ख्याल रखिये | 

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  • सुकून मिलता है यार…

    सुकून मिलता है यार…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    कुछ उदासियां किसी से नहीं बांटी जा सकती 

    उन्हें खुद के अन्दर ही रखने में बहुत सुकून मिलता है.. ✍️✍️

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    NSW अनुभवी लेखक -🥇 जो हमसे दूर हुए.. हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

  • 💞💞प्यार का नशा.. पार्ट 8💞💞

    💞💞प्यार का नशा.. पार्ट 8💞💞

    पढ़ने का समय : 3 मिनट

    कहानी अब आगे, 

     

    अमानत फार्महाउस के अंदर कैद तो हो जाती है, पर उसके मन में कई सवाल हैं। वह सोचती है कि रिशाल अग्निहोत्री की दुश्मनी क्या है उससे और क्यों वह उसके भाई व्योम को खतरे में डाल रहा है, और उसके साथ ये सब आखिर क्यों कर रहा है?” 

     

    अमानत सोच लेती है की अबकी रिशाल आएगा तो वो रिशाल से पूछेगी , “की मुझे बताये , उसे मुझसे क्या चाहता है ? मेरे भाई को मुझे वापस कर दे उसे कुछ भी नहीं होना चाहिए अगर उसे कुछ हूआ तो वो भी नहीं जी पायेगी ।”

     

     अमानत को लगता है कि उसका भाई खतरे में है। वह सोचती है कि कैसे अपने भाई को बचा सकती है और रिशाल से उसे आजाद करवा सकती है।

     

     

    क्या अमानत अपने भाई को बचा पाएगी? क्या वह रिशाल के खतरनाक इरादों से खुद को बचा पाएगी?

     

     

    तभी दरवाजे पर कुछ हलचल होती है और फिर अमानत पीछे मुड़कर देखती है जहा रिशाल को अपनी तरफ आते हुए देखती है जिससे अमानत का मन डर जाता है वो सोचती है की पता नहीं अब ये क्या ही करेगा रिशाल अग्निहोत्री अंदर आकर दरवाजा बंद कर देता है और अमानत को घेर लेता है। अमानत को डर लगता है और वह पीछे हटने लगती है।

     

     

    रिशाल का चेहरा लाल हो जाता है और उसकी आँखें भी बहुत ही दरवानी सी लगती हैं। वह अमानत को कहता है, “तुम कहीं नहीं जा सकती। तुम मेरे साथ यही रहोगी।”

     

     

    अमानत की साँसें तेज हो जाती हैं और वह डर से कांपने लगती है। वह रिशाल से दूर रहने की कोशिश करती है, लेकिन रिशाल उसे पकड़ लेता है।

     

     

    अमानत छूटने की कोशिश करती है, लेकिन रिशाल की पकड़ मजबूत होती है । वह अमानत को दीवार से सटा देता है और उसकी आँखों में देखता है।

     

     

    रिशाल की आवाज में खतरा है, “तुम्हे मुझे समझने में समय लगेगा। लेकिन तुम्हें मुझे समझाना ही पड़ेगा मेरी डार्लिंग आखिर अब तुम्हे यहाँ ही रहना है तो ये सब की आदत डालनी होंगी तुम्हे my sweetheart….💞💞

     

     

    अमानत की आँखों में डर आ जाता हैं और वह रिशाल से कहती है, “मुझे छोड़ दो। मैं तुम्हारे साथ नहीं रहना चाहती आखिर मेने बिगड़ा ही क्या है तुम्हारा मे तो तुम्हे जानती तक नहीं फिर मेरे मेरे भाई के पीछे क्यों परे हो तुम?? है ऐसे ही बहुत सी मुश्किलो से घिरे है ज़िंदगी मे पहले ही अब तुम और मत बढ़ाओ प्लीज मुझे जाने दो और मेरे भाई को भी छोड़ दो प्लीज!!!

     

     

    रिशाल का चेहरा और भी लाल हो जाता है और वह अमानत को हस्ते हुए से कहता है, “तुम मुझे नहीं छोड़ सकती। तुम मेरी हो अब और मे तुम्हे कभी छोडरने नहीं दूंगा अब तुम्हारी यही जिंदगी है ये कैद और जब तक तुम यहाँ मेरी गुलामी करोगी तब तक ही तुम अपने भाई को बचा पाओगी उसके बाद तुम जानो और तुम्हरा वो भाई ।”

     

     

     

    अब अमानत को लगता है कि वह सच मे कैद मे आ चुकी है। 

     

    रिशाल अमानत की तरफ मुस्कुराकर देखता है और उसकी आँखों में एक डेविल सी चमक आ जाती है। वह अमानत को कहता है, “चलो शुरू हो जाओ, अमानत। आज से तुम्हारी जिंदगी मेरे हिसाब से चलेगी। आज से तुम मेरी गुलाम हो।”

     

     

     

    … to be continue…

     

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  • 💞💞प्यार का नशा… पार्ट 7💞💞

    💞💞प्यार का नशा… पार्ट 7💞💞

    पढ़ने का समय : 3 मिनट

    कहानी अब आगे,

    लोकेशन, ” रिशाल अग्निहोत्री फॉर्मेहाउस,”

    रिशाल अपनी कार में, ” चलो अंदर!!

