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😱सुहागन चुड़ैल 😱 लाल चुनरी वाली दुल्हन😱( Part-1)

पढ़ने का समय : 4 मिनट

 

  1. 😱सुहागन चुड़ैल 😱 लाल चुनरी वाली दुल्हन😱

 

 

PART-1

 

 

बरसात की काली रात थी। आसमान में बादल ऐसे गरज रहे थे, मानो किसी अनजाने क्रोध से भरे हों। बिजली की चमक हर कुछ मिनट बाद पूरे जंगल को सफेद रोशनी से भर देती, और फिर सब कुछ पहले से भी अधिक गहरे अंधेरे में डूब जाता।

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव भैरवपुर के बाहर एक पुरानी हवेली थी। गाँव वाले उसे “लाल हवेली” कहते थे। उस हवेली के बारे में एक बात हर बच्चा बचपन से सुनता आया था—

“आधी रात के बाद अगर किसी ने लाल साड़ी पहने, माँग में सिंदूर लगाए और हाथों में लाल चूड़ियाँ पहने किसी औरत को देखा… तो समझ लो वह इंसान नहीं, सुहागन चुड़ैल है।”

कई लोगों ने उसे देखने का दावा किया था, लेकिन जो भी उसके पीछे गया, वह कभी वापस नहीं लौटा।

गाँव के लोग शाम ढलते ही अपने घरों के दरवाजे बंद कर लेते थे। कोई भी रात में उस हवेली या उसके आसपास जाने की हिम्मत नहीं करता था।

लेकिन शहर से आया अर्जुन इन कहानियों पर विश्वास नहीं करता था।

अर्जुन पेशे से एक पत्रकार था। उसे भूत-प्रेत की कहानियों की सच्चाई जानने का शौक था। जब उसने भैरवपुर की सुहागन चुड़ैल की कहानी सुनी, तो उसने तय कर लिया कि वह इस रहस्य का पर्दाफाश करेगा।

गाँव पहुँचते ही उसने सबसे पहले सरपंच से मुलाकात की।

सरपंच ने उसकी बात सुनते ही गहरी साँस ली।

“बेटा… अगर मेरी बात मानो, तो कल सुबह ही यहाँ से लौट जाओ।”

अर्जुन मुस्कराया।

“चाचा, मैं भूतों पर विश्वास नहीं करता।”

सरपंच की आँखों में डर साफ दिखाई दे रहा था।

“हम भी पहले नहीं करते थे…”

इतना कहकर वह चुप हो गया।

अर्जुन ने पूछा, “क्या हुआ था?”

सरपंच ने काँपती आवाज़ में कहना शुरू किया—

“आज से पच्चीस साल पहले इसी गाँव में नंदिनी नाम की एक लड़की रहती थी। उसकी शादी पूरे गाँव की सबसे बड़ी शादी थी। लाल जोड़ा, सोने के गहने, हाथों में मेहंदी… वह सचमुच किसी रानी से कम नहीं लग रही थी।

लेकिन शादी वाली रात कुछ ऐसा हुआ, जिसने सब कुछ बदल दिया।”

अर्जुन ध्यान से सुनने लगा।

“बारात लौट रही थी। तभी जंगल के पास डाकुओं ने हमला कर दिया। दूल्हे को सबके सामने मार दिया गया। नंदिनी अपने पति का शव देखकर पागल हो गई। वह रोती रही… चीखती रही…

फिर अचानक वह जंगल की ओर भागी।

लोग उसके पीछे दौड़े…

लेकिन वहाँ पहुँचकर उन्हें केवल उसकी लाल चुनरी मिली।

उस दिन के बाद नंदिनी कभी नहीं मिली।”

“फिर?” अर्जुन ने पूछा।

सरपंच की आवाज़ और धीमी हो गई।

“ठीक सात दिन बाद पहली लाश मिली।”

“किसकी?”

“एक लकड़हारे की।”

“कैसे मरा था?”

“उसके शरीर में खून की एक भी बूंद नहीं थी… लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कान थी… जैसे मरने से पहले उसने किसी अपने को देखा हो।”

अर्जुन ने मन ही मन सोचा—यह जरूर किसी जंगली जानवर का काम होगा।

लेकिन सरपंच अभी खत्म नहीं हुआ था।

“उसके बाद हर साल… उसी तारीख को… एक आदमी गायब होने लगा।”

“सिर्फ आदमी?”

“हाँ… और जिनकी लाश मिलती… उनके गले पर लाल चूड़ियों के निशान होते।”

अर्जुन ने हँसते हुए कहा—

“यह सब अंधविश्वास है।”

सरपंच ने उसे ध्यान से देखा।

“अगर आज रात हवेली जाओगे… तो याद रखना… अगर कोई औरत तुम्हें तुम्हारे नाम से बुलाए… तो पीछे मत मुड़ना।”

अर्जुन ने सिर हिलाया और अपना कैमरा उठाकर हवेली की ओर चल पड़ा।

रात के ठीक बारह बजे वह लाल हवेली के सामने खड़ा था।

हवेली का मुख्य दरवाजा आधा खुला था।

अंदर से ठंडी हवा के साथ पायल की हल्की आवाज़ आ रही थी।

अर्जुन ने कैमरा ऑन किया और धीरे-धीरे अंदर चला गया।

कमरों में धूल जमी थी।

दीवारों पर पुराने चित्र टंगे थे।

अचानक ऊपर की मंजिल से किसी औरत के हँसने की आवाज़ आई।

अर्जुन सीढ़ियाँ चढ़ने लगा।

हर कदम के साथ आवाज़ और साफ होती गई।

ऊपर पहुँचकर उसने देखा…

एक कमरा खुला हुआ था।

कमरे के बीचों-बीच एक दुल्हन पीठ किए बैठी थी।

लाल बनारसी साड़ी…

हाथों में चूड़ियाँ…

पैरों में पायल…

और माँग में चमकता सिंदूर।

अर्जुन मुस्कराया।

“कौन है? गाँव वालों को डराने का अच्छा तरीका है।”

दुल्हन धीरे-धीरे खड़ी हुई।

उसकी पीठ अब भी अर्जुन की ओर थी।

अचानक उसने बिना मुड़े कहा—

“अर्जुन…”

अर्जुन का दिल एक पल के लिए रुक गया।

उसने अपना नाम तो किसी को नहीं बताया था।

कमरे में सन्नाटा फैल गया।

दुल्हन ने फिर कहा—

“इतनी देर लगा दी आने में… मैं पच्चीस साल से तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ…”

अर्जुन के हाथ काँपने लगे।

तभी दुल्हन की गर्दन धीरे-धीरे पूरी तरह पीछे घूम गई…

लेकिन उसका शरीर वहीं सीधा खड़ा रहा।

उसका चेहरा बिल्कुल सफेद था।

आँखों की जगह काले गड्ढे थे…

और उसके होंठों पर एक भयानक मुस्कान फैल गई।

अर्जुन के हाथ से कैमरा नीचे गिर पड़ा।

उसी क्षण पूरे कमरे में एक साथ सैकड़ों लाल चूड़ियाँ टूटने की आवाज़ गूँज उठी…

और दुल्हन ने अपने लंबे, नुकीले नाखून अर्जुन की ओर बढ़ा दिए…

 

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