“मां की मोहब्बत का अंदाज़ अलग होता है,
दर्द हो चाहे कितना भी,
उसके पास हर ज़ख्म का इलाज होता है। 💖
- Happy Mors day

पढ़ने का समय : 3 मिनट
जंगल में एक छोटा सा जुगनू रहता था जिसका नाम था चमकी। चमकी बहुत चंचल था और हमेशा आसमान के तारे देखने की चाह में रहता था। उसे रात में आसमान में चमकते हुए तारे बहुत पसंद थे। चमकी हर रात अपनी छोटी-सी रोशनी के साथ जंगल में उड़ता और तारे देखने का आनंद लेता। लेकिन एक चीज उसे हमेशा परेशान करती थी—क्योंकि वह जानता था कि वह बहुत छोटा आहे, और उसकी चमक तारे के मुकाबले बहुत छोटी थी।
एक रात, चमकी ने शांति से आसमान की ओर देखा। उसने एक तारे को बहुत करीब से देखा और वह बड़ा और चमकीला लग रहा था। उसने सोचा, “कितना अच्छा होगा अगर मैं भी ऐसा चमकदार और बड़ा बना पाऊँ।” लेकिन उसे यह सोचकर बहुत दुःख हुआ कि उसकी रोशनी तो बहुत छोटी है। “मेरी रोशनी किसी को नहीं दिखती,” उसने उदासी से सोचा।
चमकी ने अपनी दुखी मनोदशा को समाप्त करने का निर्णय किया। उसने सोचा, “अगर मैं खुद को बदल नहीं सकता, तो मुझे अपनी चमक को पहचानने की कोशिश करनी पड़ेगी। मुझे अपनी चमक को अधिकतम करने के लिए परिश्रम करना होगा।” ऐसा सोचकर, उसने अपने आप को प्रेरित किया और अपने दोस्तों से बात करने का प्रस्ताव दिया।
उसने अपने दोस्तों से, जैसे तितली, गेंदे का फूल, और अन्य छोटे जीवों से मदद मांगी। सब उसे हंसते हुए सुन रहे थे, बताने लगे, “तुम तो बस एक जुगनू हो, क्या तुम तारे के समान चमक सकती हो?” हालांकि, चमकी ने अपने भीतर की आशा को नहीं छोड़ा। वह समझता था कि हर कोई अपनी विशेषता के साथ अद्वितीय होता है।
एक दिन, चांद की रोशनी में, उसने अपने दोस्तों को इकट्ठा किया और कहा, “मैं चाहूँगा कि मैं एक रात में चमकने के लिए अपनी पूरी कोशिश करूँ। मैं आकाश के तारे की तरह चमकने की कोशिश करूंगा।” उसने अपने दोस्तों से समर्थन मांगते हुए कहा कि वह एक शक्तिशाली रोशनी उत्पन्न कर सकता है, अगर वे उसकी सहायता करें।
उसके दोस्तों ने उसकी सहयोग की बात सुनी और उसे प्रेरित किया। रंग-बिरंगी तितलियाँ उसके चारों ओर उड़ने लगीं और गेंदे का फूल भी चमकी को प्रोत्साहित करने लगा। सबने कहा, “हम तुम्हारे साथ हैं, चमकी! तुम कर सकते हो!”
