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एक अनकही शुरुआत

पढ़ने का समय : 7 मिनट

 

 

 

 

राधे राधे दोस्तों,

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मुंबई, इंडिया

 

 

      दिल्ली जाने की बात से अनाया के अंदर एक हल्की उत्सुकता जागी। वह नए प्रोजेक्ट पर काम करने को लेकर एक्साइटेड थी। उसने फाइल खोली और क्लाइंट डिटेल्स पढ़ने लगी। प्रोजेक्ट बड़ा था, और इसे संभालना आसान नहीं था, लेकिन अनाया को चुनौतियाँ पसंद थीं।

 

     जैसे-जैसे वह फाइल पढ़ रही थी, एक नाम पर उसकी नज़रें टिक गईं—”Raavan Enterprises”।

 

    उसका मन अचानक बेचैन हो गया। उसे यह नाम जाना-पहचाना सा लगा, पर उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

 

     “शायद कोई बड़ी कंपनी होगी,” उसने खुद को समझाया और फाइल पढ़ने लगी।

 

     शाम को घर पहुँचकर उसने अपनी माँ को दिल्ली जाने की बात बताई। रीतिका थोड़ी चिंतित दिखीं, लेकिन उन्होंने उसकी मेहनत और प्रोफेशनल कमिटमेंट को देखते हुए उसे इजाज़त दे दी।

 

     “बस अपना ध्यान रखना, बेटा। कोई भी परेशानी हो तो तुरंत कॉल करना।” रीतिका ने प्यार से कहा।

 

     अगली सुबह अनाया टीम के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गई। फ्लाइट में बैठकर उसने खुद को पूरी तरह काम पर फोकस करने के लिए तैयार किया। उसने तय कर लिया था कि वह रणवीर के बारे में कोई और विचार नहीं करेगी।

 

—

 

दिल्ली

 

     दिल्ली पहुंचते ही अनाया की टीम को एक शानदार होटल में ठहराया गया। उसे यह देखकर खुशी हुई कि उनके लिए एक बिजनेस मीटिंग पहले से ही तय थी।

 

     अगली सुबह, 

 

     जब ववह अपनी टीम के एक मेंबर के साथ “Raavan Enterprises” के ऑफिस पहुंची, तो वहां की भव्यता देखकर दंग रह गई।

 

     वो एक आलीशान बिल्डिंग थी, वहाँ की सिक्युरिटी बहुत टाइट थी। 

 

     “शायद यह कंपनी सच में बहुत बड़ी है,” उसने सोचा।

 

     रिसेप्शनिस्ट ने उन्हें कॉन्फ्रेंस रूम में बैठने को कहा।

 

     कुछ देर बाद, दरवाजा खुला और वहाँ एक शख्स दाखिल हुआ।

 

     ऊँचा कद, रौबदार चाल, चेहरे पर गंभीरता और आँखों में एक गहरी चमक।

 

     अनाया की धड़कन अचानक तेज हो गई। उसने नजरें उठाकर सामने से आ रहे शख्स की तरफ देखा। अनायास ही उसके मुँह से निकला, ” रणवीर!” 

 

     उसके साथ बैठा उसका टीम मेंबर जिगर बोला, ” अनाया, क्या तुम इस इंसान को पहले से जानती हो? “

 

     अनाया के सामने उस राज का मंजर आ गया। लेकिन वो इस बारे में बात नहीं करना चाहती थी वैसे भी वो एक एक्सिडेंटेल मुलाकात थी। 

 

     उसने मुस्कुराने की कोशिश करते हुए जिगर की तरफ देखा और ना में सिर हिला दिया। 

 

 

     रणवीर आकर अपनी बॉस चेयर पर बैठ गया और हल्की मुस्कान के साथ अनाया की ओर देखा।

 

     “Welcome, Miss Anaya. I hope you remember me.”

 

     अनाया ने हैरानी से रणवीर की तरफ देखा और फिर जिगर को। रणवीर के इस अंदाज़ की उम्मीद नहीं कर रही थी। उसके शब्दों में एक अलग सा आत्मविश्वास था, और उसकी आँखों में एक अनकही कहानी छिपी हुई थी।

 

     अनाया ने खुद को संयमित रखते हुए कहा, “हम यहाँ बिजनेस मीटिंग के लिए आए हैं, मिस्टर रणवीर सिंघानिया।”

 

     रणवीर ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, “बिल्कुल, और मुझे खुशी है कि इस प्रोजेक्ट पर हमारी कंपनी के साथ काम करने वाली टीम का नेतृत्व आप कर रही हैं।”

 

     जिगर ने अनाया की ओर संदेह भरी नजरों से देखा, लेकिन कुछ नहीं कहा।

 

     रणवीर ने आगे बढ़ते हुए कहा, “तो, बिना वक्त गंवाए, हम प्रोजेक्ट के डिटेल्स पर बात शुरू करते हैं।”

 

     हालांकि मीटिंग का माहौल पूरी तरह प्रोफेशनल था, पर अनाया के दिमाग में कई सवाल उमड़ रहे थे। 

 

     करीब दो घंटे तक मीटिंग चली। मीटिंग के एंड में रणवीर बोला कल मेरा असिसटैंट देव आपको मेरे मेंशन ले जाएगा और आप लोकेशन अच्छे से देख लेना और जल्द ही अपना काम शुरू कर  देना। 

 

     अनाया फीका मुस्कुराते हुए बोली, ” Sure मिस्टर सिंघानिया, हम आपके मेंशन को बहुत अच्छे से रिडिजाइन करेंगे। आपको हमारी टीम से कोई शिकायत नहीं होगी।”

