अपने हर गुनाह में सौ पर्दे डालकर,
“वो कहते है,”जमाना खराब है”….
इंसानों की फितरत ही ऐसी हो गयी है.. खुद चाहे लाख गलत हो पर जब गलती बतलाने की बात आये तो सामने वाला ही गलत होता है हमेशा… 🥹
अपने हर गुनाह में सौ पर्दे डालकर,
“वो कहते है,”जमाना खराब है”….
इंसानों की फितरत ही ऐसी हो गयी है.. खुद चाहे लाख गलत हो पर जब गलती बतलाने की बात आये तो सामने वाला ही गलत होता है हमेशा… 🥹
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