    अमानत, ” ये क्या बतमीजी है आपकी, ” आप अमीर है तो क्या कुछ भी करेंगे मेने कहा न मे कहीं नहीं जाने वाली और मेरे भाई को आपने कहा छोड़ा है बताये कहा है मेरा व्योम? “

    रिशाल अग्निहोत्री, ” वही बोल रहा हु, ” चुपचाप जो बोल रहा हु वो करोगी तो तुम्हारा भाई ठीक रहेगा वरना तुम सोच भी नहीं सकती मे उसकी साथ क्या कर सकता हु वो अब मेरे आदमी के अंदर मे है मे जब चहु उसे ऊपर पंहुचा सकता हु?? और तुम अच्छे से जानती हो मे ऐसा जरूर कर सकता हु? “

    अमानत के आँखों मे आंसू आ जाते है ये सब सुन कर आखिर रिशाल ऐसा कर क्यों रहा है क्या दुश्मनी थी उसकी अमानत से ये अमानत को समझ ही नहीं आ रहा था? “

    रिशाल अग्निहोत्री, ” लगता है तुम ऐसे नहीं मानोगी मुझे तुम्हे सबूत दिखाना ही होगा या फिर कुछ कर के बताना ही होगा की मे कुछ भी कर सकता हु? “

    रिशाल न अपने शर्ट के पॉकेट से फोन निकला और अपने आदमी को कॉल कर कहा व्योम का वीडियो उतर कर भेजो ओर हाँ मेरे ऑडर का इंतजार karna तभी उसे कुछ करना तब तक के लिए उसे कुछ सांस और ले लेने दो!!

    कुछ ही देर मे रिशाल के फ़ोन पर एक वीडियो आता है जो रिशाल अमानत को दिखा कहता है, ये देखो ये रहा तुम्हारा भाई जो अभी स्विंप्लू के आगे बैठा है मेरे आदमी बस मेरे ऑडर का इंतजार कर रहे है मेरे हाँ कहते है ही ये तुम्हारे भाई को धक्का दे देंगे और फिर वो पानी के अंदर…. और जहा तक मुझे पता है सायद तिम्हारे भाई को स्विंग करना नहीं आता है क्यों सही कहा न मेने??

    अमानत आपमें भाई को देख डर जाती है क्युकी ये बात सच थी की उसे स्विंग नहीं आता था,

    अमानत, ” व्योम…. व्योम् हट जा वहा से क्या कर रहा है वहा पर हट जा… देखो तुम ऐसा कुछ भी नहीं करोगे मेरे भाई को छोड़ दो उसने क्या ही बिगड़ा है तुम्हरा मेरे भाई को बक्श दो तुम जो बोलोगे वो करुँगी मे पर मेरे भाई को छोड़ दो pls..!!!

    रिशाल अग्निहोत्री, ” तो ये हुई न बात अब बानी हो तुम असली बहन.. चलो अभी के लिए तो तुमने अपने भाई की जान बचा ली अब बस देखना है की और कितने देर बचा पाती हो.. मेरी जान अब चलो अंदर जाओ मे अभी आता है कार पार्क कर के फिर मे तुम्हे बताता हु की आगे करना क्या है….!!!!

    अमानत को तो कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की ये उसकी साथ हो क्या रहा है आखिर ये सब क्यों.. ये है कौन जो उसकी साथ ऐसा सब कर रहा है इसकी तो कोई दुश्मनी भी नहीं है अचानक कहीं से आकर मेरे साथ ये बर्ताव क्यों कर रहा है मेरा व्योम सही तो होगा न मेरी जान है वो उसकी बिना तो मे जीने का सोच भी नहीं सकती क्या करू कैसे बचाऊ खुद के भाई को… माँ पापा आप ही कुछ रास्ता दिखाई??? “”!!!!

