” जा चला जा अब क्यों पिटाई खा रहा है।”
राधा कमल को बहर के रास्ते के तरफ इशारा करते हुए बोली थी।
” अब ये नहीं जाएगा दीदी, इसको ऐसे जाने नहीं दुंगी ।”
रूपा बात को आगे बढाते हुए फिर बोलती है।
” इसको ऐसा सबक सिखाऊंगी, की ये ज़िन्दगी भर नहीं भूलेगा।”
बोलकर रूपा फिर कमल के उपर अटैक करना चाहती है। पर राधा का इसारा पा कर रूक जाती है।
कमल जो दोनो की बात सुन रहा था । वो एक दम से पिछे मुड़ता है, और गेट के तरफ बढ़ जाता है। दरवाजा खोलकर बाहर निकल जाता है। पर दरवाजे को बाहर से बंद कर देता है ! और आगे बढ़ जाता है। आपको क्या लगता है। की कमल चला गया? क्या वो फीर वापस आयेगा? चलिए कहानी के तरफ चलते हैं, और जनने की कोशिश करते हैं।
राधा और रूपा एक दुसरे को आशचर्य से देखने लगती है।
” चलो बाहर चलते है “
राधा बोलती है, और रूपा का हांथ पकड़ कर दरवाजे के तरफ जाने लगती है। दोनो चलकर दरवाजे पास आती है और दरवाजे के हेन्डल पकड़ कर अन्दर के तरफ खींचती है। उसे एहसास होती है की दरवाजा बाहर से लॉक है।
” दीदी कमल ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया है।”
रूपा राधा के तरफ देखते हुए बोली थी। जब दोनो ने देखा की दरवाजा बाहर से बंद है। तो फिर दोनो के मन में डर और भी ज्यादा बढ़ गया था। दोनो यही सोच सोच कर परेशान हो रही थी, की अब क्या होगा। ना जाने कब उसका कमल जैसे आफत से छुटकारा मिलेगा।
” मोबाइल भी नहीं है, कि जिससे दीदी को कॉल करके बता देती।”
रूपा ने खामोशी तोड़ते हुए बोली थी।
” हां दीदी भी परेशान होगी, वो भी क्या सोच रहीं होंगी की ये दोनो कहां रह गयी।”
राधा रुआंसे स्वर में बोली थी ।
इधर शीला और चांदनी के भी कदम तेजी से क्लास रूम के तरफ बढ़ रहे थे। उसे नहीं पता था की क्लास रूम में इतनी बड़ी लड़ाई चल रही थी। परेशानी दोनो के चेहरे पर साफ झलक रही थी।
” चांदनी, राधा और रूपा बहुत बड़ी मुसिबत में है। मेरा दिल बहुत घबरा रहा है।”
शीला बोली और चांदनी के हांथ पकड़ कर खींचते हुए भागने लगी थी।
” हां, मुझे भी लगता है। की कुछ तो गड़बड़ है।”
चांदनी शीला से बोली और ये भी शीला के साथ दौड़ने लगी थी।
क्लास रूम का दरवाजा एक बार फीर से खुलता है। और कमल क्लास रूम में ऐन्टर करता है। इस बार कमल का हाव भाव चेहरे का एक्सप्रेशन बॉडी लोंगबेज पुरी तरह से बदल गया था। उसका चेहरा एक दम से डरावना हो गया था। लाल लाल आंख बिखरे बाल एक हांथ में डंडा तो दुसरे हांथ में फोल्ड किया हुआ मोटी मोटी दो रस्सी लिए कमल क्लास रूम में प्रवेश किया था।
” अब क्यों आये हो कमल, क्या लेने आये हो दुबारा। चलो हटो मेरे रास्ते से मुझे जाना है।”
रूपा कमल के तरफ अपनी उंगली प्वाइंट ऑट करते हुए बोली थी।
” कमल रास्ता छोड़ो मेरा, मैं कह देती हूं। अच्छा नहीं होगा।”
राधा भी कमल को गुस्से से बोली और रूपा के हांथ को मजबूती से पकड़ कर आगे बढ़ी।
” अरे रूक जा, इतनी भी जल्दी क्या है। तुम लोगों को जाने की।”
बिना रूके कमल फीर बोला
” अभी तो तुम लोगों को बहुत सारा हिसाब देना है।”
बोलकर कमल राधा और रूपा के तरफ लपका
राधा और रूपा अचानक हुए इस हमले से सम्भल नहीं पाई थी। इसी बात का कमल को फायदा मिला वो राधा और रूपा को पकड़ चुका था। वो बात अलग था कि उसके शरीर मे इतना ताकत नहीं था। की दोनो लड़कीयों से ये अकेला एक साथ मुकाबला कर सके, लेकिन इस बार कमल अपने लिए ज्यादा पॉजीटीव था। शरीर को चुस्त दिमाग दुरुस्त कर के आया था। वो अपने दिमाग के घोड़े को तेज गती से दौड़ाने लगा था। वो मन हीं मन सोच लिया था की इन दोनो लड़कियों से एक साथ मुकाबला करना आसान नहीं है। इस लिए वो एक प्लान तैयार किया था कि,ये दोनो को किसी तरह अलग करना पड़ेगा। नहीं तो फिर इन दोनो के हाथों मार खाना पड़ सकता है।
” रूक जा शाली, मैं तुम दोनो को अभी बताता हूं।”
