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  • जय गुरु देव

    जय गुरु देव

    पढ़ने का समय : 2 मिनट

    आज की ये रात है भक्ति की,  

    आज का ये दिन है श्रद्धा की।  

    गुरु की महिमा गूँजे हर दिशा में,  

    गुरु का आशीष बरसे हर हृदय में।  

     

    गुरु वो दीप हैं, जो अंधकार मिटाते,  

    गुरु वो सागर हैं, जो सत्य सिखाते।  

    गुरु के चरणों में है जीवन का सार,  

    गुरु ही हैं हमारे पथ‑प्रदर्शक अपार।  

     

    आइए मिलकर करें गुरु का वंदन,  

    भक्ति से भर दें हर मन का आलोकन।  

    जय गुरु देव, जय गुरु देव,  

    गूँजे मंच पर यही स्वर नित्य देव।

     

    आइए गुरु शिष्य संवाद के आनंदित पलों का आनंद लें।😊

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, पढ़ाई बड़ी कठिन है,  

    गुरु मुस्काए – बेटा, यही तो जीवन का गहना है। 😊

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, नींद बहुत सताती है,  

    गुरु हँसे – ज्ञान की रोशनी ही जगाती है। 😂

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, सफलता कब आएगी?  

    गुरु बोले – जब मेहनत तेरे कदमों को सजाएगी। 😊

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, आपका आशीष चाहिए,  

    गुरु बोले – बेटा, तेरा विश्वास ही सबसे बड़ा उपहार है।😊

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, किताबें बहुत भारी हैं,  

    गुरु बोले – बेटा, ज्ञान ही सबसे प्यारी है। 😊

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, क्लास में नींद आती है,  

    गुरु बोले – बेटा, यही तो ध्यान की पहली सीढ़ी है। 😊

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, परीक्षा में क्या लिखूँगा?  

    गुरु बोले – बेटा, वही जो पढ़ाया है, वरना फिर सुनूँगा! 😊

     

    शिष्य बोला – गुरुजी, आपकी डाँट भी मीठी लगती है,  

    गुरु बोले – बेटा, यही डाँट ही तेरी जीत की सीढ़ी बनती है।😊

     

    गुरु ने कहा – पढ़ ले बेटा, वरना पछताएगा,  

    शिष्य ने कहा – WiFi नहीं है, नेट कहाँ से आएगा! 😂

     

    गुरु ने कहा – ध्यान लगा, मन को शांत कर,  

    शिष्य ने कहा – कर दें मोबाइल साइलेंट पर! 😂

     

    गुरु ने कहा – ज्ञान ही सबसे बड़ा धन है,  

    शिष्य ने कहा – लेकिन UPI से रिचार्ज भी ज़रूरी है! 😂

     

    गुरु पूर्णिमा पर सबने किया गुरु को प्रणाम, 🙏

    गुरु मुस्काए बोले – बेटा, अब कर दो Exam पास तमाम!😊

     

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    , अपने विचार रखें नीचे कमेंट में लिखकर 😊😂

  • गुरु की ज्योति

    गुरु की ज्योति

    पढ़ने का समय : 2 मिनट

    गुरु वो दीप हैं, जो तमस हर लेते,  

    ज्ञान की किरणों से जीवन भर देते।  

    उनके चरणों में है सारा संसार,  

    उनसे ही मिलता है सच्चा आधार।  

     

    गुरु वो वृक्ष हैं, छाया में सुकून देते,  

    धूप में भी ठंडक का एहसास देते।  

    उनकी वाणी अमृत सी बरसती,  

    हर शब्द में शिक्षा की गंध बसती।  

     

    गुरु वो सागर हैं, जिनमें सत्य की लहरें,  

    हर प्रश्न का उत्तर, हर मन की डगरें।  

    उनकी दृष्टि में करुणा का सागर,  

    उनके आशीष से मिटता है अंधकार।  

     

    गुरु पूर्णिमा का पावन दिन आया,  

    श्रद्धा का दीप हर मन में जलाया।  

    फूलों की वर्षा, भक्ति की धारा,  

    गुरु चरणों में समर्पित हमारा प्यारा।  

     

    गुरु से ही जीवन का अर्थ समझा,  

    गुरु से ही आत्मा का स्वर मिला।  

    गुरु वो सूरज हैं, जो कभी न ढलते,  

    उनकी रोशनी से सब पथ पलते।  

     

    जय गुरु देव, जय ज्ञान के दाता,  

    आपसे ही जीवन का हर पल निखरता।  

    आपकी कृपा से मन निर्मल होता,  

    आपकी छाया में संसार संवरता।

     

    गुरु वो दीपक हैं, 

    जो अंधियारे में राह दिखाते,

    ज्ञान की गंगा बनकर, 

    जीवन को पावन बनाते।

     

    गुरु वो छाया हैं, 

    जो हर दुख में सहारा देते,

    संस्कारों की ज्योति से, 

    मन को उजियारा देते।

     

    गुरु वो सागर हैं, 

    जिनमें सत्य की लहरें उठतीं,

    भ्रम के रेगिस्तान में, 

    आशा की नदियाँ बहतीं।

     

    गुरु वो पर्वत हैं, 

    अटल, अडिग, स्थिर खड़े,

    शिष्य के हर प्रश्न पर, 

    उत्तर के दीप जलाए खड़े।

     

    गुरु पूर्णिमा का दिन है, 

    श्रद्धा का उत्सव महान,

    गुरु चरणों में अर्पित है, 

    जीवन का सारा सम्मान।

    🙏🙏  जय गुरु देव  🙏🙏