राधे राधे दोस्तों,
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दिल्ली, इंडिया,
रणवीर का मेंशन,
देखते ही देखते दिन बितने लगे और सब लोग अपना काम बहुत अच्छे से कर रहे थे। अब बस एक हफ्ते का ही काम रह गया था।
एक शाम
अनाया अपने कमरे में बैठी थी जब अचानक किसी ने उसके कमरे का दरवाज़ा खटखटाया।
“आइए,” उसने बिना देखे ही कहा। उसे शायद पहले ही अंदाजा था कि कौन होगा?
दरवाज़ा खुला और सामने रणवीर खड़ा था।
“क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?” रणवीर बोला
अनाया ने हल्की नाराज़गी के साथ कहा, “आपको इजाज़त लेने की ज़रूरत कब से पड़ने लगी?”
रणवीर हँसा। “जब से तुम मुझसे दूरी बनाने लगी हो।”
अनाया चौंकी, लेकिन खुद को संभालते हुए बोली, “आपको कुछ काम था, मिस्टर सिंघानिया?”
रणवीर ने एक लिफाफा उसकी ओर बढ़ाया।
अनाया हैरानी से उस लिफ़ाफ़े की तरफ देखते हुए बोली, “ये क्या है?”
“एक इनविटेशन।” रणवीर ठंडे लहजे में बोला।
अनाया चौंक गई। लेकिन उसने वो लिफ़ाफ़ा ले लिया। उसने वो लिफाफा खोला और पढ़ते ही उसका दिल धक से रह गया। उसे ऐसा लगा जैसे उसके सिर पर किसी ने बहुत बड़ा पहाड़ उठाकर रख दिया हो।
“रणवीर सिंघानिया की इंगेजमेंट पार्टी”
वो कार्ड पढ़ते ही उसकी आँखें अनजाने में नम हो गईं, लेकिन उसने खुद को संभाला, वो खुद को रणवीर के सामने कमजोर नहीं दिखाना चाहती थी।
“तो फाइनली, आप सगाई कर रहे हो?” वो मुस्कुराने की कोशिश करते हुए बोली।
रणवीर ने बिना पलक झपकाए उसे देखा, जैसे वो उसका चेहरा पढ़ रहा हो। फिर बोला, “हाँ… और मैं चाहता हूँ कि तुम इस पार्टी में आओ।”
अनाया ने नकली हँसी हँसते हुए कहा, “क्यों? आपकी मंगेतर मेरे पार्टी में शामिल हुए बिना आपको रिंग नहीं पहनाएगी?”
रणवीर उसकी आँखों में झाँकते हुए बोला, “नहीं… मैं चाहता हूँ कि तुम आओ।” रणवीर ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा।
अनाया ने कड़वाहट से कहा, “आप जानते हो वीर, कभी-कभी कुछ चीजें भुला देना बेहतर होता है।” अनजाने में ही अनाया ने रणवीर को वीर बोल दिया था जिस नाम से वो उसे पहले बुलाया करती थी।
रणवीर ने उसकी ओर कदम बढ़ाया और धीमे स्वर में कहा, “क्या सच में भूल पाई हो, अना?”
अनाया ने तुरंत नजरें झुका लीं।
रणवीर मुस्कुराया, “ठीक है, मैं इंतजार करूँगा… अगर तुम आना चाहो तो।”
कहकर वो चला गया।
अनाया ने इनविटेशन को देखा और एक गहरी साँस ली। क्या उसे सच में इस पार्टी में जाना चाहिए? क्या वो अब भी रणवीर के लिए कुछ महसूस करती थी?
एक हफ्ते बाद,
मेंशन की रेनोवेशन का काम पूरा हो चुका था और आज यहाँ रणवीर की सगाई होने वाली थी सब अपने अपने रूम में रेडी हो रहे थे।
अनाया रेडी हो चुकी थी, उसने ब्लैक कलर की गोल्डन बॉर्डर वाली शादी पहनी हुई थी। जिसमें वो बहुत खूबसूरत लग रही थी। अनाया को याद आया उसने कोई गिफ्ट तो लिया ही नहीं।
अनाया ने घड़ी में टाईम देखा 4 बज चुके थे फंक्शन शुरू होने में अभी टाईम था। अनाया सोचते हुए बोली, ” जब तक फंक्शन शुरू होगा तब तक तो मैं वापिस भी आ जाऊँगी। ”
अनाया बिना किसी को कुछ बताए मेंशन से निकल गई उसने कैब पहले ही बुक कर ली थी।
शाम के 6 बज चुके थे। मेंशन में मेहमानों का आना शुरू हो चुका था। सर्दियों के दिन थे इसलिए अंधेरा जल्दी हो जाता था। अब तक अनाया एक गिफ्ट और बुके लेकर आ चुकी थी। आते ही वो वापिस अपने कमरे में आ गई।
बाहर हाॅल में खूब चहल पहल लगी हुई थी। लेकिन अनाया अभी भी कशमकश में थी कि उसे जाना चाहिए या नहीं।
उसने देखा, इनविटेशन कार्ड उसकी मेज़ पर रखा था, लेकिन उसका ध्यान कहीं और था।
“क्या सच में मुझे जाना चाहिए?” उसका दिल कह रहा था कि नहीं जाना चाहिए। लेकिन दिमाग… दिमाग रणवीर के उन शब्दों को दोहरा रहा था, “मैं चाहता हूँ कि तुम आओ।”
वहीं बाहर,
मेंशन को बेहद खूबसूरती से सजाया गया था। झूमर की रोशनी हर चीज़ पर एक अलग चमक बिखेर रही थी। मेहमान धीरे-धीरे आने लगे थे। हाई प्रोफाइल बिज़नेस टायकून, फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नाम, और जाने-माने लोग वहाँ मौजूद थे।
रणवीर, जो हमेशा काले या नेवी ब्लू सूट में दिखता था, आज ऑफ वाइट कलर की इंडो वेस्टर्न में था। वो बेहद आकर्षक लग रहा था, लेकिन उसकी आँखें किसी को ढूँढ रही थीं।
“क्या वो आएगी?” उसने खुद से पूछा।
तभी किसी ने पीछे से आकर उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, “तुम सच में बहुत बेसब्र हो रहे हो, रणवीर।”
वो तुषार था, रणवीर का सबसे अच्छा दोस्त।
रणवीर ने हल्की मुस्कान दी, “कुछ नहीं, बस देख रहा था कि सब सही से हुआ या नहीं।”
तुषार हँसा, “या फिर तुम किसी का इंतज़ार कर रहे हो?”
