हाँ हम बिहारी हैं जी,
हाँ हम बिहारी हैं जी,
थोड़े संस्कारी हैं जी…
माटी को सोना कर दें,
ऐसी कलाकारी है जी,
हाँ हम बिहारी हैं जी…
मिट्टी पर चित्र बना लेते हैं,
हर हुनर में जान डाल देते हैं,
हाँ हम बिहारी हैं जी…
मिट्टी के बर्तन से पूजा कर लेते हैं,
कम में भी खुश रह लेते हैं,
दिल से रिश्ते निभा लेते हैं,
हाँ हम बिहारी हैं जी…
सादा जीवन, ऊँचे विचार,
यही हमारी पहचान है जी,
दिल से अपनापन देने वाले,
हाँ हम बिहारी हैं जी…

NSW अनुभवी लेखक -🥇


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