एक छोटे से गाँव में संतोष नाम का लड़का रहता था।
वह बहुत सीधा, मेहनती और सबकी मदद करने वाला था। उसी गाँव में नीतू नाम की लड़की रहती थी। नीतू पढ़ाई में तेज और दिल की बहुत अच्छी थी।
दोनों की पहली मुलाकात गाँव के मेले में हुई।
संतोष अपने दोस्तों के साथ घूम रहा था और नीतू अपनी सहेलियों के साथ आई थी। अचानक भीड़ में नीतू का दुपट्टा हवा में उड़ गया। संतोष ने तुरंत पकड़ लिया और मुस्कुराकर उसे वापस दे दिया।
नीतू ने धीरे से कहा—
“धन्यवाद…”
बस वहीं से दोनों की कहानी शुरू हो गई। ❤️
धीरे-धीरे दोनों रोज़ बात करने लगे।
कभी खेतों के रास्ते, कभी स्कूल के पास, तो कभी मंदिर के बाहर उनकी मुलाकात हो जाती थी।
संतोष नीतू का बहुत ख्याल रखता था।
अगर नीतू उदास होती, तो वह उसे हँसाने की पूरी कोशिश करता।
एक दिन संतोष ने हिम्मत करके कहा—
“नीतू, मैं तुम्हारे बिना अपनी जिंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकता।”
नीतू मुस्कुराई और बोली—
“मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, संतोष।”
लेकिन उनकी राह आसान नहीं थी।
घरवालों को यह रिश्ता पसंद नहीं था। दोनों ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने सपनों के लिए मेहनत की और अपने परिवार को समझाया।
आखिरकार दोनों परिवार मान गए और संतोष और नीतू की शादी पूरे गाँव में धूमधाम से हुई। 🎉❤️
सीख:
सच्चा प्यार हमेशा धैर्य, भरोसा और सम्मान मांगता है।