रणवीर ने कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन उसकी आँखों में हल्की बेचैनी थी। तभी रणवीर की नजर मेंशन के मैन गेट पर पड़ी जहाँ से अनाया आ रही थी।
असल में मेंशन में दो गेट थे तो अनाया मेंशन के बैक गेट से बाहर निकली थी जिससे मेंशन के मैन गेट से एंट्री ली जा सके। अनाया के टीम मेम्बर पहले से ही वहाँ मौजूद थे।
“अनाया…” अनाया को देखकर रणवीर ने धीरे से कहा। उसके हाथ में एक बुके था। वो जो गिफ्ट लाई थी वो उसके क्लच में था शायद। अनाया को देखते ही रणवीर की बैचेन नजरों को जैसे चैन मिला।… उसके बैचेन दिल को सुकून मिला।
अनाया ब्लैक और गोल्डन साड़ी में अंदर आ रही थी। उसकी खूबसूरती किसी को भी मदहोश कर सकती थी, लेकिन उसकी आँखें… उनमें एक अजीब सा खालीपन था।
रणवीर को देखते ही उसने हल्की मुस्कान दी और धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ी।
“Congratulations, Mr. Singhania.”
रणवीर कुछ सेकंड तक बस उसे देखता ही रह गया। फिर खुद को संभालते हुए कहा, “थैंक यू, मिस अनाया। मुझे लगा तुम नहीं आओगी।”
अनाया ने एक हल्की हँसी दी, “आपका इनविटेशन इतना स्पेशल था कि मना करना मुश्किल था।”
रणवीर कुछ कहने ही वाला था कि तभी कोई लड़की उनके पास आई। उसने ब्लू कलर का गाउन पहना हुआ था, चेहरे पर मेकअप, डाएमंड जुलरी, बालों को कर्ल करके खुला छोड़ा हुआ था। बहुत सुंदर लग रही थी.
“रणवीर डार्लिंग, सब तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं।” उस लड़की ने रणवीर का हाथ पकड़ते हुए कहा।
अनाया ने उस लड़की को देखा। लंबी, खूबसूरत, बिल्कुल परफेक्ट, स्वर्ग से उतरी कोई अप्सरा लग रही थी।
रणवीर ने हल्के स्वर में कहा, ” मिस अनाया, ये तान्या है। मेरी फियान्से! “
अनाया ने बिना कोई भाव बदले हाथ आगे बढ़ाया, “Nice to meet you, Tanya.” और उसकी तरफ वो बुके बढ़ा दिया। फिल्हाल उसने सिर्फ बुके ही दिया शायद गिफ्ट वो बाद में देने वाली थी।
तान्या ने मुस्कुराते हुए वो बुके लिया और बोली, “Same here. I’ve heard a lot about you.”
अनाया के होंठों पर एक फीकी हँसी आई, “उम्मीद करती हूँ, अच्छी बातें ही सुनी होंगी।”
रणवीर कुछ बोलता, इससे पहले ही बैकग्राउंड में हल्का म्यूजिक बजने लगा और सगाई की रस्म शुरू होने की अनाउंसमेंट हुई।
रणवीर ने तान्या का हाथ पकड़ा और उसे मंच तक ले गया। लोग तालियाँ बजा रहे थे, कैमरे फ्लैश कर रहे थे, लेकिन रणवीर की आँखें बार-बार अनाया की तरफ जा रही थीं। वहीं अनाया की आँखें हल्की हल्की लाल थी क्योंकि वो अपने आँसू रोकने की कोशिश कर रही थी। अनाया जिगर, शिरशा और अपने बाकी के टीम मेम्बर के साथ जाकर खड़ी हो गई।
पहले तान्या ने रणवीर को रिंग पहनाई, उसके बाद जैसे ही रणवीर ने रिंग
उठाई, उसका दिल एक सेकंड के लिए ठहर सा गया।
“क्या मैं सही कर रहा हूँ?” खुद से पूछा।
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मिलते हैं अगले पार्ट में!


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