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कोई कुछ नहीं बोलेगा

पढ़ने का समय : 7 मिनट

शीला प्रिंसिपल मैम के सवाल का जवाब देना चाहती थी। पर वो बोलकर नहीं। ये देखते हुए की कोई कुछ नहीं बोल रहा है ।तो प्रिंसिपल मैम दुबारा फिर से,एक सवाल और दुहराईं….

” कहीं तुम लोगों ने मिलकर कमल को, पिट पिट कर बेहोश तो नहीं कर दी हो? सच्चाई क्या है? साफ साफ हमें बताओ तुम सब.”

प्रिंसिपल मैम ने अपनी ऊंगली चारों लड़कियों के तरफ करतीं हुई आंखों में आंखे डाल कर,आवाज ऊंची करतीं हुई बोली थी।

जब राधा को लगा कि अब मामला बिगड़ने लगी है। तो उसने अपने आप को ज्यादा देर रोक नहीं पाई और बोल पड़ी…

”  ऐसा कुछ भी नहीं है मैम , जो कुछ भी आप सब के सामने है ना मैम।सच्चाई इससे कहीं बहुत अलग है । “

राधा प्रिंसिपल मैम को देखते हुए बोली थी। और फिर एक बार सभी के नज़र राधा पर आ कर टिक गई थी।

शीला अपने मन में कुछ सोच रही थी। वो वहां से निकल कर धीरे-धीरे बाहर के तरफ चल दी थी। वो अपने पैर में लगी चोट के कारण ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। वो चलते हुए लंगड़ा कर चल रही थी। शीला पर कुछ लोगों को छोड़कर बाकी किसी की भी नजर नहीं थी। सभी लोगों का ध्यान कमल और उसके आसपास खड़ी लड़कीयों के उपर ही था। किसी ने भी शीला के उपर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। वो लंगड़ाते हुए मीटिंग हॉल से बाहर निकल गई थी। चांदनी प्रिंसिपल मैम के पास जाती है। और उनके आंखों में आंखें डाल कर धीरे से बोलतीं है ।

”  कमल बहुत ही घटिया लड़का है। इसके व्यवहार लड़कीयों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।”

 चांदनी बात आगे बढ़ाते हुए बोली।

” इस ने राधा और रूपा के साथ बहुत हीं घटिया सलूक किया है।”

जब रूपा देखी की चांदनी बात खोल दी है। तो वो भी बीच में कुद पड़ी, एक जोरदार लात कमल के कमर के पास मारी। लात लगने से कमल का शरीर हिल कर रह जाता है। यह देखकर कि रूपा ने कमल को लात मारी है। तो कुछ लोग आगे आते हैं,और रूपा को पकड़ कर साइड में कर देते हैं। रूपा का शरीर गुस्से से उबल रही थी। वो सभी को खा जाने वाली नज़रों से देख रही थी। उसके माथे पसीने से भीग गई थी। जब चांदनी प्रिंसिपल मैम से ये बात बोलीं थी। तो प्रिंसिपल मैम भी यह बात सुनकर दंग रह गईं थीं।

और वो चांदनी के तरफ आश्चर्य से देखती हुई बोली।

” क्या हुआ है राधा और रूपा के साथ?बेटा तुम मुझे पुरी बात सच सच बताओ। कोई भी व्यक्ति हमारे कालेज के रूल रेगुलेशन को तोड़े,ये सब मैं बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर सकती हूं।”

प्रिंसिपल मैम कड़क अंदाज में चांदनी के तरफ देखते हुए बोली थी।

चांदनी बोली।

” मैं सच कह रही हूं मैम,कमल ने राधा और रूपा पर बहुत अत्याचार किया है।उन दोनों को रस्सियों से बांध कर पिटा है। बहुत बदसलूकी की है। उसके साथ  रेप करने की कोशिश किया है।” बोलते बोलते चांदनी के आंखों से आंसू बहने लगती है।

प्रिंसिपल मैम अपने चेयर से उठ कर चांदनी के बहते आंसुओं को पोंछती है। और चांदनी को अपने गले से लगा लेती है। और बोलतीं हैं।

” अगर तुम्हारी बातों में सच्चाई है। तो मैं इसे छोड़ूंगी नहीं, इसे  सजा दिलवा कर रहूंगी।”

और मुड़ कर प्रोफेसर दयानंद को आदेश देते हुए बोलती हैं।

” प्रोफेसर दयानंद जी। आप डाक्टर को फोन लगाइए, वो आकर कमल का चेक अप करे मामला बेहद संवेदनशील है।”

 प्रोफेसर दयानंद हड़बड़ाकर जल्दी से उठते हुए बोलता है।

” जी मैडम जी,अभी काल करके बात कर रहा हूं। 

प्रिंसिपल मैम बोली।

” हां थोड़ा जल्दी किजिए, बच्चों के जिंदगी का सवाल है।”

प्रोफेसर दयानंद अपने जेब में से अपना मोबाइल निकाल कर एक नम्बर डायल करता है। रिंगटोन बजने के बाद काल रिसीव होता है। प्रोफेसर दयानंद फोन पर बात करते हुए बोलता है।

” हैलो,हां जी डाक्टर शर्मा जी। आप कृपया करके जल्दी से कालेज में आ जाइए। यहां पर एक बच्चे की हालत गंभीर है।”