    .. to be continue…

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  • 💞💞प्यार का नशा पार्ट 6💞💞

    💞💞प्यार का नशा पार्ट 6💞💞

    पढ़ने का समय : 3 मिनट

    अब आगे,

    व्योम को इतना ख्याल नहीं रहता है कु वो बिच सड़क पर aa गया है और तभी एक रज रफ़्तार से आती हुई कार जो व्योम के बिलकुल नजदीक आ रही थी वो हॉर्न बजती है पर व्योम को सुनाई नहीं देता है क्युकी उसका ध्यान कहीं और ही रहता है |”

    अमानत जैसे ही पीछे मुर देखती है उसकी हाथो से सामान छूट कर नीचर गिर जाता है और वो भागती हुई व्योम के पास जाती है और उसे खींच कर साइड करते हुए उस कार वाले को सुनाने लगती है,

    कुछ आगे जाकर वो कार भी रुक जाती है,

    अमानत, ” तू ठीक है न व्योम ये ज्या कर रहा है अभी तुझे किछ हो जाता तो मे क्या करती अपना ख्याल रखना चाहिए न, तभी कार उन दोनों के सामने आ जाती है और उससे बाहर आते है Ra….

    अमानत खरी हो जाती है, रिशाल अग्निहोत्री को देख उसे उस बिच पर हुई बातें याद आ जाती है, अपर आज उसकी गलती थी इसीलिए वो बिना कुछ सोचे समझें Ra को काफ़ी कुछ कहती है.. आज उसके भाई का सवाल था वो चुप कैसे रह सकती थी, देखते ही देखते काफ़ी भीड़ जमा हो जाती है, और सभी रिशाल अग्निहोत्री को एक आम लड़की से बात सुनता हूआ देख हस देते है |”

    रिशाल अग्निहोत्री जो अमानत से माफ़ी मांगने की सोच रहा था इस इंसिडेंट के बाद वो अमानत से बेहद नफरत करने लगता है आखिर अमानत न उसे सबके सामने बेज्जत जो किया, वो अमानत से बदला लेने का सोच कहता है,

    रिशाल अग्निहोत्री, ” मुझे माफ कर दो गलती से हो गया, पर मे इसीलिए भरपाई करना चाहता हु, तुम दोनों मेरे साथ चलो मे तुम्हे कहीं ले जाना चाहता हु |”

    अमानत, ” कहा ले जाना है हमें कहीं नहीं जाना आप जेसो के साथ जिसे बस अपने पेसो का रोब दिखाना आता है खड़ूस…

    रिशाल अग्निहोत्री अपने gusse को काबू मे कर व्योम को और फिर उसकी बहन को कार मे बिठा कर जबरदस्ती ही ले जाता है |”

    अमानत, ” ये क्या मज़ाक लगा रखा है आपने आप हमारे साथ जबरदस्ती केसव कर सकते है एक तो गलती करते है ऊपर से उतना एगो….

    रिशाल कुछ नहीं कहता है और कुछ दुरी पर एक अच्छे से हॉस्टल मे व्योम का एडमिशन करवा देता है जहा व्योम को वो भेज कर अपने फार्महाउस मे कार जाकर रोक अमानत को उतार देता है,

    अमानत -” ये सब क्या है मेरा भाई …. आपने उसे कहा छोड़ दिया है ये सबा क्या कर रहे है आप?? “

    क्या करेगा रिशाल अमानत के साथ??

    आखिर रिशाल न क्यों किया व्योम और अमानत को अलग अलग??

    क्या Ra के मन मे चल रहा है कोई और ही सवाल क्या अमानत कर पायेगी Ra का सामना?? 

    आज के लिए बस इतना ही, कल फिर मिलेंगे कहानी के एक नए भाग के साथ, तब तक अपना ख्याल रखिये | आगे का कहानी जानने के लिए आपलोग इसलिए कहानी को आगे पढ़ते रहे और अपना सपोर्ट देते रहे.. 🙂

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  • 💞💞प्यार का नशा.. 💞💞पार्ट 5

    💞💞प्यार का नशा.. 💞💞पार्ट 5

    पढ़ने का समय : 3 मिनट

    कहानी अब आगे,

    अमानत, ” नहीं अंकल ऐसा मत कहिये मे आपका एक एक रुपया दे दूंगी बस कुछ समय और दे दीजिये मुझे बस काम मिलने ही वाला है आप मेरी बात को समझने की कोशिश कीजिये, आप यहाँ से निकाल देंगे तो मे कहा जाउंगी pls अंकल ऐसा मत करिये!”