बोलते हुए कमल राधा को एक जोरदार थप्पड़ मार देता है। थप्पड़ खा कर राधा सीधे फर्श पर जा गिरती है।राधा सम्भल पाये उस से पहले कमल के पैर राधा के कमर पर पड़ता है। चोट इतनी जोर की लगी की राधा की चीख निकल गई थी। रूपा का हांथ कमल नहीं छोड़ा था इसका भी कारण है। आपने देखा नहीं कि, थोड़ी देर पहले रूपा कैसे कमल की बैण्ड बजाई थी। यही कारण था कि कमल राधा पर अटैक कर रहा था। और रूपा पर कंट्रॉल बनाना चाह रहा था। दो चार लात और राधा को मारता है। राधा बेहोश हो जाती है।अब बारी थी रूपा की।
” शाली हरामजादी,तुने मुझे मारा था। अब रूक मैं तेरा क्या हाल करता हूं।”
कमल अपना दांत पीस कर रूपा से बोला था।
” क्या करेगा तू मेरा,हां, इतना जल्दी भुल गया की मैं तेरा क्या हालत किया था।”
रूपा कमल पर गुस्से से चिल्लाते हुए जोर से बोलती है।और कमल के घुटने के नीचे पैर पर एक जोरदार लात मार देती है। कमल दर्द के मारे कराह देता है।
‘ आ आ आ ह “
रूपा इतना हीं पर नहीं रूकती है। कमल जो रूपा के दोनो हांथ पकड़े हुए था। रूपा तेज झटके के साथ अपना एक हांथ कमल के पकड़ से आजाद करा चुकी थी। आजाद हीं नहीं ताबड़ तोड़ छः सात चमाटे भी लगा चुकी थी। ऐसा लग रहा था अब सिचुएशन पुरी तरह से रूपा के कंट्रोल में आ गयी थी। राधा अभी भी फर्श पर बेहोश परी थी। रूपा सोच रही थी की, अगर हमें राधा दीदी को सेफ करना है। तो इस कमल रूपी रावण को एक अच्छा सा सबक सीखाना हीं पड़ेगा। वो दुबारा पैर से अटैक करना चाहती थी। जैसे हीं वो अपना पैर अटैक करने के लिए उठाई एक जोर दार मुक्का उसकी सीना पर आ कर लगी मुक्के का भार इतना जबर्दस्त था। रूपा हिल गई थी। दर्द इतना तेज हुआ की रूपा दर्द के मारे कांप गई थी। रूपा का शरीर थर थर कांपने लगा था। इसी वक्त का कमल फायदा उठाया। रूपा के कान के बगल में लगातार थप्पड़ मारा जिससे रूपा और लाचार हो गई थी। होती भी क्यों नहीं इतनी मार जब किसी लड़के को पर जाए तो वो हिल जाये फीर भी ये तो एक लड़की थी। वो भी 17 वर्ष की
‘ अब मैं तुझे बताउंगा कि मुझ पर हांथ उठाने का अंजाम क्या होता है।”
कमल रूपा पर चिल्ला कर बोला था। रूपा को बहुत ज़ोर कि दर्द हो रही थी। वो कुछ बोली नहीं सिर्फ कमल को गुस्से से देखती रही।
” बहुत ज्यादा उर रही थी तब से, अब दिखा अपनी ताकत और स्टाइल “
कमल बोलते हुए रस्सी हांथ में उठा लेता है। और रूपा के कमर में रस्सी लपेटा देता है। दोनो हांथ पीछे करके रूपा का हांथ रस्सी से बांध दिया था। और उसे बाल से खींचते हुए एक बैंच पर ले जाकर बिठा दिया था। इतने में राधा को होश आने लगा था। उसके हांथ पैर हिलने लगे थे। राधा का आंख धीरे धीरे खुलता है। और राधा की नजर बंधी हुई रूपा पर पड़ती है। वो सहम जाती है। और वो मन में सोचने लगती है। की रूपा कितनी अच्छी है। उसने मेरे लिये अपनी जान की बाजी लगा दी है। शायद इस जगह मेरी अपनी सगी बहन भी होती तो शायद ये सब नहीं करती वो अपनी जान की परवाह किए बगैर हमारा साथ दे रहीं है। कमल से लड़ रही है। ये सब सोच सोच कर राधा रूपा पर प्राऊड फील कर रही थी। और उसके आंख में आंसू आ गई थी ! वो हिम्मत कर के उठ कर बैठती है।
” कमल ये क्या हरकत है तुम्हारा, तुमने रूपा को बांध क्यों रखे हो खोल,खोल, खोल कमीने मेरी बहन को।”
राधा कमल को गुस्से से हुई अपनी लाल आंख दिखाते हुए बोली थी।
” अच्छा, तो तुम होश में आ गई हो। रूक मैं आता हूं। तेरी भी खबर लेने।”
.बोलकर कमल राधा के पास आता है। राधा कुछ कर पाती उससे पहले कमल उसकी कमर में रस्सी लपेट चुका था । कमल राधा को एक हांथ खुला छोड़ कर बाकी कमर और एक हांथ को बांध दिया था। कहानी का अगला भाग और मजेदार होने वाली है। तो पढिए पुरी कहानी केवल , नमस्ते स्टोरी वर्ल्ड डॉट कॉम पर।
नमस्ते स्टोरी वर्ल्ड के लेखक। पाठकों के लिए मनोरंजक और दिल को छू लेने वाली हिंदी कहानियाँ लिखना पसंद करता हूँ।आपका स्वागत है नमस्ते स्टोरी वर्ल्ड में धन्यवाद 💐💐🌹🌹

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