फोन पर दूसरी तरफ से आवाज आती है।

हैलो, प्रोफेसर दयानंद जी। हाउ आर यू क्या हुआ है? अच्छा ठीक है। मैं अभी निकलता हूं कालेज के लिए ,बस मैं जल्दी पहुंच हीं रहा हूं। आप मेरा इंतजार किजिए।”

बोलकर डाक्टर शर्मा ने फोन कट कर दिया था।

वहां मौजूद कुछ स्टूडेंट्स जो कमल के दोस्त थे। वो बिल्कुल भी मानने के लिए तैयार नहीं था कि कमल कभी भी यह घटिया हरकत कर सकता है। उसे लग रहा था कि, जरूर यह सब लड़कियां मिलकर कमल के साथ कोई साजिश कर रही है। उसको झूठ मूठ के जाल में फंसा रही है। एक लड़का जिसका नाम गोविंद था। वो जोर से बोल पड़ता है।

” नहीं यह सब झूठ है। मैं नहीं मानता इस तरह के बातों को, कमल कभी भी ऐसा घटिया हरकत कर हीं नहीं सकता है। मैं कमल को अच्छी तरह जानता हूं।”

यह देखकर एक लड़का और उसके सपोर्ट में खड़ा हुआ और बोला।

” ये इन लड़कियों की साज़िश है। ये कमल को फसाना चाहतीं हैं। क्यों की कमल पैसे वाला है।”

 वह लड़का पूरी ताकत से चिल्लाकर बोल रहा था। इसका नाम विशाल है।

” विशाल ये तुम कैसी बातें कर रहे हो। कमल एक नंबर का कुत्ता कमीना घटिया इंसान है। वो राधा दीदी को बालात्कार करने वाला था। मेरी आंखों के सामने,सही टाइम पर आकर शीला दीदी और चांदनी दीदी ने उस राक्षस से राधा दीदी को बचा लिया। नहीं तो ये रेपिस्ट ना जाने क्या क्या करता हम दोनों के साथ।”

रुपा विशाल को नफ़रत भरी नजरों से देखते हुए जोर से बोली थी।

” झूठ, तुम झूठ बोल रही हो। बहाना बना रही हो। तुम सब ने मिलकर कमल को मार मारकर बेहोश कर दी हो। अब सजा से बचने केलिए बहाने बना रही हो ।”

 विशाल रूपा के तरफ देखते हुए,वह भी ज़ोर से चीखते हुए बोल रहा था।

” सट अप, शांत हो जाओ तुम सब। कोई कुछ नहीं बोलेगा।”

प्रिंसिपल मैम सभी को डांटते हुए जोर से बोली थी। सुनकर सभी लोग चुप हो गए थे। प्रिंसिपल मैम के आवाज बिना माइक के हीं पुरे मीटिंग हाल में गुंज रही थी। 

इधर शीला मीटिंग हॉल में से बाहर निकल कर कॉलेज के दो नंबर गेट वाले रास्ते में लंगड़ाती हुई चली जा रही थी। बाहर तेज धूप निकली हुई थी। हल्की हल्की ठंडी हवा बह रही थी। जिससे शीला थोड़ा राहत महसूस कर रही थी। रास्ते के साइडों में हरे भरे पेड़ पौधे लगाए गए थे। जिससे रास्ते में कहीं कहीं छाया भी हो रही थी। शीला चलती हुई कॉलेज के दो नंबर गेट से बाहर निकल कर मार्केट वाले रास्ते में चलने लगती है। चलते चलते एक शॉप से पानी की बोतल खरीद कर आगे बढ़ गई थी। थोड़ी देर आगे चलने के बाद शीला को एक मेडिकल स्टोर दिखाई पड़ती है। शीला उसमें चली जाती है। शीला मेडिकल स्टोर के अंदर आ गई थी। अंदर आकर वो काउंटर पर बैठे आदमी के तरफ देखते हुए बोलती है।

” नमस्ते अंकल “

सुनकर शीला के जवाब में वो आदमी भी बोलते हैं।

” नमस्ते बेटा , बोलिए बेटा क्या चाहिए आपको?”

शीला के तरफ देखते हुए दुकान दार मुस्कुराते हुए बोला था।

शीला अपनी पानी की बोतल काउंटर पर रख देती है।

” अंकल जी, मेरे फ्रेंड को न चोट लग गई है। और वो बेहोश है।ऐसी कोई मेडिसिन है। जिससे वो जल्दी से होश में आ जाए और वह ठीक हो जाए।”

शीला दुकानदार को उनके तरफ देखते हुए बोली थी।

” हां ठीक है, मैं आपको एक दवाई दे रहा हूं। जिसको पिलाने से वो होश में भी आ जायेगा। और उसके बॉडी के अंदर बूस्टर का भी काम करेगा।..”

शीला को इतना बोलकर वो दुकानदार अंकल अपने जगह से उठ कर दूसरे साइड दवाई लेने चला जाता है। शीला वहीं खड़ी होती है।

तभी अजय दुकान में दाखिल होता है। और वो भी काउंटर पर आकर खड़ा होता है।उसका ध्यान अभी शीला पर नहीं गया था। वो डोर ओपन करके अंदर आ गया था। लेकिन उसका नजर शीला के लिए दवाई लेने जा रहे दुकानदार अंकल पर हीं था।

आगे की कहानी पढ़िए कहानी के अगले भाग में……….. प्यार एक एहसास, नमस्ते स्टोरी वर्ल्ड पर……..

Comments

“कोई कुछ नहीं बोलेगा” को एक उत्तर

  1. shalini rawat अवतार
    shalini rawat

    Bahut accha likha hai

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