    मकान मलिक, ” मे तो ऐसा ही करूँगा बहुत झेल लोया तुम दोनों का नतक अब अभी के अभी निकलो मेरे घर से पेसो की तो उम्मीद ही नहीं है तुम फातिचरों से निकलो मेरे घर से,

        ये कहते हुए मकान मालिक अपन कुछ गुंडों को घर खाली करवाने का इशारा करता है,

    अमानत बार बार हाथ जोरती है की उसे कुछ समय दे दे वो कुछ न कुछ कर लेगी उसे जॉब मिल जायेगा पर उसकी एक भी नहीं सुनी जाती है,

    आखिर मे अमानत और उसकी छोटे से भाई व्योम लो सामान के साथ बाहर फेक दिया जाता है और वाह से जाने लो कह दिया जाता है,

    अमानत के पास और कोई भी ऑप्शन नहीं रहता है तो उसे जाना ही परता है पर कहा जाय क्या करें उसे कुछ भी समझ नहीं आता है, वो अपने भाई के सामने ये सब नहीं दिखा सकती थी इसीलिए वो कहती है की वो इससे भी अच्छे घर मे जाएगी और सब ठीक हो जायेगा व्योम को सब कुछ दिलवाने का उसका जो सपना था वो एक ही पल मे टूट जाता है |”

    बिच सरक पर चलते हुए उसके भाई को प्यास लग जाती है, अमानत के पास बोटोल नहीं रहता है जिस कारण ओ परेशान हो जाती है और यहाँ वहा ढूंढती है, तभी उसे एक ठेले वाला दिखाई देता है और वो उससे पानी लेके अपने भाई व्योन को पिलाती है |”

    अमानत, ” तू ठीक है न व्योम? “

    व्योम, ” हाँ दीदी मे ठीक हु आप जब तक हो मुझे क्या होगा पर मे आपके लिए बोझ सा हो गया हु न आपको मेरे लिए कितना परेशान होना परता है न पता नहीं मे कब आपकी मदद के लिए बनूँगा सायद अंकल न सही कहते है मे न कामचोर हु तभी तो मे आपके दूँखों का कारण बन गया हु |”

    अमानत, ” नहीं नहीं व्योम ऐसा कुछ भी नहीं है तू ये सब मत सोच देख भगवान जब एक दरवाजा बंद करते है न तो उन्होंने पहले ही दूसरा दरवाजा सोच रखा होता है, तू देखना सब सही हो जायेगा तू बस अपने मन से न ये सबा वहम निकल दे समझ!”

    व्योम, ” आप सच कह रही है दीदी!”

    अमानत, ” तो ज्या तेरी बहन क्या तुझसे झूठ कहेगी भला!!

    अमानत अपने भाई को समझा देती है पर उसे खुद कुछ समझ नहीं आता है की आखिर अब करें क्या,

    अमानत, ” अच्छा रुक तू यही पर मे तेरे लिए कुछ खाने को लाती हु तुझे भूख लग गया होगा न,

    व्योम दीदी की बात पर सर हिला देता है क्युकी उसे सच मे भूख लग गयी थी, अमानत जैसे ही कुछ खाने को लाने के लिए ठेले के पास जाती है की तभी व्योम की नजर सड़क पर परी एक बेलून पर जाता है और वो उसे लेने के लिए बिच सड़क पर चला जाता है |”

    … to be continue…

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  • मित्र…

    मित्र…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    जिसका जैसा “चरित्र” होता है

    उसका वैसा ही “मित्र” होता है

    ”शुद्धता” होती है “विचारों” में

    “आदमी” कब “पवित्र”होता है

    फूलो में भी कीड़े पाये जाते हैं..,

    पत्थरों में भी हीरे पाये जाते हैं..

    बुराई को छोड़कर

    अच्छाई देखिये तो सही..,

    नर में भी नारायण पाये जाते हैं..

    मैं आप के साथ हूँ, ये मेरा भाग्य है

    पर आप मेरे साथ है, यह मेरा सौभाग्य है मित्र… ✍️✍️

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    Rani Thakur

    NSW अनुभवी लेखक -🥇

    जो हमसे दूर हुए..

    हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

  • सुना है बहुत ख़ुश है वो किसी और से मिलके…

    सुना है बहुत ख़ुश है वो किसी और से मिलके…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट
    🎧 कहानी सुनें

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    अर्ज किया है,,

    बिछड़े हुए लोग जब बुरे दौर से मिलेंगे 

    दर्द जब भी मिलेंगे चारों ओर से मिलेंगे!!

    सुना है बहुत खुश है वो किसी ओर से मिल कर 

    आग तो तब लगेगी जब हम किसी ओर से मिलेंगे… 😎😎

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    Rani Thakur

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  • मर क्यों नहीं जाते हो…??

    मर क्यों नहीं जाते हो…??

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    आखिर कह ही डाला उसने

     एक दिन…..

    इस कदर टूटे हो बिखर क्यो 

    नही जाती हो…..??

    कब तक निभाओगे ये 

    दर्द भरी जिंदगी…..??

    किसी रात खामोशी से मर

     क्यो नही जाती हो……?? 😭😭

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    Rani Thakur

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    जो हमसे दूर हुए..

    हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