कर्मों का हिसाब
एक छोटे से गाँव में रमेश नाम का एक आदमी रहता था। वह बहुत अमीर था, लेकिन उसका दिल गरीब था। गाँव में कोई जरूरतमंद मदद माँगने आता तो वह उसे खाली हाथ लौटा देता।
रमेश का पड़ोसी हरि गरीब किसान था। एक साल उसकी फसल बर्बाद हो गई। घर में खाने तक के पैसे नहीं थे। हरि ने रमेश से कुछ पैसे उधार माँगे।
रमेश ने हँसते हुए कहा,
“मेरे पास पैसे पेड़ पर नहीं उगते। अपनी परेशानी खुद संभालो।”
हरि निराश होकर घर लौट गया। उसकी पत्नी ने कहा, “भगवान सब देख रहे हैं। आज नहीं तो कल हर किसी को अपने कर्मों का हिसाब देना पड़ता है।”
समय बीतता गया। रमेश का कारोबार खूब बढ़ा। उसने शहर में बड़ी दुकान खोल ली और गाँव के गरीब लोगों को नीचा दिखाने लगा।
एक दिन रमेश शहर से गाँव लौट रहा था। रास्ते में उसकी गाड़ी अचानक खराब हो गई। रात काफी हो चुकी थी। सड़क सुनसान थी। रमेश मदद के लिए इधर-उधर देखने लगा।
तभी एक आदमी लालटेन लेकर वहाँ पहुँचा।
वह कोई और नहीं, हरि था।
रमेश ने शर्मिंदा होकर कहा,
“हरि… मेरी मदद कर दो।”
हरि ने बिना कोई पुरानी बात याद दिलाए उसकी मदद की। उसने गाड़ी ठीक करवाने के लिए मैकेनिक बुलाया और रमेश को अपने घर ले गया।
रमेश की आँखों में आँसू आ गए।
उसने कहा,
“हरि, मैंने तुम्हें उस समय मदद से मना कर दिया था, फिर भी तुमने मेरी मदद की। तुम मुझसे अच्छे इंसान हो।”
हरि मुस्कुराया और बोला,
“भाई, मैं तुम्हारे कर्मों का हिसाब रखने वाला कौन होता हूँ? उसका हिसाब तो ऊपर वाला रखता है।”
कुछ दिनों बाद रमेश के कारोबार में अचानक बहुत बड़ा नुकसान हो गया। उसके पास कुछ भी नहीं बचा। जिन लोगों के साथ उसने कभी घमंड किया था, उनमें से किसी ने उसका साथ नहीं दिया।
उस समय हरि ही उसके पास खड़ा रहा।
हरि ने उसे अपने खेत में काम करने का मौका दिया। धीरे-धीरे रमेश ने मेहनत करना सीखा और समझ गया कि पैसा इंसान को बड़ा नहीं बनाता, उसके कर्म उसे बड़ा बनाते हैं।
एक दिन रमेश गाँव के मंदिर के सामने खड़ा होकर बोला—
“मैंने जिंदगी भर दूसरों को छोटा समझा। आज समझ आया कि इंसान जितना दूसरों के साथ करता है, जिंदगी किसी न किसी रूप में उसका हिसाब जरूर लौटाती है।”
उस दिन से रमेश बदल गया। उसने गरीबों की मदद करना शुरू कर दिया और कभी किसी जरूरतमंद को खाली हाथ नहीं लौटाया।
कहानी की सीख:
अच्छे कर्म का फल देर से मिल सकता है, लेकिन मिलता जरूर है। और बुरे कर्मों का हिसाब भी जिंदगी किसी न किसी मोड़ पर जरूर चुकाती है।


