टैग: प्यार दर्द रोमांस

  • 💞💞प्यार का नशा.. 💞💞पार्ट 5

    💞💞प्यार का नशा.. 💞💞पार्ट 5

    पढ़ने का समय : 3 मिनट

    कहानी अब आगे,

     

     

    अमानत, ” नहीं अंकल ऐसा मत कहिये मे आपका एक एक रुपया दे दूंगी बस कुछ समय और दे दीजिये मुझे बस काम मिलने ही वाला है आप मेरी बात को समझने की कोशिश कीजिये, आप यहाँ से निकाल देंगे तो मे कहा जाउंगी pls अंकल ऐसा मत करिये!”

     

    मकान मलिक, ” मे तो ऐसा ही करूँगा बहुत झेल लोया तुम दोनों का नतक अब अभी के अभी निकलो मेरे घर से पेसो की तो उम्मीद ही नहीं है तुम फातिचरों से निकलो मेरे घर से,

     

        ये कहते हुए मकान मालिक अपन कुछ गुंडों को घर खाली करवाने का इशारा करता है,

     

    अमानत बार बार हाथ जोरती है की उसे कुछ समय दे दे वो कुछ न कुछ कर लेगी उसे जॉब मिल जायेगा पर उसकी एक भी नहीं सुनी जाती है,

     

    आखिर मे अमानत और उसकी छोटे से भाई व्योम लो सामान के साथ बाहर फेक दिया जाता है और वाह से जाने लो कह दिया जाता है,

     

    अमानत के पास और कोई भी ऑप्शन नहीं रहता है तो उसे जाना ही परता है पर कहा जाय क्या करें उसे कुछ भी समझ नहीं आता है, वो अपने भाई के सामने ये सब नहीं दिखा सकती थी इसीलिए वो कहती है की वो इससे भी अच्छे घर मे जाएगी और सब ठीक हो जायेगा व्योम को सब कुछ दिलवाने का उसका जो सपना था वो एक ही पल मे टूट जाता है |”

     

    बिच सरक पर चलते हुए उसके भाई को प्यास लग जाती है, अमानत के पास बोटोल नहीं रहता है जिस कारण ओ परेशान हो जाती है और यहाँ वहा ढूंढती है, तभी उसे एक ठेले वाला दिखाई देता है और वो उससे पानी लेके अपने भाई व्योन को पिलाती है |”

     

    अमानत, ” तू ठीक है न व्योम? “

     

    व्योम, ” हाँ दीदी मे ठीक हु आप जब तक हो मुझे क्या होगा पर मे आपके लिए बोझ सा हो गया हु न आपको मेरे लिए कितना परेशान होना परता है न पता नहीं मे कब आपकी मदद के लिए बनूँगा सायद अंकल न सही कहते है मे न कामचोर हु तभी तो मे आपके दूँखों का कारण बन गया हु |”

     

    अमानत, ” नहीं नहीं व्योम ऐसा कुछ भी नहीं है तू ये सब मत सोच देख भगवान जब एक दरवाजा बंद करते है न तो उन्होंने पहले ही दूसरा दरवाजा सोच रखा होता है, तू देखना सब सही हो जायेगा तू बस अपने मन से न ये सबा वहम निकल दे समझ!”

     

    व्योम, ” आप सच कह रही है दीदी!”

     

    अमानत, ” तो ज्या तेरी बहन क्या तुझसे झूठ कहेगी भला!!

     

    अमानत अपने भाई को समझा देती है पर उसे खुद कुछ समझ नहीं आता है की आखिर अब करें क्या,

     

    अमानत, ” अच्छा रुक तू यही पर मे तेरे लिए कुछ खाने को लाती हु तुझे भूख लग गया होगा न,

     

    व्योम दीदी की बात पर सर हिला देता है क्युकी उसे सच मे भूख लग गयी थी, अमानत जैसे ही कुछ खाने को लाने के लिए ठेले के पास जाती है की तभी व्योम की नजर सड़क पर परी एक बेलून पर जाता है और वो उसे लेने के लिए बिच सड़क पर चला जाता है |”

     

     

    … to be continue…

  • 💞💞प्यार का नशा…💞💞 पार्ट 4

    💞💞प्यार का नशा…💞💞 पार्ट 4

    पढ़ने का समय : 3 मिनट

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    •  

    रिशाल के चेहरे पर थकान के निशान कम होने लगते हैं और वह आराम से बैठ जाता है। वरुणा अग्निहोत्री की देखभाल से वह अपने तनाव को भूलने लगता है।