तब चमकी ने अपने एक दोस्त, एक साधारण कागज के फूल से भी मदद मांगी। उसने कहा, “अगर तुम मेरे साथ रहोगे, तो मैं तुम्हारी सहायता से अपनी रोशनी को और तेज़ कर सकूँगा।” फूल ने समझाया, “मैं जुगनू में विश्वास करता हूँ। तुम्हारी रोशनी की उत्तमता तुम्हारे भीतर ही है, बस तुम्हें उसे ढूंढना है।”
उस रात, सबने मिलकर एक योजना बनाई। जुगनू ने सोचा, “यदि मैं अपनी रोशनी को चमकाने के लिए खुले आसमान में उड़ता रहूँगा और अपने दिल की गहराइयों से चमकूँगा, तो शायद मैं सच में चमक सकता हूँ।” उसने अपने दोस्तों के सहयोग से एक बड़े वृक्ष के नीचे एक मंडली बनाई, जहाँ सभी ने अपनी रोशनी और रंग-बिरंगे पंख फैलाए।
चमकी ने पेड़ की शाखाओं पर बैठकर अपनी पूरी ताकत लगाई। वह अपनी पंखों को झपकाने लगा, और धीरे-धीरे उसकी चमक बढ़ने लगी। उसके दोस्तों ने उसका उत्साह बढ़ाया और चारों ओर से उसका समर्थन किया। सभी ने मिलकर एक सुंदर प्रदान दिया, और चमकी की रोशनी आसमान में फैलने लगी। धीरे-धीरे, चमकी ने अपनी रोशनी
का समर्पण किया,
Lakshmi Kumari

पढ़ने का समय : < 1 मिनट
ज़िंदगी एक प्यारी कहानी,
कभी हँसी, कभी हैरानी।
कभी धूप है, कभी बरसात,
कभी मिठास, कभी खट्टी बात।
गिरकर हमें चलना सिखाती,
आगे बढ़ने का हौसला दिलाती।
सपनों को उड़ान यहाँ मिलती,
मेहनत से पहचान यहाँ मिलती।
कभी खेल है, कभी इम्तहान,
कभी सफर, कभी अरमान।
हर दिन नया सबक सिखाती,
आशा की किरण जगाती।
मुस्कान बाँटो, प्यार लुटाओ,
ज़िंदगी को खुशियों से सजाओ।
हर लम्हा जी भरकर जीना,
ज़िंदगी का असली है नगीना।
Lakshmi Kumari

पढ़ने का समय : 6 मिनट
सिंघानिया विला ,
सिंघानिया विला में , आज सुबह से , ही बहुत ज्यादा चहल पहन थी।
मिसेज सिंघानिया अपनी बेटी की तरफ देखते हुए बोली , तुम खुश तो होना । आखिरकार तुम्हारी शादी , तुम्हारे पसंद के लड़के से हो रही है ।
नियति मुस्कुराते हुए बोली , मॉम मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं ।
आज फाइनली , मेरी और राज की शादी हो रही है ।
मिसेज सिंघानिया मुस्कुराते हुए बोली , आखिरकार 3 सालों बाद , तुम्हें तुम्हारा प्यार मिलने जा रहा है ।
यह सुनकर नियति मुस्कुराने लगी ।
मिसेज सिंघानिया ने अपनी बेटी की तरफ देखते हुए बोली , तुम जाओ और जाकर , इस शादी जोड़े को पहन लो ।
ये सुनते ही , नियति की नजर बेड पर गई , जहां एक बहुत खूबसूरत सा लाल रंग का लहंगा रखा हुआ था ।
नियति ने मुस्कुराते हुए , उस लहंगे को लिया और बाथरूम की तरफ चली गई ,,
वहीं मिसेज सिंघानिया ने अपने मन में बोली , पता नहीं मुझे क्यों . . . घबराहट हो रही है । राज और उसकी फैमिली तो , इस रिश्ते के लिए मान गई है । ।
फिर मुझे घबराहट क्यों हो रही है । मेरी बेटी को उसका प्यार मिल रहा है । ये बोलते हुए , मिसेज सिंघानिया बार-बार , खुद को दिलासा दे रही थी ।
करीब 1 घंटे बाद ,
नियति अच्छी तरह से तैयार होकर , अपने कमरे में बैठी हुई थी ।
वही नियति की सभी सहेलियां , उसे राज के नाम से परेशान कर रही थी । नियति बहुत ही ज्यादा खुश थी ।
आज फाइनली इतने सालों बाद , उसे उसका प्यार मिलते जा रहा है । ।
राज से नियति को स्कूल टाइम से ही प्यार था और आखिरकार कॉलेज में आते आते ,, राज ने उसे प्रपोज कर दिया ।।
आज नियति की जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल था । जब राज और वह पूरी तरह से एक हो जाएंगे । ये सोचते हुए , नियति शरमा रही थी ।
गार्डन एरिया
मिसेज सिंघानिया ने बारात का स्वागत किया । ।
राज मुस्कुराते हुए बोला , आंटी मेरी दुल्हन कैसी है ।। मिसेज सिंघानिया ने मुस्कुराते हुए बोली , थोड़ी देर बाद , खुद अपनी दुल्हन को देख लेना ।
ये सुनकर राज मुस्कुराते हो जाकर मंडप में बैठ गया । राज बहुत बेसब्री से बार-बार , इधर-उधर देख रहा था ।।शायद उसे नियति की एक झलक देखने को मिल जाए ।।
