🔐 लॉग-इन या रजिस्टर करें  

टैग: #love#hindi#poem#dard#love

  • तुम लौट आओ🥹🫂

    पढ़ने का समय : < 1 मिनट

    तुम लौट आओ
    इतनी-सी ही तो इच्छा है,
    पर जाने क्यों
    यह इच्छा हर दिन
    एक लंबी प्रतीक्षा बन जाती है ।।

     

    दरवाज़ा खुलता है तो लगता है,
    शायद तुम हो…
    हवा आती है तो लगता है,
    शायद तुम्हारी आहट है…
    हर कदम की आवाज़ में
    मैं तुम्हें खोजता हूँ,
    हर शाम की खामोशी में
    तुम्हें पुकारता हूँ ।।

     

    तुम्हारे बिना
    यह घर घर नहीं लगता,
    दीवारें चुप हैं,
    खिड़कियाँ उदास हैं,
    और मेरी आँखें
    हर रास्ते पर
    तुम्हारा इंतज़ार करती हैं ।।

     

    कितनी रातें बीत गईं
    तुम्हारे लौटने की उम्मीद में,
    चाँद ढल गया,
    सितारे थक गए,
    पर मेरी प्रतीक्षा
    अब भी वहीं खड़ी है ।।

     

    कभी तो तुम्हें भी
    मेरी याद आती होगी..?
    कभी तो तुम्हारा मन भी
    उसी रास्ते पर मुड़ता होगा
    जहाँ से तुम गए थे…?

     

    लौट आओ…
    इससे पहले कि
    इंतज़ार की यह लौ
    मेरे भीतर ही जलकर बुझ जाए ।।

     

    लौट आओ
    क्योंकि तुम्हारे बिना
    मैं जी तो रहा हूँ,
    पर हर साँस में
    तुम्हें लौटाने की तड़प है ।।

     

    और अगर लौटना संभव न हो,
    तो बस इतना कर देना…
    किसी रात चुपके से
    मेरे सपने में आ जाना,
    मैं तुम्हें रोकूँगा नहीं…
    बस थोड़ी देर
    तुम्हारे पास बैठकर
    अपनी सारी अधूरी बातें
    पूरी कर लेना चाहता हूँ ।‌।

     

    Avatar photo

    Alka Singh

    NSW. – अनुभवी लेखक -🥇 चाहतों का ऊंचा मुकाम रखती हूं शब्दो के जरिए अनेकों एहसास लिखती हूँ।