कंधे पर तेरे मेरा सर हो
मैं इस दुनिया से बेखबर हूं,
शाम गहराने लगी है खामोशियां
हमारी गुनगुनाने लगी है
और हमें क्या चाहिए बस…
एक दूसरे का साथ ताउम्र चाहिए,
ये नदियों का कल – कल
ये हवाओं की बहती मीठी धुन
यूं तुम्हारा मेरे साथ रहते हुए संगीत सुनाना
ये ढलते सूर्य की लाली ये दूरियां अम्बर से हमारी
और ये बढ़ती नजदीकियां हमारी सच कहूं तो मुझे दीवाना
तुम्हारा करती जा रही है
ये साथ हमारा हमेशा
यूं ही बना रहेगा ❤️❤️❤️❤️…
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