तेरा मेरा साथ कुछ ऐसा हो,
जैसे चाँद का हो रात से रिश्ता,
खामोशी में भी बातें हों,
और हर लम्हा लगे अपना सा किस्सा।
तू पास हो तो डर कैसा,
हर राह लगे आसान,
तेरी हँसी में छुपा है जैसे,
मेरी दुनिया, मेरा जहान।
तेरा मेरा साथ यूँ ही रहे,
जैसे धड़कन में बसी हो जान,
तू रूठे तो मैं मना लूँ,
मैं टूटूँ तो तू बन जाए मेरी पहचान।
आंधियाँ चाहे जितनी आएँ,
हम ना छोड़ें एक-दूजे का हाथ,
तू साया बन साथ चले,
मैं बन जाऊँ तेरी हर बात।
तेरी आँखों में जो सपने हैं,
मैं उन्हें हकीकत बना दूँ,
तू बस मुझ पर यकीन रख,
मैं हर मुश्किल से तुझे बचा लूँ।
तेरा मेरा साथ ऐसा हो,
जहाँ ना कोई दूरी हो,
बस प्यार ही प्यार बहे,
और हर सुबह नई पूरी हो।
कभी मैं तेरे लिए लिखूँ,
कभी तू मेरे लिए गाए,
इस प्यार की कहानी को,
वक्त भी कभी ना मिटा पाए।
तेरा मेरा साथ आख़िर तक,
बस इतनी-सी है दुआ,
तू मेरी हर खुशी बने,
और मैं तेरा हर जज़्बा।
क्योंकि सच तो ये है…
ना तुझसे पहले कोई था,
ना तेरे बाद कोई होगा,
तेरा मेरा साथ ही मेरी दुनिया है,
और यही मेरा सबसे खूबसूरत सपना होगा।

NSW. उभरते लेखक 🥈
चाहतों का ऊंचा मुकाम रखती हूं
शब्दो के जरिए अनेकों एहसास लिखती हूँ।
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