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मेरा चांद…!!

पढ़ने का समय : < 1 मिनट

रोशन है ऐ चांद तुमसे धरती का कोना- कोना,

एक चांद मेरे पास भी है जिससे

रोशन है मेरी जिंदगी का अंधियारा,

ऐ चांद तुम पर बंदिशें है बादलों,

बारिशों और आसमान में छाए धुंध की,

मेरा चांद है मेरे पास मेरे हर लम्हें ,

मेरे हर वजूद की परछाई में ,

मैं तुम्हें देखूं जो बादलों से

आ़खंमिचौली करता है,

या उसे जो मेरे साथ मेरे हाथों

में डालें हाथ एकटक तुम्हें निहारता है, 

वो प्रमाण है मेरी जिंदगी की

हर उधेड़बुन का,

तुम्हीं बताओ अब उसे कैसे

ना देखूं मैं तुमसे पहले ,

तुम पर हक कविता शायरी

करने का हक सबको मिला है  ,

मेरा चांद मेरे दिल का चैन 

उसने अपने सारे हक़ मेरे नाम किये,

वो सिर्फ मेरा है  ,

मेरे इस दिल ,जज़्बात ,ज़िन्दगी ,पर

हक़ सिर्फ उसका है …!!

Comments

“मेरा चांद…!!” को एक उत्तर

  1. Manoj Divana Namaste Story World अवतार

    बहुत सुंदर रचना बेहतरीन प्रस्तुति ❤️♥️🌹🌹

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