    वरुणा अग्निहोत्री रिशाल के माथे की मालिश करती हैं और कहती हैं, “देखो, बेटा। माँ का प्यार कितना अच्छा होता है। तुम्हें कभी भी अपनी माँ की देखभाल की जरूरत नहीं होती।”

    रिशाल मुस्कराता है और कहता है, “हाँ, माँ। तुम सबसे अच्छी माँ हो।”

    वरुणा अग्निहोत्री रिशाल के चेहरे को देखती हैं और मुस्कराती हैं। वह रिशाल के माथे को चूम लेती हैं और कहती हैं, “मेरा बेटा मुझे सबसे प्यारा है।” सबका ख्याल रहता है इसको और सबकी फ़िक्र भी रहती है, रभी तो मेरा बेटा सबसे अच्छा है इस दुनिया मे जो किसी के आँखों मे आंसू भी नहीं आने देता है |”

    माँ की बाते सुन कर RA को अमानत के आंसू याद आ जाते है उसे याद आ जाता है की आज ही तो वो किसी के दर्द के कारण बना था |” 

    रिशाल को अपनी माँ का प्यार और लाड मिलती है, लेकिन उसका मन जो अमानत के आँखों के आंसू को सोचता है, वह सोचता है कि क्या वह अमानत से मिलने के लिए जा सकता है,

    वरुणा अग्निहोत्री रिशाल के चेहरे को देखती हैं और प्यार से पूछती हैं, “बेटा, आखिर बात क्या है? तुम इतना टेंशन में क्यों लग रहे हो? तुम्हारी माँ हूँ, तुम मुझे कुछ भी बता सकते हो।”

    रिशाल: (हिचकिचाते हुए) “कुछ नहीं, माँ। बस काम की तनाव है।”

    वरुणा अग्निहोत्री: (प्यार से) “नहीं, बेटा। तुम मुझे नहीं बता सकते कि यह सिर्फ काम की तनाव है। तुम्हारी आँखें बता रही हैं कि कुछ और है। तुम्हारे दिल में क्या है, बताओ मुझे।”

    रिशाल: (माँ की बात सुनकर) “माँ… मैं नहीं जानता कि मैं क्या कहूँ।”

    वरुणा अग्निहोत्री: (प्यार से) “बेटा, तुम मुझे कुछ भी बता सकते हो। मैं तुम्हारी माँ हूँ। मैं तुम्हें कभी भी निराश नहीं करूँगी। तुम्हारे लिए मैं हमेशा यहाँ हूँ।”

    रिशाल वरुणा अग्निहोत्री की बात सुनकर अपने दिल की बात बताने की सोचता है, लेकिन वह अभी भी हिचकिचाता है…

    क्या Ra बता पायेगा अपने माँ को अपने दिल मे हो रही इस हलचल को??

    क्या वरुणा अग्निहोत्री करेंगी सपोर्ट अमानत को??

    क्या Ra मागेगा माफ़ी अमानत से??

    क्या होगा अमानत का रिएक्शन?? 

    ( मकान मालिक), अमानत के किराये का घर, सुबह के 10:00 बजे,

    मकान मालिक, ” दरवाजा खोलो, कामचोरो… अभी तक क्या सोये हुए हो… मेरा पैसा दो कब से आ आकर थक चूका हु या तो पैसा दो या फिर अपने कामचोर भाई को लेके यहां से दफा हो जाओ!”

    अमानत दरवाजे पर आवाज़ सुन अपने भाई को कहती है, ” तू फ़िक्र ना कर सब सही हो जायेगा ये अंकल तो ऐसे ही कहते है हमेशा तुम ये खाना खत्म कर और स्कूल के लिए तैयार हो जाओ मे बात कर के आती हु ठीक है |”

    व्योम, ” ठीक है, दीदी,

    अमानत दरवाजा खोल बाहर आ जाती है और दरवाजे को लगा देती है,

    मकान मालिक, ” ये लो आ गयी कामचोर भाई की बहन जिसे करना तो कुछ नहीं है बस बहाना जितना बनवा लो आज न कोई भी बहाना नहीं चलेगा मुझे मेरा किराया चाहिए तो चाहिए वरना ये बोरिया बिस्तर लेके यहां से दफा हो जाओ अभी के अभी मुझे दूसरा किरायदार मिल गया है जो तुमसे ज़्यदा ही पैसे देने को तैयार है, और समय पर भी देने को तैयार है समझी ..

    .. to be continue…