प्यार में पागल हुआ हूँ मैं,
दुनिया की राहें भूल गया हूँ मैं,
तेरी मुस्कान की रोशनी में,
अपना हर सवेरा ढूँढ गया हूँ मैं।
तेरी यादों की बारिश में भीगकर,
दिल ने हर दर्द को गीत बना लिया,
तेरे नाम की धड़कन सुनते-सुनते,
मैंने खुद को ही तुझमें सजा लिया।
लोग कहते हैं पागलपन है ये,
पर मुझे तो इबादत सा लगता है,
तेरी एक झलक के लिए ये दिल,
हर पल सजदा करता रहता है।
अगर ये पागलपन ही प्यार है,
तो मुझे ये जुनून मंज़ूर है,
तेरे साथ हो या तेरी यादों में,
मेरा हर लम्हा बस तुझसे भरपूर है। 💖

NSW. – अनुभवी लेखक -🥇
चाहतों का ऊंचा मुकाम रखती हूं
शब्दो के जरिए अनेकों एहसास लिखती हूँ।
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