राज की फैमिली ने , राज को रस्मों का नाम देकर , 3 दिनों से , नियति का चेहरा भी देखने नहीं दिया ।।
राज ने खुशी से अपने मन में कहा , सच में , आज मैं बहुत खुश हूं । मेरा प्यार मेरा हो जाएगा । ये बोलते हुए , राज मुस्कुराते हुए , बस बेसब्री से नियति का इंतजार कर रहा था ।।
पंडित जी ने , मिसेज सिंघानिया की तरफ देखते हुए बोली , दुल्हन को बुलाइए ,, ।।
ये सुनकर मिसेज सिंघानिया से ज्यादा , राज बहुत ही ज्यादा खुश था । फाइनली वह नियति को देखेगा । ये सोचते हुए , राज मुस्कुराते हुए दरवाजे की तरफ देखने लगा । जिस तरफ मिसेज सिंघानिया नियति को लाने के लिए गई थी ।
करीब 10 मिनट बाद , मिसेज सिंघानिया नियति को लेकर गार्डन एरिया में आ गई ,, ।।
राज ने जैसे ही , नियति को देखा , वह देखता ही रह गया ।नियति देखने में बहुत ही ज्यादा खूबसूरत और प्यारी लग रही थी ।
नियति मुस्कुराते हुए , राज के पास बैठ गई ,
राज ने धीरे से उसके कान में कहा , सच में , आज तुम बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही हो ।
यह सुनकर नियति मुस्कुराते हुए बोली , तुम भी बहुत ही ज्यादा हैंडसम लग रहे हो । ये बोलते हुए , दोनों एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखने लगे ।
तभी पंडित जी ने नियति और राज की तरफ देखते हुए कहा , आप दोनों जयमाला के लिए , खड़े हो जाइए ।।
यह सुनकर नियति मुस्कुराते हुए , राज को देखने लगी ।
राज खड़ा हो गया और अपने हाथ को नियति की तरफ बढ़ाया ,,
नियति ने राज के हाथ को पकड़ा और उसके बगल में खड़ी हो गई ,,
दोनों एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे । वहीं चारों तरफ बस खुशी का माहौल था ।
सभी उनके ऊपर फूल बरसा रहे थे । ।
राज ने मुस्कुराते हुए कहा , आज से हमारी जिंदगी की नई शुरुआत है । My dear love. जल्द ही तुम मेरी wife. बन जाओगी ।
यह सुनकर नियति शर्माने लगी ।
राज ने नियति का हाथ पकड़ा और जैसे ही फेरे के लिए , एक कदम चला ही था । । अचानक से वहां पर , गोलियों की आवाज आने लगी ।
नियति और राज इससे पहले कुछ समझ पाते , एक गोली जाकर सीधे राज के सीने पर लग गई ,
राज सीधे जमीन पर गिर गया । नियति बस राज का नाम चिल्लाते रह गई ,
. . . . . . . . . . To be continue . . . . . . . . .
किसकी नजर लगी है । राज और नियति
की खुशियों को ,
क्या होने वाला है । राज और नियति के साथ ,
जानने के लिए , पढ़ते रहिए , मेरी स्टोरी the psycho.
स्टोरी कैसी लगी कॉमेंट में बताए ,
स्टोरी को प्रोत्साहन प्रदान करें , मिलते है नेक्स्ट चैप्टर में, आपकी ऑथर शिवानी,
पढ़ने का समय : < 1 मिनट
मैं तब तक लोगों को माफ करता रहूँगा, जब तक मैं एक बंदूक नहीं ख़रीद लेता।
😬😬माफ बस तब तक ही… चल लो जितनी चले चलनी है.. एक दिन सब बदल जायेगा 🤣
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दारू पियो तो लीवर खराब हो जाता है ना पियो तो दोस्ती खराब
तकलीफ तो दोनों तरफ है 😑
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Earphone हो या Relation कुछ दिनों बाद
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,एक साईड का खराब हो ही जाता है😂
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तू बैठ सामने
*मैं इश्क़ का इज़हार करता हूँ,*
तू माँगे चाँद
*मैं तारे भी तेरे नाम करता हूँ,*
कभी नाराज़ मत होना मुझसे,
मैं तेरी चाहत की ज़ंजीरों में
*खुद को गिरफ़्तार करता हूँ…!!*
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*तेरी बातों में वो सुकून है*
जो दिल को करार देता है,
*तेरा थोड़ा सा वक्त*
जैसे बरसों का प्यार देता है।
*सलामती रहे हमेशा तेरे*
घर-आँगन की खुशियों की,
*क्योंकि अपनों का साथ ही*
ज़िन्दगी को निखार देता है।