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लेखक: Anushka Dutta

  • वो आखरी मेसेज

    वो आखरी मेसेज

    पढ़ने का समय : 2 मिनट

    तकरीबन सवा साल बीत गया था उसे गए हुए,

    कल अचानक उसका एक मैसेज आया

    सिर्फ एक शब्द लिखा था, 

     

    “सुनो…”

     

    मैंने फोन हाथ में लिया, पर उंगलियाँ कांप रही थीं,

    दिल ने कहा सब कह डालो जो इन महीनों में सहा है,

    दिमाग ने कहा खामोश रहो, उसने तुम्हें कब का भुला दिया है।

    ​मैंने टाइप करना शुरू किया

    “पता है? तुम्हारे जाने के बाद मैंने हंसना छोड़ दिया है,” (फिर मिटा दिया…) फिर लिखा

    “आज भी रात को जब नींद खुलती है, तो फोन में तुम्हारा नाम ढूंढते है,” (फिर मिटा दिया…) 

     

    आखिर में मैंने सिर्फ इतना लिखा “कहो, कैसे हो?” उसका जवाब आया

    “बस यूं ही याद आ गई थी, लगा तुम बदल गए होगे।” मैंने मन ही मन मुस्कुराया,

    अंदर एक टीस उठी और आंखों के कोर भीग गए।

    बदल तो वो लोग जाते हैं जिनके पास कोई और होता है,

    हम जैसे लोग तो बस एक ही याद के सहारे पूरी उम्र गुज़ार देते हैं।

     

    ​तभी स्क्रीन पर ‘Typing…’ दिखा और फिर गायब हो गया,

    शायद उसे भी एहसास हो गया था…

    कि कुछ सवाल पूछने के लिए अब बहुत देर हो चुकी है।

    ​उस दिन फिर समझ आया

    कुछ लोग हाल पूछने नहीं,

    सिर्फ ये तसल्ली करने आते हैं,

    कि तुम आज भी उनकी यादों की कैद में हो या रिहा हो गए!💔💔💔

     

     

  • प्रेम वो है…

    प्रेम वो है…

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    प्रेम वो नहीं, जो दुनिया को दिखाने का नाम हो,

    प्रेम वो है, जो तन्हाई में भी सिर्फ उसका गुलाम हो।

    दूरी होने पर जो दूसरों में सुकून ढूँढने लगे वो समझौता है,

    प्रेम वो है, जिसके लिए गैर की छुअन भी एक इल्जाम हो।

    ​प्रेम वो नहीं, जो उसूलों की बेड़ियों में दम तोड़ दे,

    और फिर हालात का नाम लेकर हाथ छोड़ दे…

    प्रेम वो है,

    जो पत्थर की दीवारों के बीच भी, मिलने का रास्ता ढूँढ ले।

    ​प्रेम वो नहीं, जो सिर्फ साथ हँसने का वादा करे,

    प्रेम वो है, जो तुम्हारे दर्द की अनुभव तुमसे ज्यादा करे।

    जो टूटकर भी, जुड़ने की सिर्फ एक वजह माँगे,

    और बिखरकर भी, तुम्हारी सलामती की दुआ अदा करे।

    ​चंदर ने चाहा… पर सिर्फ अपने ख्यालों में,

    हकीकत से भागकर, उलझा रहा अपने ही सवालों में…

    ​और सुधा ने?

    ​सुधा ने उस प्रेम को कफ़न की तरह ओढ़ लिया

    जैसे वो कोई ऐसी मन्नत हो,

    जो खुदा ने सुन तो ली, पर कभी पूरी नहीं की।

    गुनाहों का देवता 📖