करते हो इश्क़ भरी शायरी,
चलो हम भी इश्क़ भरी शायरी कर लें।
आँखों से आँखें, निगाहों से निगाहें चार कर लें।
ये दुनिया नहीं समझेगी हमारे दरमियाँ की बातें,
क्यों न आज फिर से प्यार भरी बातें चार कर लें।
करते हो इश्क़ भरी शायरी,
चलो हम भी इश्क़ भरी शायरी कर लें।
आँखों से आँखें, निगाहों से निगाहें चार कर लें।
ये दुनिया नहीं समझेगी हमारे दरमियाँ की बातें,
क्यों न आज फिर से प्यार भरी बातें चार कर लें।