कुछ तो है

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राधा और रूपा का इंतजार  करते करते  शीला और चांदनी को बहुत देर हो जाती है तो परेशान होकर दोनो सहेली क्लास के रूम के तरफ भागती है….शीला के क्लास वाले बिल्डिंग से मीटिंग हॉल बीच में चार बिल्डिंग छोड़कर थी ! दोनो तेजी से दौर कर अपने क्लास रूम पहुंच जाना चाहती थी।

” क्या हुआ नही हुआ एक बार फोन करके भी बता देती..”

शीला बोली बोलते हुए शीला हांफ भी रही थी। तेजी से दौड़ने से शीला के सांस  चढ़ गई थी। यही हाल चांदनी की भी थी।

” हां उसे कॉल कर लेना चाहिए.”

चांदनी बोली और अपना मोबाईल अपने जेब से निकालने लगी….

” मैं ही कर लेती हूं कॉल रूको शीला ऐसे में तुम बीमार पर जाओगी……चांदनी बोली और रूक गई…

“.मेरी छोड़ो पहले उसको फोन लगाओ जल्दी”

शीला बोलकर वो भी रूक जाती है ! चलते चलते दोनो तीन बिल्डिंग क्रोस कर गई थी ! अब दोनो की चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई थी ! “ना जाने क्या हुआ है उन दोनो के साथ क्लास में कोई स्टूडेंटस भी नहीं थे “

 चांदनी बोलकर नम्बर डायल कर दी थी ! रिंग होने लगी थी अब दोनो कॉल रिसीव होने का इंतजार करने लगी थी। फुल रींग होने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं होती है ! 

“नही उठाई”

शीला चांदनी को मायूसी से देखी और बोली..

” नही”

चांदनी बोली।

” रूपा के नम्बर पे लगाओ कॉल “

शीला बोली शीला का दिल बैठा जा रहा था ! सेम कंडिशन से चांदनी भी गुजर रही थी।

” हां हां लगाती हूं “

 चांदनी बोली और स्क्रोल डाउन करने लगी चांदनी और शीला के चेहरा साफ उतर गया था ! ऐसा लग रहा था अब रो देगी दोनो ! फोन लगाकर अपने कान मे सटा लेती है ! चांदनी और शीला एक दूसरे को देख रही है। और मन हीं मन दोनो सोच रही थी की

 कुछ तो है..

 

क्लास रूम

 

” देखो कमल मुझे जाने दो तुम्हारी ये हरकत मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है ! दीदी वेट कर कर के परेशान हो गई होंगी….राधा बोली और कमल के हांथ से अपना हांथ को झटक कर झटका मार कर छुड़ाना चाहा पर पकड़ इतनी मजबूत थी की छुड़ा नहीं पाई…

” अरे मेरी जान, तुम्हें छोड़ने के लिए थोड़े हीं ना पकड़ा हूं ! बहुत दिन से तुम्हे पकड़ना चाह रहा था पर तुम तो हांथ हीं नही लगती थी आज जब मौका मिला है तो तुम नखरा हीं ज्यादा करने लगी है ” कमल बोलता है…..

” कुत्ते हरामजादे छोड़ मेरी बहन को छोड़ कमीने छोड़..”

रूपा बहुत गुस्से मे कमल से बोलती है.।

” तुम क्यों फड़ फड़ा रही है तुम्हें मैं कुछ नहीं करूंगा तुम बस शान्ती से तमाशा देखती जा “

कमल रूपा को डांटते हुए बोला था।

” कमीने करेगा तो तब जब तू कुछ करने के लायक बचेगा, तब ना ..हमें बांधकर हिरो बन रहा है।अगर इतना हीं पावर है तुझमें तो खोल के दिखा मुझे फीर मैं बताती हूं की तू कहां का हिरो है ” बोलकर रूपा कमल को ललकारी ! बंधी तो राधा भी थी ! लेकिन राधा का एक हांथ कमल खोल रखा था ! जीसे पकड़ कर राधा को कमल बार बार अपने से चिपकाने की कोशिश करता रहता था ! 

” देख राधा आज तुम्हें मुझसे कोई नहीं बचा सकता है ! चाहे तुम जितनी भी कोशिश कर लो “

कमल घमंड में चुर होकर राधा से बोला था ! 

