💞💞 प्यार का नशा 💞💞

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## जुहू बिच ( मुंबई ) ##

समुद्र के किनारे जुहू बीच पर, मुंबई की एक सुबह , सूरज की पहली किरणें समुद्र से निकलती हुई लग रही थीं।

      “” रिशाल अग्निहोत्री, जो एक अमीर बिजनेसमैन है, की कार आकर उस जुहू बिच के किनारे लगती है और फिर रिशाल अग्निहोत्री , अपनी कार से उतरते हुए, जुहू बीच की ओर चल देता है । वो यहाँ एक इम्पोर्टेन्ट मीटिंग के लिए आया हूआ था, जो उसके बिजनेस के फ्यूचर को बदल सकती थी।

जैसे ही वह बीच पर एंट्री लेता है सबही उसकी तरफ देखने लगते है, आखिर रिशाल अग्निहोत्री था ही इतना डेसिंग और चार्म बिलकुल किसी हीरो के तरह उसकी चेहरे पर पैसे का रोव जो होता है, वो साफ नजर आ रहा था, थोड़ा खड़ूस ओर थोड़ा अड़ियल सा रिशाल अग्निहोत्री ,

वही दूसरी और एक मासूम सी भोली भाली लड़की अमानत , जो अपने भाई के साथ समुद्र के किनारे घूमने आई हुई थी, छोटी छोटी खुशियों को इक्क्ठा करने वाली हमारी अमानत, जो अपने भाई के साथ अपने जन्मदिन की शाम मनाने आई थी, अपने भाई के चेहरे पर खुशियाँ लाने आई थी, आखिर था ही कौन उसका इस जहा मे उसकी छोटे भाई व्योम के अलावे ।

एक तरफ RA अपनी मीटिंग की तैयारी में था, की तभी उसकी कान मे एक आवाज़ आई और उसने अपनी नजर उठा कर उस आवाज़ के तरफ देखा, वह उसकी मासूमियत और सुंदरता से आकर्षित हो गया। लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कर पाता, अमानत उसके साथ आकर गलती से टकरा गई।

अमानत के हाथ से उसका फोन और पर्स गिर गए, और रिशाल ने जल्दी से अमानत को पकड़ लिया पर इन सब मे रिशाल आमनात को ले उस बिच के किनारे गिर जाता है जहा अंदर रिशाल और ऊपर अमानत दोनों उस बिच की मिट्टी मे लोट पोत हो जाते है,दोनों एक दूसरे के आँखों मे कुछ पल देखते है, रिशाल के आँखों मे जहा एक जूनून और गुस्सा था वही अमानत के आँखों मे डर साफ नजर आ रहा था, तभी जल्दी से अमानत खरी हो जाती है और रिशाल से माफ़ी मांगती है, रिशाल का चेहरा जो काफ़ी गुस्से से भर चूका था |” 

 रिशाल को नहीं पता था कि यह छोटी सी मुलाकात उसकी जिंदगी को कैसे बदल देगी…

रिशाल से टकराते ही, अमानत को लगा कि वह गुस्से में आ जाएगा। लेकिन उसने नहीं सोचा था कि रिशाल का गुस्सा इतना ज्यादा होगा।

रिशाल ने अमानत को देखा और उसकी आँखें गुस्से से भर गईं। “तुम्हारी इतनी हिम्मत ?

तुम्हें देखकर नहीं चलना आता है क्या?” रिशाल ने अमानत से कहा।

अमानत ने माफी मांगी और कहा, “मुझे माफ कर दीजिए, मैं अनजाने में आपके साथ टकरा गई।”वो में अपने भाई के साथ खेल रही थी तो अनजाने में ये सब हो गया… सॉरी मे आपकी ड्रेस अभी साफ कर देती हु ये कहते हुए अमानत अपने दुपट्टे से रिशाल का ड्रेस साफ करने लगती है जहा वो साफ होने के बजाय और गन्दा ही हो जाता है, अब तो अमानत की सांस हलक मे थी उसे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था |” 

इधर रिशाल का गुस्सा कम नहीं हुआ। “तुम्हें पता नहीं है कि मैं कौन हूँ?

 मैं रिशाल अग्निहोत्री हूँ, और मेरे पास बहुत इम्पोर्टेन्ट काम है। तुम्हारी इस लापरवाही से मेरा कितना समय बर्बाद हो गया पता भी है तुम्हे?”और ये क्या किया तुमने?” 

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… to be continue…

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