 

     रणवीर ने हल्का सिर हिलाया, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सा भाव था, जिसे अनाया पढ़ नहीं सकी।

 

     जिगर ने जल्दी से अपने डॉक्युमेंट्स समेटे और अनाया की तरफ देखा, “चलें? अनाया।”

 

     अनाया ने रणवीर की ओर देखा, जिसने अब तक अपनी जगह से उठने की ज़रूरत नहीं समझी थी। उसकी गहरी निगाहें अब भी अनाया पर टिकी थीं, जैसे वह कुछ कहना चाहता हो।

 

     रणवीर की मुस्कान गहरी हो गई। अनाया और जिगर बाहर आ गए । अचानक अनाया को याद आया वो अपना फोन तो वहीं भूल आई। 

 

     अनाया बोली, ” जिगर मेरा फोन शायद अंदर ही रह गया मैं फोन लेकरआती हूँ। “

 

     जिगर ने संदेह भरी नजरों से अनाया को देखा लेकिन कुछ नहीं कहा वो वहाँ से चला गया। 

 

    अनाया काँफ़्रेंस रूम में आई सामने ही टेबल पर उसका फोन रखा हुआ था। अनाया ने अपना फोन लिया और वो वापिस जाने के लिए जैसे ही मुड़ी उसका सिर किसी चीज से टकरा गया। 

 

      उसने सिर उठाकर देखा सामने रणवीर खड़ा उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था। उसे अपने इतने करीब देखकर अनाया की दिल की धड़कने बढ़ गई। 

 

     अनाया अटकते हुए बोली, ” मिस्टर सिंघानिया, आप।”

 

     “जी हाँ, मैं।” रणवीर की आवाज़ में वही गहरी गंभीरता थी, जिससे अनाया परिचित थी।

 

     अनाया ने तुरंत अपना फोन पकड़ते हुए वहाँ से निकलने की कोशिश की, लेकिन रणवीर ने एक कदम आगे बढ़ाकर उसका रास्ता रोक लिया।

 

     “इतनी भी क्या जल्दी है, मिस अनाया?” उसने हल्की मुस्कान के साथ कहा।

 

     अनाया ने गहरी सांस ली और उसकी आँखों में देखते हुए बोली, “मुझे कहीं और जाने की जल्दी नहीं है, लेकिन बेवजह खड़े रहने का वक्त भी नहीं है, मिस्टर सिंघानिया।”

 

     रणवीर ने उसकी बात पर हल्का सा सिर झुकाया, जैसे उसकी दृढ़ता को स्वीकार कर रहा हो। लेकिन फिर, उसकी आँखों में वही रहस्यमयी चमक लौट आई।

 

     “इतने सालों बाद मिले हैं, क्या एक मिनट रुककर पुरानी बातें नहीं कर सकते?” रणवीर उसकी तरफ झुकते हुए बोला। 

 

     अनाया का दिल तेजी से धड़कने लगा, लेकिन उसने खुद को संभाला। उसने रणवीर के सीने पर हाथ रख लिया जिससे दोनों के बीच एक दूरी बनी रहे। 

 

     “पुरानी बातें? मुझे नहीं लगता कि उनमें कुछ ऐसा था, जिसे याद किया जाए। आपने ही मुझे उस रात अंजान बना दिया था। hmm! अब क्या सोच कर दुबारा मेरे सामने आ रहे हैं।” उसकी आवाज़ में एक ठंडापन और बेरुखी थी। लेकिन रणवीर ने उसमें छुपे भावों को महसूस कर लिया।

 

     रणवीर ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, “शायद तुम्हारे लिए नहीं… लेकिन मेरे लिए, कुछ बातें कभी पुरानी नहीं होतीं।”

 

     अनाया ने गहरी सांस ली और उसकी आँखों में देखते हुए कहा, “अगर आप पुरानी बातें भूल नहीं पाए हैं, तो ये आपकी प्रॉब्लम है, मिस्टर सिंघानिया, मेरी नहीं। वैसे भी उस रात भी तो आपने आपकी असली पहचान छुपाई थी। वो तो अगले दिन मेरे दोस्त राहुल ने आपके बारे में ना बताया होता तो शायद मैं आपको कभी पहचानती ही नहीं। 

 

     फिर वह बिना कुछ और कहे वहाँ से जाने लगी, लेकिन जैसे ही वह दरवाजे तक पहुँची, रणवीर की आवाज़ ने उसे रोक लिया। 

 

     “तुम चाहो या न चाहो, अनाया… मेरा अतीत तुम्हारे वर्तमान से जुड़ने वाला है। तैयार रहना।”

 

     अनाया का दिल ज़ोर से धड़का। उसने पीछे मुड़कर रणवीर की ओर देखा, लेकिन उसकी आँखों में छिपे भावों को समझ पाना मुश्किल था।

 

     क्या रणवीर सिर्फ एक संयोग से उसकी जिंदगी में वापस आया था, या उसके पीछे

कोई और गहरी वजह थी? क्या है दोनों के अतीत मे? क्या उस रात की मुलाकात से पहले से वो दोनों एक दूसरे को जानते हैं? 

 

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Neha Goyal

मेरा नाम नेहा गोयल है। और पिछले दो वर्ष से मैं प्रतिलिपि पर कहानियां लिखती आ रही हूँ। मुझे लेखन करते हुए बहुत ही अच्छा लगता है। वैसे मुझे लिखने से पढ़ना ज्यादा पसंद है।

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