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टैग: प्यार भरी कविता

  • सिर्फ थोड़ी सी मोहब्बत 💞💞

    सिर्फ थोड़ी सी मोहब्बत 💞💞

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    सिर्फ थोड़ी सी मोहब्बत 💞 💞 

    निगाहों में निगाहें तुम संग मिलानी है,

    जो बात होंठों से हो ना सकी ,

    धड़कनों से बातें करते हुए सपनों में लानी है,

    मुझे ज्यादा न सही थोड़ी सी ही सही,

    सिर्फ थोड़ी सी मोहब्बत तुम संग निभानी है…।।

    हाथों को तुम्हारी बाहों में समेट दिया 

    जन्मभर के लिए यह विश्वास सबको दिलानी,

    तुम से ही शामें मेरी सारी हैं,

    ये एहसास कराती सांसों को काबू में रखकर

    हसीन ख्वाब के साथ सपने सजाती 

    आंखों को बेआवाज बहाना है ,

    खुद के लिए सिर्फ #मेरे लिए हो तुम #

    ये आसमान पर लिखते जाना है ,

    सिर्फ थोड़ी सी मोहब्बत ही सही

    तुमसे ही प्यार की कहानी लिखती जानी है,

    #मैं तुम्हारे लिए #हर लम्हा जीते जी

    मर जाऊंगी बस मुझे अपने हिस्से में

    शामिल करना ये वादे मैं तुमसे चाहूंगी…

  • अधूरी मोहब्बत

    अधूरी मोहब्बत

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

     

    मोहब्बत की क्या बात करूँ,

    अधूरी ही सही, पर मेरे साथ है।

    दिन भर तुम यूँ दूर रहते हो,

    जैसे अपने काम में बहुत व्यस्त हो।

    शाम ढलते ही तुम्हारी याद यूँ आती है,

    जैसे तुम काम से लौटकर घर आए हो।

    जब भी बैठूँ एक कप चाय लेकर,

    तेरी मीठी-सी याद मुझे सताए।

    जब भी कुछ बनाने का सोचूँ,

    सबसे पहले तेरी पसंद याद आए।

    रात जैसे-जैसे गहराती है,

    तेरी याद मुझे और रुलाती है।

    आँखें जब भी बंद करूँ,

    बस तेरा ही चेहरा नज़र आता है।

    आँसू भले ही आँखों में हों,

    पर होठों पर तेरी याद मुस्कान बन जाती है।

    अधूरी सही मेरी मोहब्बत,

    पर तेरी याद आज भी पूरी मेरी है

  • तेरी मेरी”

    तेरी मेरी”

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

     

    तेरी मेरी कहानी कुछ अधूरी सी है,

    पर इसमें भी एक मिठास पूरी  है।

    न मिले तो क्या हुआ हम दोनों,

    रूह की डोर अब भी जुड़ी है।

     

    तेरी हँसी में मेरी धड़कन में छिपी है,

    तेरी खामोशी में मेरी साँसें बसी है।

    तू दूर सही, पर एहसास पास है,

    तेरे बिना भी तू मेरे आस-पास है।

     

    तेरी मेरी राहें जुदा सही लगे,

    पर मंज़िल में अब भी तू ही बसी।

    हर शाम तेरे नाम से ढलती है,

    हर सुबह तेरी याद में खिलती है।

     

    ना वादा है, ना कसमें हैं,

    बस एहसासों की हल्की सरगम है।

    तेरी मेरी ये नज़रों की बात, कह न पाए,

    पर सब कुछ कह गई रात हैं।

     

    Lakshmi Kumari………….