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तुझ बिन मैं कहाँ 💘💘

पढ़ने का समय : < 1 मिनट

जैसे खुशबू बिना कोई फूल अधूरा हो,

जैसे चाँद भी हो मगर उसकी चाँदनी कहीं खोया हो।

 

तेरी बाहों में ही मेरी हर शाम सिमटती है,

तेरे नाम से ही मेरी हर सुबह सँवरती है।

तू पास हो तो धड़कनों को सुकून सा मिलता है,

तेरी हँसी से ही मेरी दुनिया निखरती है।

 

तेरे लबों की मिठास में मेरा हर ख्वाब घुल जाए,

तेरी आँखों की गहराई में मेरा जहाँ डूब जाए।

तू छू ले जो हल्के से, तो रूह तक महक उठे,

तेरे इश्क में ये दिल हर हद से गुजर जाए।

 

मैं तुझमें खो जाऊँ, तू मुझमें कहीं ठहर जाए,

जैसे दो धड़कनें मिलकर एक कहानी कह जाएँ।

ना कोई फासला रहे, ना कोई खामोशी दरमियां,

बस तेरे मेरे प्यार का सिलसिला यूँ ही बह जाए।

 

तुझ बिन मैं कहाँ — अब ये कहना भी जरूरी नहीं,

तू ही मेरा सुकून है, तू ही मेरी हर खुशी।

अगर तू साथ है, तो हर लम्हा जन्नत सा लगे,

  • वरना ये दिल तेरे बिना कहीं भी लगे नहीं।

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