सिंघानिया विला ,
सिंघानिया विला में , आज सुबह से , ही बहुत ज्यादा चहल पहन थी।
मिसेज सिंघानिया अपनी बेटी की तरफ देखते हुए बोली , तुम खुश तो होना । आखिरकार तुम्हारी शादी , तुम्हारे पसंद के लड़के से हो रही है ।
नियति मुस्कुराते हुए बोली , मॉम मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं ।
आज फाइनली , मेरी और राज की शादी हो रही है ।
मिसेज सिंघानिया मुस्कुराते हुए बोली , आखिरकार 3 सालों बाद , तुम्हें तुम्हारा प्यार मिलने जा रहा है ।
यह सुनकर नियति मुस्कुराने लगी ।
मिसेज सिंघानिया ने अपनी बेटी की तरफ देखते हुए बोली , तुम जाओ और जाकर , इस शादी जोड़े को पहन लो ।
ये सुनते ही , नियति की नजर बेड पर गई , जहां एक बहुत खूबसूरत सा लाल रंग का लहंगा रखा हुआ था ।
नियति ने मुस्कुराते हुए , उस लहंगे को लिया और बाथरूम की तरफ चली गई ,,
वहीं मिसेज सिंघानिया ने अपने मन में बोली , पता नहीं मुझे क्यों . . . घबराहट हो रही है । राज और उसकी फैमिली तो , इस रिश्ते के लिए मान गई है । ।
फिर मुझे घबराहट क्यों हो रही है । मेरी बेटी को उसका प्यार मिल रहा है । ये बोलते हुए , मिसेज सिंघानिया बार-बार , खुद को दिलासा दे रही थी ।
करीब 1 घंटे बाद ,
नियति अच्छी तरह से तैयार होकर , अपने कमरे में बैठी हुई थी ।
वही नियति की सभी सहेलियां , उसे राज के नाम से परेशान कर रही थी । नियति बहुत ही ज्यादा खुश थी ।
आज फाइनली इतने सालों बाद , उसे उसका प्यार मिलते जा रहा है । ।
राज से नियति को स्कूल टाइम से ही प्यार था और आखिरकार कॉलेज में आते आते ,, राज ने उसे प्रपोज कर दिया ।।
आज नियति की जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल था । जब राज और वह पूरी तरह से एक हो जाएंगे । ये सोचते हुए , नियति शरमा रही थी ।
गार्डन एरिया
मिसेज सिंघानिया ने बारात का स्वागत किया । ।
राज मुस्कुराते हुए बोला , आंटी मेरी दुल्हन कैसी है ।। मिसेज सिंघानिया ने मुस्कुराते हुए बोली , थोड़ी देर बाद , खुद अपनी दुल्हन को देख लेना ।
ये सुनकर राज मुस्कुराते हो जाकर मंडप में बैठ गया । राज बहुत बेसब्री से बार-बार , इधर-उधर देख रहा था ।।शायद उसे नियति की एक झलक देखने को मिल जाए ।।
राज की फैमिली ने , राज को रस्मों का नाम देकर , 3 दिनों से , नियति का चेहरा भी देखने नहीं दिया ।।
राज ने खुशी से अपने मन में कहा , सच में , आज मैं बहुत खुश हूं । मेरा प्यार मेरा हो जाएगा । ये बोलते हुए , राज मुस्कुराते हुए , बस बेसब्री से नियति का इंतजार कर रहा था ।।
पंडित जी ने , मिसेज सिंघानिया की तरफ देखते हुए बोली , दुल्हन को बुलाइए ,, ।।
ये सुनकर मिसेज सिंघानिया से ज्यादा , राज बहुत ही ज्यादा खुश था । फाइनली वह नियति को देखेगा । ये सोचते हुए , राज मुस्कुराते हुए दरवाजे की तरफ देखने लगा । जिस तरफ मिसेज सिंघानिया नियति को लाने के लिए गई थी ।
करीब 10 मिनट बाद , मिसेज सिंघानिया नियति को लेकर गार्डन एरिया में आ गई ,, ।।
राज ने जैसे ही , नियति को देखा , वह देखता ही रह गया ।नियति देखने में बहुत ही ज्यादा खूबसूरत और प्यारी लग रही थी ।
नियति मुस्कुराते हुए , राज के पास बैठ गई ,
राज ने धीरे से उसके कान में कहा , सच में , आज तुम बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही हो ।
यह सुनकर नियति मुस्कुराते हुए बोली , तुम भी बहुत ही ज्यादा हैंडसम लग रहे हो । ये बोलते हुए , दोनों एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखने लगे ।
तभी पंडित जी ने नियति और राज की तरफ देखते हुए कहा , आप दोनों जयमाला के लिए , खड़े हो जाइए ।।
यह सुनकर नियति मुस्कुराते हुए , राज को देखने लगी ।
राज खड़ा हो गया और अपने हाथ को नियति की तरफ बढ़ाया ,,
नियति ने राज के हाथ को पकड़ा और उसके बगल में खड़ी हो गई ,,
दोनों एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे । वहीं चारों तरफ बस खुशी का माहौल था ।
सभी उनके ऊपर फूल बरसा रहे थे । ।
राज ने मुस्कुराते हुए कहा , आज से हमारी जिंदगी की नई शुरुआत है । My dear love. जल्द ही तुम मेरी wife. बन जाओगी ।
यह सुनकर नियति शर्माने लगी ।
राज ने नियति का हाथ पकड़ा और जैसे ही फेरे के लिए , एक कदम चला ही था । । अचानक से वहां पर , गोलियों की आवाज आने लगी ।
नियति और राज इससे पहले कुछ समझ पाते , एक गोली जाकर सीधे राज के सीने पर लग गई ,
राज सीधे जमीन पर गिर गया । नियति बस राज का नाम चिल्लाते रह गई ,
. . . . . . . . . . To be continue . . . . . . . . .
किसकी नजर लगी है । राज और नियति
की खुशियों को ,
क्या होने वाला है । राज और नियति के साथ ,
जानने के लिए , पढ़ते रहिए , मेरी स्टोरी the psycho.
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मुंबई ,