” तुम बिल्कुल भी ठीक नहीं कर रहे हो कमल, मैने क्या बिगाड़ा है तुम्हारा जो तुम मेरे साथ ये सब कर रहे हो। देखो खोल दो हम दोनो को और जाने दो हमें,कहीं ऐसा ना हो की तुम्हें बाद में चलकर पछताना पड़े”

राधा कमल को समझाते हुए बोली थी।

” नहीं मैं तुम्हें आज ऐसे कभी नहीं जाने दुंगा,आज तुम्हे मेरी होनी पड़ेगी “

कमल राधा को गुस्से से देखते हुए बोला था। 

” तेरी इतनी मजाल की तू दीदी से इस तरह बात करेगा “

रूपा बात आगे बढाते हुए फिर बोली…

” अपनी शक्ल देखा है कभी आईने में बड़ा आया है मेरी दीदी का लवर बनने वाला “

बोलकर रूपा अपने बदन को गुस्से में कस मसाने लगती है ! 

” देख कमल मैं तेरी शिकायत प्रिंसीपल मैम से करूंगी अगर मेरी बात नहीं माना तो”

राधा कमल को समझाने कि कोशिश की

” हरामजादी अभी तक तेरी गर्मी शांत नही हुआ है ! बहुत उछल रही है ना रूक अब मैं तुम्हें ऐसे नहीं छोड़ूंगा अब तेरा रेप होगा “

कमल दांत पीसकर गुस्से से आंख लाल करते हुए बोला था ! रेप का नाम सुनकर राधा और रूपा दोनो बहुत घबरा गई थी !

दोनो मन हीं मन सोच रही थी की कहां फस गई मैं  वे दोनो फोन भी नहीं कर सकती थी की शीला और चांदनी उन दोनो को मदद कर सके इन दोनो के फोन कमल छीन कर साइलेंट मोड में डालकर अलग रख दिया था ! कमल का नजर काफी समय से राधा पर था ! वो राधा को चाह रहा था ये बात अलग है की कभी भी कमल राधा को सामने से प्रपोज नहीं किया था ! राधा भी कभी इस बात को नोटिस नही किया था ! वैसे भी राधा प्यार मोहब्बत के लफड़े से दूर हीं रहना चाहती थी ! बस उसका मकसद था की पढाई लिखाई कर के अपना फ्यूचर बनाना उसको इन सब से कोई भी मतलब नहीं था। कमल भी अपने दिल में राधा को बसाये एक तरफा मोहब्बत लिए घुम रहा था। वो राधा को बताने वाला था की वो उससे प्यार करता है ! कई बार बात करने की कोशिश किया भी पर नहीं कर पाया था। क्यों की राधा कभी अकेली रहती हीं नहीं थी। चारो सहेलियां हमेशा साथ रहती थी कॉलेज में ! इसी लिए कमल को मौका नहीं मिल पाता था ! आज मीला भी तो सिच्यूशन हीं कुछ अलग बन गई थी। अब आप कहेंगे की ये क्लास रूम में कैसे पहुंचा तो बता दें दर असल कमल राधा और रूपा को मैन गेट से हीं पिछा कर रहा था ! जब देखा वो दोनो क्लास रूम में गई है तो पिछे पिछे कमल भी क्लास रूम में चला गया था। जब राधा और रूपा ने देखा तो 

” तुम,तुम यहां क्या कर रहे हो कमल?”

.राधा कमल को उंगली से प्वाइंट  करते हुए बोली थी 

” मैं, मैं यहां तुमसे मिलने आया था।”

 कमल बोला और दोनो के पास आकर बैंच पर बैठ गया था ! 

” तुम जाओ यहां से हम लोग भीं जा रहें हैं मीटिंग हॉल में “

रूपा कमल से बोली और उठने लगी…

” ठिक है तुम जाओ, हमे राधा से अकेले में कुछ बात करना है।”

कमल रूपा से बोला था।

क ,क क्या क्या, बात करना है तुमको मुझसे?”

 राधा हकलाते हुए आशचर्य से कमल को देख कर बोली थी।

” राधा रूको ना थोड़ी देर बात कर लो फीर चली जाना “

 कमल राधा से बोला और मुस्कुराने लगा…

” नही मुझे नही करनी है तुमसे कोई भी बात तुम चले जाओ यहां से  “

.राधा कमल पर चिल्लाते हुए बोली थी।

” हां तुम जाओ यहां से मैं बोल देती हूं नहीं तो अच्छा नहीं होगा “

रूपा गरज कर बोली..

” तुम लोग बेकार में ऐसी बातें कर रही हो “

कमल शांत होते हुए बोला था !

”  मैं कहती हूं ना तुम जाओ यहां से तो जाओ मुझे परेशान मत करो “

राधा बोली और उठकर जाने लगी…

अरे खा म खा तुम लोग हाइपर हो रही हो कुछ भी ऐसी वैसी बात नही है “

कमल दोनो को देखते हुए बोला था।

” चलो ठिक है, तो हम दोनो जा रहे हैं। ठिक है, तुम बैठो क्लास रूम में “

राधा बोली और उठकर जाने लगी…. आगे की कहानी पढ़िए अगले भाग में ….

 

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