🔐 लॉग-इन या रजिस्टर करें  

❤️ मां का प्यार ❤️

पढ़ने का समय : 2 मिनट
  1. ❤️ माँ का प्यार ❤️

जब पहली बार इस दुनिया ने

मुझे अपनी कठोर आवाज़ सुनाई थी,

तब एक कोमल हथेली ने

मेरे माथे पर पूरी दुनिया की शांति रख दी थी —

वो माँ थी।

मैं जब भी टूटा,

दुनिया ने वजह पूछी,

माँ ने बिना कुछ जाने

बस सीने से लगा लिया।

उसके आँचल में

ना जाने कैसी मिट्टी की खुशबू होती है,

कि रोता हुआ बच्चा भी

वहाँ जाकर खुद को सुरक्षित समझने लगता है।

माँ बोलती कम है,

पर उसकी खामोशियाँ भी

बेटे के दर्द का पता रखती हैं।

वो दूर बैठकर भी

चेहरे की हँसी में छिपी थकान पढ़ लेती है।

मैंने देखा है —

घर में सबके हिस्से की खुशियाँ बाँटते-बाँटते

वो अपने हिस्से की इच्छाएँ

चुपचाप भगवान के पास रख आती है।

रात के आख़िरी पहर तक जागना,

बुखार में माथे पर ठंडी पट्टी रखना,

खुद भूखी रहकर भी

बच्चों की थाली भर देना —

ये सब प्रेम के वो रूप हैं

जिन्हें शब्द कभी पूरा नहीं लिख सकते।

माँ कोई रिश्ता नहीं,

एक पूरी दुनिया होती है।

उसके होने से

घर सिर्फ़ मकान नहीं रहता,

धड़कता हुआ दिल बन जाता है।

और सच तो ये है —

हम उम्र भर बड़े होते रहते हैं,

लेकिन माँ के सामने

हम हमेशा वही छोटे बच्चे रहते हैं

जो उसकी उँगली पकड़कर

दुनिया से डरना भूल जाते हैं।

अगर कभी भगवान को देखना हो,

तो मंदिरों में मत ढूँढना,

सुबह बिना थके रसोई में खड़ी

उस माँ के चेहरे को देख लेना

जो अपनी हर दुआ में

सिर्फ़ तुम्हारा नाम रखती है।

Comments

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *