अर्ज किया है,,
बिछड़े हुए लोग जब बुरे दौर से मिलेंगे
दर्द जब भी मिलेंगे चारों ओर से मिलेंगे!!
सुना है बहुत खुश है वो किसी ओर से मिल कर
आग तो तब लगेगी जब हम किसी ओर से मिलेंगे… 😎😎
NSW नया लेखक – 🥉
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
दिल से निकली हुई जज़्बात ज़िन्दगी में शायरी बनती है।

अर्ज किया है,,
बिछड़े हुए लोग जब बुरे दौर से मिलेंगे
दर्द जब भी मिलेंगे चारों ओर से मिलेंगे!!
सुना है बहुत खुश है वो किसी ओर से मिल कर
आग तो तब लगेगी जब हम किसी ओर से मिलेंगे… 😎😎
NSW नया लेखक – 🥉
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

आखिर कह ही डाला उसने
एक दिन…..
इस कदर टूटे हो बिखर क्यो
नही जाती हो…..??
कब तक निभाओगे ये
दर्द भरी जिंदगी…..??
किसी रात खामोशी से मर
क्यो नही जाती हो……?? 😭😭
NSW नया लेखक – 🥉
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

बके पास समान आंखें हैं लेकिन सबके पास समान दृष्टिकोण नहीं,
बस यही बात इंसान को इंसान से अलग करती है…देखने का नजरिया अपना अपना है वरना हर इंसान गलत ही नहीं होता… ✍️
NSW नया लेखक – 🥉
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏

ना दोस्त है ना दुश्मन हैं
हमसे लड़ता कौन ?
ना तूफान हैं ना सैलाब हैं
हमसे डरता कौन ?
ना ग़ालिब हैं ना प्रेमचंद हैं
हमको पढ़ता कौन ?
ना साँसे हैं ना धड़कन हैं
हम पर मरता कौन ?
NSW नया लेखक – 🥉
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
इस जिंदगी के सफर में
थकान बहुत हैं,
अपनों के अपनों पर यहां
इल्जाम बहुत है,
शिकायतों का दौर देखता हूं तो
थम सा जाता हूं,
लगता है उम्र कम है और
इम्तिहान बहुत है…🥹🥹
NSW नया लेखक – 🥉
जो हमसे दूर हुए..
हम भी उन्हें भूल गये… 🙏🙏
प्यार में पागल हुआ हूँ मैं,
दुनिया की राहें भूल गया हूँ मैं,
तेरी मुस्कान की रोशनी में,
अपना हर सवेरा ढूँढ गया हूँ मैं।
तेरी यादों की बारिश में भीगकर,
दिल ने हर दर्द को गीत बना लिया,
तेरे नाम की धड़कन सुनते-सुनते,
मैंने खुद को ही तुझमें सजा लिया।
लोग कहते हैं पागलपन है ये,
पर मुझे तो इबादत सा लगता है,
तेरी एक झलक के लिए ये दिल,
हर पल सजदा करता रहता है।
अगर ये पागलपन ही प्यार है,
तो मुझे ये जुनून मंज़ूर है,
तेरे साथ हो या तेरी यादों में,
मेरा हर लम्हा बस तुझसे भरपूर है। 💖

NSW. उभरते लेखक 🥈
चाहतों का ऊंचा मुकाम रखती हूं
शब्दो के जरिए अनेकों एहसास लिखती हूँ।