जिसे चाहा था अपनी जान से भी ज़्यादा,
वही आज अनजान सा लगता है,
जिसके बिना एक पल भी मुश्किल था,
आज उसके बिना जीना आसान सा लगता है।
जिसे चाहा था अपनी जान से भी ज़्यादा,
वही आज अनजान सा लगता है,
जिसके बिना एक पल भी मुश्किल था,
आज उसके बिना जीना आसान सा लगता है।

हमने तो मोहब्बत में अपना सब कुछ हार दिया,
उसने बस मुस्कुराकर हमें किनारे कर दिया,
जिसे समझा था अपनी ज़िंदगी की आख़िरी मंज़िल,
उसने हमें रास्ते में ही छोड़ दिया।