*तेरी बातों में वो सुकून है*
जो दिल को करार देता है,
*तेरा थोड़ा सा वक्त*
जैसे बरसों का प्यार देता है।
*सलामती रहे हमेशा तेरे*
घर-आँगन की खुशियों की,
*क्योंकि अपनों का साथ ही*
ज़िन्दगी को निखार देता है।
NSW अनुभवी लेखक -🥇
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
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