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बच्चों की यात्रा

पढ़ने का समय : 3 मिनट

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक नन्हा चाँद रहता था। उसका नाम था चमकीला। चमकीला हमेशा आकाश में तारे के साथ खेलता और रात का नज़ारा देखने आता। लेकिन एक दिन, उसे एक सपना आया। उसने देखा कि वह धरती पर जाकर सारे बच्चों से मिलना चाहता है।

चमकीला ने अपने दोस्तों, तारे और बादल से कहा, “मैं धरती पर जाना चाहता हूँ। मैं वहाँ के बच्चों के साथ खेलना चाहता हूँ।” तारे ने मुस्कुराते हुए कहा, “लेकिन चमकीला, तुम तो आकाश का चाँद हो। तुम धरती पर कैसे जा सकते हो?” 

चमकीला ने कहा, “मैं अपनी पूरी कोशिश करूंगा। मुझे सिर्फ एक मौका चाहिए।” उसने बादल से पूछा, “क्या तुम मुझे नीचे लाने में मदद करोगे?” बादल ने कहा, “बिल्कुल, मैं तुम्हें नीचे ले चलूँगा। लेकिन तुम्हें जल्दी आना होगा, वरना सूरज उग जाएगा।”

तो चमकीला और बादल ने मिलकर एक योजना बनाई। बादल ने चमकीला को अपने विशाल पंखों में समेटा और धीरे-धीरे नीचे की ओर उड़ने लगा। जैसे ही वे धरती के करीब पहुँचे, चमकीला बहुत उत्साहित था।

जब वे धरती पर पहुँचे, तो चमकीला ने देखा कि बच्चे खेल रहे थे, हंस रहे थे और खुश थे। चमकीला ने तुरंत बच्चों के बीच में आने की इच्छा व्यक्त की। बच्चे उसकी चमकीली रोशनी और सुंदरता को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने चाँद से कहा, “क्या आप सच में चाँद हैं?

चमकीला ने कहा, “हाँ, मैं ही हूँ! मैं यहाँ खेलने आया हूँ। चलो, हम साथ में खेलते हैं!” बच्चे बहुत खुश हुए और उन्होंने चमकीला के साथ खेलना शुरू कर दिया। वे दौड़ने लगे, कूदने लगे और चाँद की रोशनी में तारे की तरह चमकने लगे

चमकीला ने देखा कि बच्चे कितने खुश हैं। वह उनके साथ खेलते हुए समय को भूल गया। लेकिन जल्द ही सूरज की किरणें फैलने लगीं। चमकीला को जल्दी समझ में आया कि अब उसे वापस आकाश में जाना होगा।

बच्चों ने उसे रोकने की कोशिश की, “नहीं, चमकीला! मत जाओ!” लेकिन चमकीला ने कहा, “मुझे जाना होगा, लेकिन मैं हमेशा तुम सबके साथ रहूँगा। जब भी तुम रात में मुझे देखोगे, तो याद रखना, मैं तुम्हारे दोस्त हूँ।

बादल ने फिर से चमकीला को अपने पंखों में समेटा और धीरे-धीरे उसे आसमान में ले जाने लगा। जब वह वापस चाँद पर पहुँचा, तो उसने अपने दोस्तों को बताया कि उसने धरती पर बच्चों के साथ कितना मजेदार समय बिताया

उस रात, जब बच्चे सो रहे थे, उन्होंने चाँद को अपनी खिड़की से देखा और मुस्कुराने लगे। उन्हें पता था कि उन पर हमेशा चमकीला की नज़र है।

सपने देखने और उन्हें पूरा करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। दोस्ती और खुशी हर जगह मिलती है, बस हमें उसे पहचानने का तरीका सीखना होता है।

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