अगर बात मोहब्बत की हैं तो बताओ ना
या फिर कोई गीत हैं तो गुनगुनाओ ना
कब से सब मैं ही कहे जा रहा हूँ
तुम भी कुछ दिल की बात सुनाओ ना
वहां से कहोगी तो अच्छा नहीं लगेगा
दूर क्यों बैठी हो , पास ही आ जाओ ना
मैं कब से बेचैन हूँ जानने को
दिल में क्या छुपाया हैं , जरा दिखाओ ना
इजहार का सोच कर आई हो , तो कहो
एक बार मुझे भी अपने सीने से लगाओ ना…
कुछ तो कहो यु चुप ना रहो.. मेरी बातो को तो समझ पाओ न…
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
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