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गुरुर

पढ़ने का समय : < 1 मिनट

 

गुरूर है मुझे खुद पर…

मैं सबसे अलग हूँ।

मैं सबके जैसी नहीं,

और यही मेरी पहचान है।

कोई चाहे या ना चाहे,

मैं अकेले भी खुश हूँ।

जैसी भी हूँ,

अपने माँ-पापा की बेटी हूँ।

मैं सबसे अलग हूँ,

पर उनके लिए सबसे प्यारी हूँ।

गुरूर है मुझे खुद पर…

क्योंकि मैं जैसी हूँ, वैसी ही खुश हूँ।

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Lakshmi Kumari

NSW  अनुभवी लेखक -🥇

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