रिश्तों के
दलदल से,
कैसे निकलेंगे…
😶 जब हर
साज़िश के पीछे,
अपने निकलेंगे..!!
❤️🩹💔❤️🩹
रिश्तों के
दलदल से,
कैसे निकलेंगे…
😶 जब हर
साज़िश के पीछे,
अपने निकलेंगे..!!
❤️🩹💔❤️🩹
इंसान को
यूँ ही मतलबी
नहीं कहा जाता,
उसे अपने
सुख से ज़्यादा,
दूसरे के दुःख में
मज़ा आता है।
कुछ पीड़ाएं चीखने की इजाजत नहीं देती…🤫
*उन्हें मौन रहके ही स्वीकारना पड़ता हैं..!!!😔*
न्यायालय में दोनों पक्षों को
सच पता होता है
असल में तो जज कटघरे में होता है।
(बात बहुत गहरी है… 🥹)